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जैन, जिले राम ने मांगी बी क्लास सुविधा
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 24 Sep 2013 02:06 AM IST
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करनाल के कंबोपूरा के पूर्व सरपंच करम सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पूर्व मंत्री ओपी जैन व पूर्व सीपीएस जिले राम शर्मा ने जेल में बी क्लास सुविधाएं मांगी हैं। सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में अर्जी दायर की और कहा कि वे दोनों एमएलए हैं और इंकम टैक्स जमा कराते हैं।
इस ग्राउंड पर पंजाब जेल मैनुअल के तहत उन्हें जेल में बी क्लास सुविधा दी जाए। बता दें कि बी क्लास में अन्य अपराधियों से अलग रखा जाता है। अच्छा खाना मिलता है और सोने के लिए लकड़ी का बेड।
आरोपियों ने अंबाला जेल से पंचकूला कोर्ट में पेशी पर आने के लिए अलग वाहन मुहैया कराने के लिए भी कोर्ट में अर्जी दी। दोनों अर्जियों पर कोर्ट ने सीबीआई का पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
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गौरतलब है कि दोनों ने शनिवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। वहीं, सोमवार को आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी भी कोर्ट से मुहैया कराई गई।
गौरतलब है कि 07 जून, 2011 में करनाल के गांव कंबोपुरा के सरपंच करम सिंह की मौत के मामले मेें सीबीआई ने अगस्त 2013 को चार्जशीट फाइल कर दी थी।
इसमें पूर्व मंत्री ओपी जैन, सीपीएस जिले राम शर्मा और राजिन्दर को करम सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी बताया था। हालांकि, पहले इसे हत्या का मामला बताया जा रहा था।
कंबोपुरा के पूर्व सरपंच ने तीन युवकों को नौकरियां दिलवाने के लिए पूर्व मंत्री और सीपीएस को करीब 12 लाख रुपये दिए थे। जब, तीनों को नौकरी नहीं मिली तो करम सिंह ने यह रकम लौटाने की मांग की।
सीबीआई के मुताबिक इस वजह से ही पूर्व सरपंच ने आत्महत्या की और इस कदम को उठाने के लिए मजबूर करने का तीनों पर आरोप है। चार्जशीट में यह बात भी सामने आई पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान पूर्व मंत्री और सीपीएस ने झूठे बयान दिए।
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इस ग्राउंड पर पंजाब जेल मैनुअल के तहत उन्हें जेल में बी क्लास सुविधा दी जाए। बता दें कि बी क्लास में अन्य अपराधियों से अलग रखा जाता है। अच्छा खाना मिलता है और सोने के लिए लकड़ी का बेड।
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आरोपियों ने अंबाला जेल से पंचकूला कोर्ट में पेशी पर आने के लिए अलग वाहन मुहैया कराने के लिए भी कोर्ट में अर्जी दी। दोनों अर्जियों पर कोर्ट ने सीबीआई का पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
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गौरतलब है कि दोनों ने शनिवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। वहीं, सोमवार को आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी भी कोर्ट से मुहैया कराई गई।
गौरतलब है कि 07 जून, 2011 में करनाल के गांव कंबोपुरा के सरपंच करम सिंह की मौत के मामले मेें सीबीआई ने अगस्त 2013 को चार्जशीट फाइल कर दी थी।
इसमें पूर्व मंत्री ओपी जैन, सीपीएस जिले राम शर्मा और राजिन्दर को करम सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी बताया था। हालांकि, पहले इसे हत्या का मामला बताया जा रहा था।
कंबोपुरा के पूर्व सरपंच ने तीन युवकों को नौकरियां दिलवाने के लिए पूर्व मंत्री और सीपीएस को करीब 12 लाख रुपये दिए थे। जब, तीनों को नौकरी नहीं मिली तो करम सिंह ने यह रकम लौटाने की मांग की।
सीबीआई के मुताबिक इस वजह से ही पूर्व सरपंच ने आत्महत्या की और इस कदम को उठाने के लिए मजबूर करने का तीनों पर आरोप है। चार्जशीट में यह बात भी सामने आई पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान पूर्व मंत्री और सीपीएस ने झूठे बयान दिए।