इमारत से नहीं, कुर्सी से कूदते हैं एक्टर, अब पंचकूला में भी सीख सकते हैं वीएफएक्स के ये कमाल
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ऊंची-ऊंची इमारतों से कूदते अभिनेताओं को आपने जरूर देखा होगा, पर क्या आपको लगता है कि यह एक्टर ऊंची इमारतों से वास्तव में कूदते हैं। जी नहीं, यह कमाल है वीएफएक्स का। अब हॉलीवुड और बॉलीवुड में दिखाई देने वाले वीएफएक्स के एक्सपर्ट पंचकूला में भी मौजूद हैं।
वीएफएक्स यानी विजुअल इफेक्ट में बैकग्राउंड से लेकर हर एंगल बदला जा सकता है। पंचकूला में विजुअल इफेक्ट के जानकार बताते हैं कि विजुअल इफेक्ट बनाने के लिए कंप्यूटर के बड़े सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है। कुछ लोगों को लगता है कि फिल्म शूट होने के बाद विजुअल इफेक्ट की आवश्यकता होती है लेकिन ऐसा नहीं है।
पंचकूला के विजुअल इफेक्ट एडिटर अखिल यादव ने बताया कि किसी भी विजुअल इफेक्ट को देने के लिए पहले उसके अनुसार शूटिंग की जाती है। मसलन, एक व्यक्ति को ऊंची इमारत के ऊपर हाथ रखकर खड़ा हुआ दिखाना है तो पहले उस व्यक्ति को क्रोमा (हरे या नीले रंग का पर्दा) के साथ किसी मेज के ऊपर हाथ रखकर खड़ा कर देते हैं। उसके बाद इस इमेज को हटाकर उसकी जगह पर इमारत को फिट कर देते हैं। यही तकनीक इमारत से कूदने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
विजुअल इफेक्ट की वजह से ही फिल्मों के बजट में कमी आई है। वरना पहले, ज्यादातर फिल्मों में मारधाड़ के सीने के लिए क्रेन और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता था। अब ऐसा नहीं रह गया है। विजुअल इफेक्ट एडिटर रमेश बताते हैं कि कई बड़ी फिल्मों मसलन, रा-वन और क्रिश में भी इसका उपयोग किया गया।
वीएफएक्स में बड़े एडिटिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी सीन को भव्यता दी जा सकती है। अखिल ने बताया कि वीएफएक्सके साथ ही सीजीआई भी महत्वपूर्ण होता है। इसके माध्यम से कंप्यूटर ग्राफिक्स इमेज बना ली जाती है। इसके माध्यम से स्पेस को भी तैयार किया जा सकता है और डायनासोर भी।
कैरियर बना वीएफएक्स
अब ज्यादा यूट्यूब वीडियो और फिल्में बनने के कारण वीएफएक्स की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। इसकी वजह से युवाओं को इसमें भी कैरियर नजर आ रहा है। इसी वजह से पंचकूला में करीब पांच ऐसे इंस्टीट्यूट भी खुल गए हैं जो वीएफएक्स की ट्रेनिंग देते हैं।
शानदार हैं कैरियर की राहें
विजुअल इफेक्टस के क्षेत्र में करियर की शानदार राहें हैं। फ्रेशर्स की स्टैंडर्ड सैलरी इसमें 15 हजार रुपये के ऊपर से ही शुरू होती है। जिसमें आगे जाने की संभावना ज्यादा है। इस फील्ड से जुड़ने के लिए प्रोफेशनल कोर्स आवश्यक है। कोर्स के साथ ही प्रैक्टिस से युवा अपनी स्किल्स साल भर में निखार सकते हैं। विजुअल इफेक्ट के तीन माह, छह माह व एक साल के सर्टिफिकेट कोर्स हैं। इसके लिए पंचकूला में दो साल का डिप्लोमा कोर्स भी है। इसमें वीडियो प्रोडक्शन, ग्राफिक्स डिजाइन, मोशन ग्राफिक्स, कैमरा ट्रैकिंग, फिल्म रेस्टोरेशन सिखाया जाता हैं।