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Panchkula News: गांवों में बनाए अवैध होटल और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी होगी सील
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पंचकूला। नगर निगम की रेवेल्यू रिलाइजेशन कमेटी की बैठक बुधवार को मेयर कुलभूषण गोयल एवं कमेटी के चेयरमैन सुरेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि शहर में बने गांवों में जिन लोगों ने अवैध तौर पर होटल और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी बिना अनुमति के खड़ी कर दी है, उनको तुरंत प्रभाव से सील कर दिया जाए। बिल्डिंग इंस्पेक्टर के साथ दो अस्सिटेंट प्रोग्राम आफिसर (एपीओ) जांच के लिए लगाए गए हैं, जो कि गांवों में जाकर जांच करेंगे। एक सप्ताह में पूरी रिपोर्ट तैयार होगी।
इस रिपोर्ट में जिनके नक्शे और सीएलयू नहीं हैं, उनकी एपीओ करेंगे। अवैध तौर पर बनी बिल्डिंग से सीएलयू चार्ज जमा करवाए जाएंगे। जब तक यह फीस जमा नहीं करवा देते, तब तक इन्हें सील रखा जाएगा। गांव कोट बिल्ला रोड पर जो 45 फार्म हाउस बने हैं, उन पर भी एक सप्ताह के अंदर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर ली गई है। इन्हें नोटिस देकर गिरा दिया जाएगा। कुलभूषण गोयल ने बताया कि इन फार्म हाउस में रात के समय में काफी अवैध तौर पर पार्टियां हो रही हैं, जिनकी शिकायतें आ रही हैं। अवैध तौर पर काम बर्दाश्त नहीं होगा।
शालीमार स्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर 2 करोड़ 92 लाख रुपये बकाया
मेयर ने बताया कि इस साल प्रॉपर्टी टैक्स में 3 करोड़ 44 लाख रुपये ही एकत्रित हो पाए हैं, जो कि अनुमान के मुताबिक कम हैं। शहर में एक लाख रुपये से अधिक वाले 1600 संपत्ति मालिकों से प्रापर्टी टैक्स लेना। 200 प्रॉपर्टी मालिकों से 5 लाख रुपये से अधिक प्रापर्टी टैक्स लेना बाकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन संपत्ति मालिकों से 5 लाख रुपये से अधिक की राशि लेनी है, उनको तुरंत नोटिस देकर सील किया जाए। सबसे ज्यादा प्रापर्टी टैक्स शालीमार स्टेट प्राइवेट लिमिटेड से 2 करोड़ 92 लाख पिछले 3 साल का लेना है। नार्थ पार्क विजय दहिया से एक करोड़ 80 लाख रुपये लेने हैं। शालीमार मॉल को तुरंत प्रभाव से नोटिस देकर राशि वसूलने या सील करने के निर्देश दिए हैं। एचसीएफ साफ्टवेयर सेक्टर 22 से 22 लाख रुपये, पैरामाउंट सॉफ्टवेयर का 44 लाख रुपये लेने हैं। इसके अतिरिक्त कई सरकारी कार्यालय हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग, पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम से लाखों रुपए प्रापर्टी टैक्स लेना है। इन्हें तुरंत प्रभाव से नोटिस दिए जाएंगे। इस वर्ष 25 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स एकत्रित करने का लक्ष्य रखा है। मोबाइल टावर कंपनियों के शहर में 341 मोबाइल टावर लगे हुए हैं। 137 मोबाइल टावरों की पेमेंट लेनी है। 42 इंडेक्स कंपनी, 33 एटीसी, 36 जिओ, 36 बीएसएनएल और एयरटेल के हैं। इन सभी 137 मोबाइल टावरों लगभग 3 करोड़ 62 लाख रिकवर करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि वह राशि जमा नहीं करवाते, तो उन्हें सील कर दिया जाएगा। महापौर ने निर्देश दिए कि टेलीफोन लाइंस कंपनी के 15 करोड़ रुपये के टारगेट को पूरा किया जाए। जो लाइनें डाल रहे हैं, उनसे राशि रिकवर की जाए। जिन 8 कंपनियों ने ओवरहेड लाइन बिछा रखी है, उन्हें अंडरग्राउंड तार बिछाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें फास्टवे, फॉक्स सेल, रेलटेल, कनेक्ट ब्रॉडबैंड, बेस कनेक्ट, स्पीडो फाइबर की तारें हैं। यदि ओवरहेड तार अंडरग्राउंड नहीं करते, तो इनकी तार काट दी जाएंगी।
