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कैथल की नॉन मेडिकल छात्रा का साल खराब होने से बचा

Thu, 07 Oct 2021 02:06 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 02:06 AM IST
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Kaithal's non-medical student avoided a bad year
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ट्विटर हेंडल पर आई शिकायत का तत्काल समाधान होने से कैथल की नॉन-मेडिकल छात्रा असमीत कौर का साल खराब होने से बच गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर साढ़े 3 घंटे में छात्रा की समस्या हल कर दी गई।
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मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने बताया कि असमीत के पिता गुरमीत सिंह ने 30 सितंबर 2021 को 12:59 बजे मोबाइल नंबर 9813380060 से सीएमओ, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और सीबीएसई को ट्विटर पर शिकायत की। इसमें बताया कि बोर्ड फीस 2300 रुपये जमा करने की रसीद दिखाने के बावजूद ओएसडीएवी स्कूल, कैथल उनकी बेटी का 12वीं नॉन मेडिकल का बोर्ड पेपर के लिए नाम नहीं भेज रहा। उनका कसूर इतना है कि वह स्कूल की अवैध वसूली के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम कार्यालय ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। कैथल के जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करें। जिला शिक्षा अधिकारी ने सीएमओ को सूचित किया कि मामले को सुलझा दिया गया है।
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30 सितंबर शाम 6:48 बजे गुरमीत सिंह ने रि-ट्वीट में मदद के लिए राजभवन हरियाणा, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सीएमओ हरियाणा व शिक्षा मंत्री का समस्या का समाधान कराने के लिए शुक्रिया किया। उन्होंने कहा कि आपके सहयोग से अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए नई ऊर्जा मिली है। अगर बेटी का नाम बोर्ड को परीक्षा के लिए नहीं भेजते तो साल खराब हो जाता।
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सुनीता को दिलवाई 51,305 रुपये की छात्रवृत्ति
भूपेश्वर ने बताया कि हिसार के भारतनगर वार्ड नंबर 6 की निवासी सुनीता ने सीएम विंडो पर शिकायत की। उसने बताया कि वह कल्पना चावला कॉलेज, सिरसा रोड, चिकनवास में बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसने 2018-19 में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए फॉर्म भरा था और अब तक मुझे छात्रवृत्ति नहीं मिली। कॉलेज फीस जमा न करवाने पर नाम काटने का दबाव डाल रहा है। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने उच्चत्तर शिक्षा विभाग से विलंब के लिए जवाब मांगा। विभाग ने अपने जवाब में सूचित किया कि 51,305 रुपये की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप शिकायतकर्ता के बैंक खाते में जमा करवा दी है।
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