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हरसिमरत कौर बादल की मांग: 'लखीमपुर हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच'

Sun, 10 Oct 2021 01:51 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 10 Oct 2021 01:51 AM IST
सार

अजय मिश्र पर हिंसा भड़काने और जांच को गुमराह करने की कोशिश करने के लिए धारा 120(बी) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। हरसिमरत ने कहा कि मामले को गैर भाजपा राज्य में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं है।

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SAD demand Investigation of Lakhimpur massacre should be done under the supervision of Supreme Court
हरसिमरत कौर बादल (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

विस्तार

पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। हरसिमरत कौर लखीमपुर में पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद मीडिया से बातचीत कर रहीं थीं। उनके साथ कमेटी के सदस्यों में बलविंदर सिंह भूंदड़ और बिक्रम सिंह मजीठिया भी थे।

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हरसिमरत कौर ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्र द्वारा वाहन से कुचलकर कत्ल किए गए किसानों के पीड़ित परिवारों को उत्तर प्रदेश सरकार से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि जब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक इस मामले में न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा सकता।
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अजय मिश्र के खिलाफ 25 सितंबर को एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए था, जब उन्होंने शांतिपूर्वक विरोध करने वाले किसानों को हिंसा के लिए उकसाया था। अजय मिश्र ने अपने बेटे द्वारा चार किसानों और एक पत्रकार को अपने वाहन से कुचलने के बाद अपने अपराध को यह कहकर जटिल बना दिया कि वाहन पर पथराव किया जा रहा था और चालक नियंत्रण खो बैठा।
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इस संस्करण की पूरी घटना का लाइव वीडियो दिखाया गया। अजय मिश्र पर हिंसा भड़काने और जांच को गुमराह करने की कोशिश करने के लिए धारा 120(बी) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। हरसिमरत ने कहा कि मामले को गैर भाजपा राज्य में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं है।

अजय मिश्र की बर्खास्तगी के बिना इंसाफ की उम्मीद नहीं: आप
आम आदमी पार्टी (आप) ने तर्क दिया कि जब तक अजय को मंत्री के पद से हटाया नहीं जाता, तब तक इंसाफ की उम्मीद नहीं की जा सकती। पूरे देश का पुलिस प्रशासन सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है। आप के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आरोपी आशीष मिश्र से वीआईपी ट्रीटमेंट में आत्मसमर्पण करवाने का ड्रामा किया जा रहा है। यदि मिश्र परिवार में रत्ती भर भी नैतिकता होती तो आरोपी बेटा तुरंत आत्मसमर्पण करता और मंत्री पिता द्वारा इस्तीफा दे दिया गया होता। 


मन की बात में नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखीमपुर खीरी घटना के संबंध में चुप्पी साधे हैं। चीमा ने योगी सरकार द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक सदस्यीय पूर्व जज द्वारा जांच कमीशन गठित करने को आंखों में धूल झोंकना करार देते हुए कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट इस घटना की जांच अपनी निगरानी में नहीं करवाता, तब तक जांच सही दिशा में नहीं बढ़ेगी। जांच समयबद्ध और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो। 

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