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Panchkula News: हरिमंदिर साहिब के नजदीक गलियारे में अवैध निर्माण, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नगर निगम की रोक के बावजूद अमृतसर में हरिमंदिर साहिब के पास गलियारे में अवैध तरीके से तोड़कर किए जा रहे निर्माण मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों से जवाब तलब किया है। सुनवाई के दौरान बताया गया कि अवैध निर्माणों का मामला पहले से विचाराधीन है लेकिन यह निर्माण रोक के आदेश के बाद किए जा रहे हैं।
हाईकोर्ट को बताया गया कि 214 अवैध निर्माणों को नियमित करने के आवेदन आए थे। ये आवेदन वॉलड सिटी अमृतसर (रिकग्निशन ऑफ यूसेज) एक्ट अमेंडमेंट रूल्स, 2018 के तहत आए थे। सभी आवेदन अस्वीकार कर दिए गए थे और इसके बारे में स्थानीय निकाय विभाग को जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद फिर नए सिरे से अवैध निर्माणों को नियमित करने के लिए सरकार ने एक और स्कीम बनाई थी।
हाईकाेर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। याची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई थी कोई नया निर्माण करने पर नहीं। नगर निगम ने कुछ निर्माणों की पहचान करके उन्हें सील कर दिया था। सील बंद होने के बावजूद इनके मालिक रात में यहां पर निर्माण कार्य शुरू कर देते हैं। इसकी जानकारी होने के बावजूद नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ऐसे में याची को नए सिरे से जनहित याचिका दाखिल करनी पड़ी है। हाईकोर्ट ने मामले को अहम मानते हुए पंजाब सरकार व अन्य प्रतिवादियों से जवाब तलब कर लिया है।
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चंडीगढ़। नगर निगम की रोक के बावजूद अमृतसर में हरिमंदिर साहिब के पास गलियारे में अवैध तरीके से तोड़कर किए जा रहे निर्माण मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों से जवाब तलब किया है। सुनवाई के दौरान बताया गया कि अवैध निर्माणों का मामला पहले से विचाराधीन है लेकिन यह निर्माण रोक के आदेश के बाद किए जा रहे हैं।
हाईकोर्ट को बताया गया कि 214 अवैध निर्माणों को नियमित करने के आवेदन आए थे। ये आवेदन वॉलड सिटी अमृतसर (रिकग्निशन ऑफ यूसेज) एक्ट अमेंडमेंट रूल्स, 2018 के तहत आए थे। सभी आवेदन अस्वीकार कर दिए गए थे और इसके बारे में स्थानीय निकाय विभाग को जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद फिर नए सिरे से अवैध निर्माणों को नियमित करने के लिए सरकार ने एक और स्कीम बनाई थी।
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हाईकाेर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। याची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई थी कोई नया निर्माण करने पर नहीं। नगर निगम ने कुछ निर्माणों की पहचान करके उन्हें सील कर दिया था। सील बंद होने के बावजूद इनके मालिक रात में यहां पर निर्माण कार्य शुरू कर देते हैं। इसकी जानकारी होने के बावजूद नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ऐसे में याची को नए सिरे से जनहित याचिका दाखिल करनी पड़ी है। हाईकोर्ट ने मामले को अहम मानते हुए पंजाब सरकार व अन्य प्रतिवादियों से जवाब तलब कर लिया है।
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