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आईआईएसएफ भारत की वैज्ञानिक सोच का प्रतीक: राज्यपाल
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पंचकूला। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ) केवल विज्ञान का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत की वैज्ञानिक सोच, तकनीकी क्षमता और भविष्य की दूरदर्शी दिशा का प्रतीक है। प्रो. घोष मंगलवार को आईआईएसएफ-2025 के भव्य समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उनकी पत्नी मित्रा घोष भी मौजूद थीं।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले चार दिनों में विज्ञान के जीवंत रंग, नवाचारपूर्ण विचार और अनुसंधान की प्रेरक ऊंचाइयां देशभर में दिखाई दीं। यहां प्रस्तुत हर शोध-पत्र, हर विचार और युवा दिमागों के उठाए गए जिज्ञासु प्रश्न इस बात को दोबारा साबित करते हैं कि भारत विज्ञान और नवाचार में एक वैश्विक नेतृत्व के रूप में तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां विश्व के लिए प्रेरणा हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा भी विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। गुरुग्राम अब आईटी, एआई और स्टार्ट-अप हब के रूप में विकसित हो चुका है। अनुसंधान संस्थान नए वैज्ञानिक आयाम खोल रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालय एग्री-टेक, डेयरी साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग, क्लाइमेट साइंस और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को मजबूत कर रहे हैं।
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राज्यपाल ने हरियाणा सरकार की दूरदर्शी पहलें भी गिनाईं, जिनमें हरियाणा साइंस एंड इनोवेशन मिशन, यूनिवर्सिटी टेक-इंक्यूबेशन हब, एग्री-टेक और क्लाइमेट-टेक कार्यक्रम, स्कूलों में रोबोटिक्स, ड्रोन और कोडिंग लैब शामिल हैं। उन्होंने युवाओं, छात्रों और वैज्ञानिकों को निरंतर प्रश्न पूछते रहने, कल्पना करने और नवाचार करते रहने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि हर प्रयोग, हर प्रोजेक्ट और हर शोध-पत्र राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। राज्यपाल ने सभी से विज्ञान को समाज तक पहुंचाने, समाज को विज्ञान का सहभागी बनाने और भारत को वैश्विक वैज्ञानिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
इन गण्यमान्यों की रही उपस्थिती
इस अवसर पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के संयुक्त सचिव डी. सेंथिल पांडियन, हरियाणा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के महानिदेशक राजीव रतन, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे के निदेशक डॉ. सूर्यचंद्र राव, विभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. शिव कुमार शर्मा, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वैज्ञानिक डॉ. जगवीर सिंह, आईआईटीएम पुणे के वैज्ञानिक डॉ. अनूप महाजन, पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता, नगराधीश सुश्री जागृति और अन्य गण्यमान्य उपस्थित थे।
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राज्यपाल ने कहा कि पिछले चार दिनों में विज्ञान के जीवंत रंग, नवाचारपूर्ण विचार और अनुसंधान की प्रेरक ऊंचाइयां देशभर में दिखाई दीं। यहां प्रस्तुत हर शोध-पत्र, हर विचार और युवा दिमागों के उठाए गए जिज्ञासु प्रश्न इस बात को दोबारा साबित करते हैं कि भारत विज्ञान और नवाचार में एक वैश्विक नेतृत्व के रूप में तेजी से उभर रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां विश्व के लिए प्रेरणा हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा भी विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। गुरुग्राम अब आईटी, एआई और स्टार्ट-अप हब के रूप में विकसित हो चुका है। अनुसंधान संस्थान नए वैज्ञानिक आयाम खोल रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालय एग्री-टेक, डेयरी साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग, क्लाइमेट साइंस और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को मजबूत कर रहे हैं।
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राज्यपाल ने हरियाणा सरकार की दूरदर्शी पहलें भी गिनाईं, जिनमें हरियाणा साइंस एंड इनोवेशन मिशन, यूनिवर्सिटी टेक-इंक्यूबेशन हब, एग्री-टेक और क्लाइमेट-टेक कार्यक्रम, स्कूलों में रोबोटिक्स, ड्रोन और कोडिंग लैब शामिल हैं। उन्होंने युवाओं, छात्रों और वैज्ञानिकों को निरंतर प्रश्न पूछते रहने, कल्पना करने और नवाचार करते रहने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि हर प्रयोग, हर प्रोजेक्ट और हर शोध-पत्र राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। राज्यपाल ने सभी से विज्ञान को समाज तक पहुंचाने, समाज को विज्ञान का सहभागी बनाने और भारत को वैश्विक वैज्ञानिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
इन गण्यमान्यों की रही उपस्थिती
इस अवसर पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के संयुक्त सचिव डी. सेंथिल पांडियन, हरियाणा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के महानिदेशक राजीव रतन, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे के निदेशक डॉ. सूर्यचंद्र राव, विभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. शिव कुमार शर्मा, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वैज्ञानिक डॉ. जगवीर सिंह, आईआईटीएम पुणे के वैज्ञानिक डॉ. अनूप महाजन, पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता, नगराधीश सुश्री जागृति और अन्य गण्यमान्य उपस्थित थे।