फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   IG Paramraj Umranangal not released salary for suspension period, Punjab government reprimanded

Panchkula News: आईजी परमराज उमरानंगल को निलंबन अवधि का वेतन जारी नहीं, पंजाब सरकार को फटकार

Wed, 17 Jul 2024 05:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2024 05:09 AM IST
विज्ञापन
IG Paramraj Umranangal not released salary for suspension period, Punjab government reprimanded
चंडीगढ़। आईजी परमराज उमरानंगल को जॉइन करवाने के बावजूद निलंबन अवधि के वेतन का बकाया जारी न करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब निलंबन का आदेश हाईकोर्ट रद्द कर चुका है और सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है तो वेतन का बकाया जारी न करना न्यायालय की अवमानना जैसा है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक या तो लंबित राशि जारी करने या फिर अवमानना की कार्रवाई के लिए गृह सचिव को मौजूद रहने का आदेश दिया है। कोटकपूरा गोलीकांड में निलंबित आईजी परमराज उमरानंगल ने याचिका दाखिल करते हुए सेवा नियमों का हवाला देते हुए निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। इसके साथ ही सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के आदेश को भी रद्द करने की मांग की थी जिसमें कैट ने उनकी निलंबन के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि आपराधिक मामले में लंबित जांच की आड़ में किसी अधिकारी को अनिश्चितकाल तक निलंबित नहीं रखा जा सकता है।
विज्ञापन

आदेश के अनुसार याची का निलंबन अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के नियम 3 के उप खंड (8) रद्द किया जाता है। इस नियम के अनुसार निलंबन के आदेश की संबंधित समीक्षा समिति द्वारा निश्चित अंतराल पर की जानी चाहिए। इसके जारी होने की तारीख से 60 दिनों की अवधि के भीतर, ऐसा न करने पर निलंबन आदेश के 60 दिनों की अवधि पूरी होने की तारीख से इसे निरस्त मानने का प्रावधान है।
विज्ञापन

उमरानंगल ने अपनी याचिका में कहा था कि वर्तमान मामले में उनके निलंबन का विस्तार आदेश निलंबन के प्रारंभिक आदेश के 632 दिनों की अवधि के बाद जारी किया गया है। बहाली के लिए उनकी याचिका को खारिज करते हुए कैट ने नियम 3 के उप-खंड (1बी) और 21 दिसंबर के संशोधन पर विचार नहीं किया जो विशेष रूप से निलंबन की अवधि से संबंधित है। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 2 फरवरी को याचिकाकर्ता के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया था और साथ ही उसे सेवा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि आदेश के अनुसार उन्हें सेवा में ले लिया गया है। हाईकोर्ट ने निलंबन अवधि के लंबित वेतन पर जवाब मांगा तो मोहलत मांगी गई। हाईकोर्ट ने कहा कि अब स्पष्टीकरण देने जैसा कुछ नहीं बचा है। अगली सुनवाई पर या तो आदेश का पालन हो या अवमानना की कार्रवाई के लिए गृह सचिव खुद हाजिर रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed