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पंजाब सरकार ने पक्का करने के बजाय कच्चे मुलाजिमों का कार्यकाल बढ़ाया
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा सत्ता संभालते ही सरकारी कार्यालय में काम कर रहे कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का जो एलान किया गया था, उसके विपरीत बुधवार को राज्य सरकार ने इन कच्चे मुलाजिमों का सेवाकाल एक साल यानी 31 मार्च, 2023 तक बढ़ा दिया है। इस संबंध में सरकार की तरफ से सभी जिला उपायुक्तों और विभाग प्रमुखों को पत्र भेज दिया गया है।
सरकार की तरफ से इस संबंध में जारी पत्र से यह आशंका बढ़ गई है कि कांट्रैक्ट मुलाजिमों तब तक सेवा में रह सकते हैं जब तक उनके पदों पर नियमित भर्ती नहीं की जाती। इसके अलावा सरकार ने कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने के लिए कानून लाने पर विचार शुरू कर दिया है, क्योंकि मौजूदा कानून के तहत कच्चे मुलाजिमों को पक्का नहीं किया जा सकता। जिला उपायुक्तों और विभाग प्रमुखों को भेजे पत्र में कहा गया है कि अगर किसी कांट्रैक्ट नियुक्ति वाले पद पर नियमित भर्ती में समय लग रहा है तो उस पद पर मौजूदा कांट्रैक्ट मुलाजिम का सेवाकाल बढ़ा दिया जाए। हालांकि इस बारे में विभाग अपनी जरूरत के हिसाब से भी फैसला ले सकता है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि कच्चे कर्मचारियों को सेवा में पक्का करने का कानून लाने तक उनके सेवाकाल में बढ़ोतरी की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एलान किया था कि उनकी सरकार 25000 सरकारी नौकरियां देगी, जिसके लिए एक महीने के भीतर विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इस संबंध में फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया था, जिसके तहत 35000 कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का एलान भी किया गया था। हालांकि मुख्यमंत्री के इस एलान पर अब तक आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो उक्त फैसले बारे नोटिफिकेशन ही जारी हुआ और न ही नई भर्ती बारे कोई विज्ञापन जारी हुआ है। इसके विपरीत राज्य सरकार ने पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन बोर्ड को ही भंग कर दिया है।
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सरकार की तरफ से इस संबंध में जारी पत्र से यह आशंका बढ़ गई है कि कांट्रैक्ट मुलाजिमों तब तक सेवा में रह सकते हैं जब तक उनके पदों पर नियमित भर्ती नहीं की जाती। इसके अलावा सरकार ने कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने के लिए कानून लाने पर विचार शुरू कर दिया है, क्योंकि मौजूदा कानून के तहत कच्चे मुलाजिमों को पक्का नहीं किया जा सकता। जिला उपायुक्तों और विभाग प्रमुखों को भेजे पत्र में कहा गया है कि अगर किसी कांट्रैक्ट नियुक्ति वाले पद पर नियमित भर्ती में समय लग रहा है तो उस पद पर मौजूदा कांट्रैक्ट मुलाजिम का सेवाकाल बढ़ा दिया जाए। हालांकि इस बारे में विभाग अपनी जरूरत के हिसाब से भी फैसला ले सकता है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि कच्चे कर्मचारियों को सेवा में पक्का करने का कानून लाने तक उनके सेवाकाल में बढ़ोतरी की जा सकती है।
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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एलान किया था कि उनकी सरकार 25000 सरकारी नौकरियां देगी, जिसके लिए एक महीने के भीतर विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इस संबंध में फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया था, जिसके तहत 35000 कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का एलान भी किया गया था। हालांकि मुख्यमंत्री के इस एलान पर अब तक आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो उक्त फैसले बारे नोटिफिकेशन ही जारी हुआ और न ही नई भर्ती बारे कोई विज्ञापन जारी हुआ है। इसके विपरीत राज्य सरकार ने पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन बोर्ड को ही भंग कर दिया है।
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