{"_id":"5d98f5028ebc3e93c816664f","slug":"judge-note-scandal-petition-to-renew-passport-panchkula-news-pkl3529149183","type":"story","status":"publish","title_hn":"जज नोट कांडः पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए दायर की गई याचिका, चार लोगों के दर्ज हुए बयान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जज नोट कांडः पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए दायर की गई याचिका, चार लोगों के दर्ज हुए बयान
Sun, 06 Oct 2019 01:30 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2019 01:30 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित जज नोट कांड में शनिवार को सीबीआई अदालत में रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव के दिल्ली के एक व्यापारी से 15 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान चार गवाहों वीके गुप्ता, आरके सिंह, गुरिंदरपाल सिंह और सीके भंडारी के बयान दर्ज किए गए।
5वें गवाह सुरिंदर सूद निजी कारणों से अदालत में नहीं पहुंचे। जज निर्मल यादव ने शनिवार को एक आवेदन दायर कर अपने पासपोर्ट को रिन्यू करने के लिए अनुमति मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी।
चार्जशीट के अनुसार 13 अगस्त 2008 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज निर्मलजीत कौर के घर दिल्ली के एक व्यापारी रविंदर कुमार की ओर से 15 लाख रुपये भेजे गए थे। जज ने इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस को दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि प्रकाश राम नाम के एक व्यक्ति ने पैकेट उन्हें दिया था।
विज्ञापन
चंडीगढ़ पुलिस के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई की जांच में सामने आया कि वह रुपये जज निर्मल यादव को देने थे। गलती से रुपये निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गए। उसके बाद सीबीआई ने प्रकाश राम को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
5वें गवाह सुरिंदर सूद निजी कारणों से अदालत में नहीं पहुंचे। जज निर्मल यादव ने शनिवार को एक आवेदन दायर कर अपने पासपोर्ट को रिन्यू करने के लिए अनुमति मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी।
विज्ञापन
चार्जशीट के अनुसार 13 अगस्त 2008 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज निर्मलजीत कौर के घर दिल्ली के एक व्यापारी रविंदर कुमार की ओर से 15 लाख रुपये भेजे गए थे। जज ने इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस को दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि प्रकाश राम नाम के एक व्यक्ति ने पैकेट उन्हें दिया था।
विज्ञापन
चंडीगढ़ पुलिस के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई की जांच में सामने आया कि वह रुपये जज निर्मल यादव को देने थे। गलती से रुपये निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गए। उसके बाद सीबीआई ने प्रकाश राम को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।