रणजीत सिंह हत्याकांड: सीबीआई वकीलों ने दी दलील, लोगों ने भगवान की तरह पूजा, हत्या-बलात्कार करने वाले को मिले फांसी
अदालत ने सुनवाई करते इस मामले में 18 अक्तूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया। सीबीआई की विशेष अदालत में सुबह 10 बजे से बहस शुरू हो गई थी। दोपहर एक बजे बहस चलने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में राम रहीम की तरफ से अर्जी दाखिल की गई।
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भक्तों और लोगों ने डेरामुखी राम रहीम को भगवान की तरह पूजा है। राम रहीम सिंह ने लोगों से विश्वासघात कर साध्वियों का बलात्कार और यौन शोषण किया है। डेरा मैनेजर रणजीत सिंह ने जब इस बात का विरोध किया तो उनकी हत्या कर दी। हत्या और बलात्कार के मामले में राम रहीम तीसरी बार दोषी करार दिया गया है। डेरामुखी की तरफ से बार-बार यह अपराध दोहराया गया है। इसलिए उसे उम्रकैद की जगह फांसी की सजा दी जाए। सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए सीबीआई के विशेष वकील एचपीएस वर्मा और सीबीआई के वरिष्ठ वकील केपी सिंह की तरफ से यह दलील दी गई।
दोनों सीबीआई के विशेष वकीलों की तरफ से यह दलील आठ पेज की सजा कम करने की अर्जी दाखिल करने के बाद सुनवाई के दौरान सीबीआई की विशेष अदालत से कही।
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अदालत ने सुनवाई करते इस मामले में 18 अक्तूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया। सीबीआई की विशेष अदालत में सुबह 10 बजे से बहस शुरू हो गई थी। दोपहर एक बजे बहस चलने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में राम रहीम की तरफ से अर्जी दाखिल की गई। अर्जी दाखिल करने के बाद इस पर सुनवाई हुई।
इस दौरान बचाव पक्ष के वकील की तरफ से दलील दी गई कि राम रहीम को फंसाया गया है। उनका इसमें कोई दोष नहीं है। उन्होंने समाज के लिए अच्छे काम कर कुरीतियों को दूर किया है। इसलिए उन्हें कम से कम सजा दी जाए और उनकी सजा को माफ कर दिया है। बचाव पक्ष और सीबीआई की ओर से पेश वकीलों की दलीलों पर अदालत ने कई घंटे सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट में भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं इस मामले के गवाह खट्टा सिंह भी कोर्ट में मौजूद रहे।