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जाति आधारित कुरीतियों से पूरी तरह मुक्त न होना दुर्भाग्यपूर्ण : सीएम
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चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाज आज भी जाति पर आधारित कुरीतियों से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया है। हम सभी को समाज में सामाजिक एकता एवं समानता स्थापित करने के लिए आगे आना चाहिए ताकि जाति, पंथ, वर्ग और समुदाय पर आधारित सामाजिक कुरीतियां समाप्त हो सकें और प्रदेश-देश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हो।
मुख्यमंत्री यहां अपने निवास पर संत शिरोमणि गुरु रविदास की 644 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रविदास जैसे महापुरुषों की शिक्षा आज भी प्रासंगिक हैं और इन्हीं पदचिन्हों पर चलते हुए सभी को जाति-पांति से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता बढ़ाने और समाज में भाईचारा कायम रखने का संकल्प लेना चाहिए।
इस अवसर पर सभी 22 जिलों में एक साथ जिला स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। सीएम ने कहा कि रविदास किसी विशेष जाति या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे समाज के थे। वह जातिवाद के खिलाफ थे। उनका हमेशा मानना था कि समाज, जाति, वर्ग या समुदाय के आधार पर भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को पूरी तरह से समाप्त कर देना चाहिए।
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राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि गुरु रविदास एक महान संत, दार्शनिक और समाज सुधारक थे। उनकी वाणी व शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। यह बात आज संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर राजभवन में आयोजित समारोह में कही। उन्होंने रविदास की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम में लेडी गवर्नर सरस्वती देवी ने भी रविदास की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए। आर्य ने कहा कि गुरु रविदास पूरे संसार में समभाव चाहते थे। वह पूरी मानव जाति के पथ प्रदर्शक थे। आज रविदास अपने चिंतन-दर्शन और शिक्षाओं के कारण पूरे विश्व में प्रचारित हैं। उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतार कर समभाव की ओर आगे बढ़ना होगा तभी देश को भेदभाव से छुटकारा मिलेगा और देश तरक्की करेगा।
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मुख्यमंत्री यहां अपने निवास पर संत शिरोमणि गुरु रविदास की 644 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रविदास जैसे महापुरुषों की शिक्षा आज भी प्रासंगिक हैं और इन्हीं पदचिन्हों पर चलते हुए सभी को जाति-पांति से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता बढ़ाने और समाज में भाईचारा कायम रखने का संकल्प लेना चाहिए।
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इस अवसर पर सभी 22 जिलों में एक साथ जिला स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। सीएम ने कहा कि रविदास किसी विशेष जाति या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे समाज के थे। वह जातिवाद के खिलाफ थे। उनका हमेशा मानना था कि समाज, जाति, वर्ग या समुदाय के आधार पर भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को पूरी तरह से समाप्त कर देना चाहिए।
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राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि गुरु रविदास एक महान संत, दार्शनिक और समाज सुधारक थे। उनकी वाणी व शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। यह बात आज संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर राजभवन में आयोजित समारोह में कही। उन्होंने रविदास की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम में लेडी गवर्नर सरस्वती देवी ने भी रविदास की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए। आर्य ने कहा कि गुरु रविदास पूरे संसार में समभाव चाहते थे। वह पूरी मानव जाति के पथ प्रदर्शक थे। आज रविदास अपने चिंतन-दर्शन और शिक्षाओं के कारण पूरे विश्व में प्रचारित हैं। उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतार कर समभाव की ओर आगे बढ़ना होगा तभी देश को भेदभाव से छुटकारा मिलेगा और देश तरक्की करेगा।