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शहर में विज्ञापन बोर्ड के लिए मेयर ने कहा कि बड़े शोरूम की मार्केट सेक्टर 8 से लेकर 11 तक और 20 में जिन शोरूम के मालिकों ने 100 स्क्वायर फीट से अधिक बड़ा विज्ञापन बोर्ड लगाया है, उसे या तो नगर निगम को पेमेंट जमा करवानी होगी या वह उतार दिए जाएंगे। शहर में बने वीटा बूथ मालिकों द्वारा नगर निगम को राशि जमा नहीं करवाई जा रही है, उनके बाहर पड़ा सामान उठाया जाएगा और राशि भी वसूल की जाएगी।
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इस रिपोर्ट में जिनके नक्शे और सीएलयू नहीं हैं, उनकी एपीओ करेंगे। अवैध तौर पर बनी बिल्डिंग से सीएलयू चार्ज जमा करवाए जाएंगे। जब तक यह फीस जमा नहीं करवा देते, तब तक इन्हें सील रखा जाएगा। गांव कोट बिल्ला रोड पर जो 45 फार्म हाउस बने हैं, उन पर भी एक सप्ताह के अंदर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर ली गई है। इन्हें नोटिस देकर गिरा दिया जाएगा। कुलभूषण गोयल ने बताया कि इन फार्म हाउस में रात के समय में काफी अवैध तौर पर पार्टियां हो रही हैं, जिनकी शिकायतें आ रही हैं। अवैध तौर पर काम बर्दाश्त नहीं होगा।
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शालीमार स्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर 2 करोड़ 92 लाख रुपये बकाया
मेयर ने बताया कि इस साल प्रॉपर्टी टैक्स में 3 करोड़ 44 लाख रुपये ही एकत्रित हो पाए हैं, जो कि अनुमान के मुताबिक कम हैं। शहर में एक लाख रुपये से अधिक वाले 1600 संपत्ति मालिकों से प्रापर्टी टैक्स लेना। 200 प्रॉपर्टी मालिकों से 5 लाख रुपये से अधिक प्रापर्टी टैक्स लेना बाकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन संपत्ति मालिकों से 5 लाख रुपये से अधिक की राशि लेनी है, उनको तुरंत नोटिस देकर सील किया जाए। सबसे ज्यादा प्रापर्टी टैक्स शालीमार स्टेट प्राइवेट लिमिटेड से 2 करोड़ 92 लाख पिछले 3 साल का लेना है। नार्थ पार्क विजय दहिया से एक करोड़ 80 लाख रुपये लेने हैं। शालीमार मॉल को तुरंत प्रभाव से नोटिस देकर राशि वसूलने या सील करने के निर्देश दिए हैं। एचसीएफ साफ्टवेयर सेक्टर 22 से 22 लाख रुपये, पैरामाउंट सॉफ्टवेयर का 44 लाख रुपये लेने हैं। इसके अतिरिक्त कई सरकारी कार्यालय हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग, पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम से लाखों रुपए प्रापर्टी टैक्स लेना है। इन्हें तुरंत प्रभाव से नोटिस दिए जाएंगे। इस वर्ष 25 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स एकत्रित करने का लक्ष्य रखा है। मोबाइल टावर कंपनियों के शहर में 341 मोबाइल टावर लगे हुए हैं। 137 मोबाइल टावरों की पेमेंट लेनी है। 42 इंडेक्स कंपनी, 33 एटीसी, 36 जिओ, 36 बीएसएनएल और एयरटेल के हैं। इन सभी 137 मोबाइल टावरों लगभग 3 करोड़ 62 लाख रिकवर करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि वह राशि जमा नहीं करवाते, तो उन्हें सील कर दिया जाएगा। महापौर ने निर्देश दिए कि टेलीफोन लाइंस कंपनी के 15 करोड़ रुपये के टारगेट को पूरा किया जाए। जो लाइनें डाल रहे हैं, उनसे राशि रिकवर की जाए। जिन 8 कंपनियों ने ओवरहेड लाइन बिछा रखी है, उन्हें अंडरग्राउंड तार बिछाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें फास्टवे, फॉक्स सेल, रेलटेल, कनेक्ट ब्रॉडबैंड, बेस कनेक्ट, स्पीडो फाइबर की तारें हैं। यदि ओवरहेड तार अंडरग्राउंड नहीं करते, तो इनकी तार काट दी जाएंगी।
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शहर में विज्ञापन बोर्ड के लिए मेयर ने कहा कि बड़े शोरूम की मार्केट सेक्टर 8 से लेकर 11 तक और 20 में जिन शोरूम के मालिकों ने 100 स्क्वायर फीट से अधिक बड़ा विज्ञापन बोर्ड लगाया है, उसे या तो नगर निगम को पेमेंट जमा करवानी होगी या वह उतार दिए जाएंगे। शहर में बने वीटा बूथ मालिकों द्वारा नगर निगम को राशि जमा नहीं करवाई जा रही है, उनके बाहर पड़ा सामान उठाया जाएगा और राशि भी वसूल की जाएगी।