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कोरोना के प्रति लापरवाही से होगा यह.. इससे बचना जरूरी
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चंडीगढ़। पड़ोसी राज्य पंजाब समेत कई राज्यों में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों के आंकड़े देखे जाएं तो चंडीगढ़ में भी संक्रमण बढ़ा है। हालांकि केसों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन जिस तरह से लोग लापरवाही बरत रहे हैं, उससे मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों ने तो यहां तक चेता दिया है कि लोगों को अगले छह महीने तक एहतियात बरतनी होगी। यदि लोग नहीं संभले तो चंडीगढ़ में दूसरी लहर आ सकती है। लॉकडाउन लगाने जैसे हालत बन सकते हैं। रविवार को चंडीगढ़ में 28 नए केस दर्ज किए गए हैं, जबकि 11 मरीज कोरोना मुक्त हुए। चंडीगढ़ में अब तक 21425 कोरोना पाजिटिव आ चुके हैं, जबकि 349 लोगों की मौत हुई है।
चंडीगढ़ का संक्रमण दर बढ़ा
14 फरवरी को चंडीगढ़ में कोरोना की संक्रमण दर 1.0 दर्ज की गई थी। उस दिन 879 टेस्ट किए गए थे। अगले दिन 1082 टेस्ट किए गए तो संक्रमण की दर 1.4 दर्ज की गई। छह दिन बाद यानी 20 फरवरी को संक्रमण दर 1.9 रही। ये आंकड़े बताते हैं कि चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण की दर बढ़ रही है। भारत का औसत संक्रमण रेट भी 1.9 है। इस समय पूरे देश में सबसे ज्यादा संक्रमण दर महाराष्ट्र (8.9) की है, जबकि दूसरे स्थान पर केरल (7.0), तीसरे नंबर पर गोवा (3.2) और चौथे नंबर पर चंडीगढ़ (1.4) है।
चंडीगढ़ में टीकाकरण भी कम
एक और चिंताजनक बात यह है कि चंडीगढ़ में टीकाकरण सबसे कम है। करीब 65 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों ने टीका नहीं लगवाया है। फ्रंटलाइन वर्करों का भी यही हाल है। अब तक सिर्फ 16 फीसदी लोग ही टीका लगवा पाए हैं। यह हालात तब है, जबकि चंडीगढ़ पढ़ा-लिखा शहर माना जाता है। यूटी में अब तक सिर्फ 25.4 फीसदी लोगों का ही टीकाकरण हो सका है। जब लोग न टीका लगवाएंगे और न ही मास्क पहनेंगे तो संक्रमण बढ़ना तय है।
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मरीजों के बढ़े नंबर दूसरी लहर में बदल सकते हैं
चंडीगढ़ पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम ने कहा कि लोगों ने मान लिया है कि कोरोना चला गया है, लेकिन ऐसा नहीं है। कोरोना के रोकथाम के नियमों का पालन नहीं करेंगे तो यहां के हालत भी बिगड़ सकते हैं। संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। पीजीआई के कोविड केयर सेंटर में एक समय में 30 तक मरीज पहुंच गए थे, जो अब बढ़कर 50 पहुंच गए हैं। बढ़े नंबर कोरोना की दूसरी लहर में बदल सकते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को अगले कई महीने तक मास्क पहनना होगा। दिन में कई बार हाथ धोना होगा और लोगों से दो गज की दूरी बनानी होगी। वरना हालात बिगड़ सकते हैं।
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चंडीगढ़ का संक्रमण दर बढ़ा
14 फरवरी को चंडीगढ़ में कोरोना की संक्रमण दर 1.0 दर्ज की गई थी। उस दिन 879 टेस्ट किए गए थे। अगले दिन 1082 टेस्ट किए गए तो संक्रमण की दर 1.4 दर्ज की गई। छह दिन बाद यानी 20 फरवरी को संक्रमण दर 1.9 रही। ये आंकड़े बताते हैं कि चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण की दर बढ़ रही है। भारत का औसत संक्रमण रेट भी 1.9 है। इस समय पूरे देश में सबसे ज्यादा संक्रमण दर महाराष्ट्र (8.9) की है, जबकि दूसरे स्थान पर केरल (7.0), तीसरे नंबर पर गोवा (3.2) और चौथे नंबर पर चंडीगढ़ (1.4) है।
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चंडीगढ़ में टीकाकरण भी कम
एक और चिंताजनक बात यह है कि चंडीगढ़ में टीकाकरण सबसे कम है। करीब 65 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों ने टीका नहीं लगवाया है। फ्रंटलाइन वर्करों का भी यही हाल है। अब तक सिर्फ 16 फीसदी लोग ही टीका लगवा पाए हैं। यह हालात तब है, जबकि चंडीगढ़ पढ़ा-लिखा शहर माना जाता है। यूटी में अब तक सिर्फ 25.4 फीसदी लोगों का ही टीकाकरण हो सका है। जब लोग न टीका लगवाएंगे और न ही मास्क पहनेंगे तो संक्रमण बढ़ना तय है।
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मरीजों के बढ़े नंबर दूसरी लहर में बदल सकते हैं
चंडीगढ़ पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम ने कहा कि लोगों ने मान लिया है कि कोरोना चला गया है, लेकिन ऐसा नहीं है। कोरोना के रोकथाम के नियमों का पालन नहीं करेंगे तो यहां के हालत भी बिगड़ सकते हैं। संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। पीजीआई के कोविड केयर सेंटर में एक समय में 30 तक मरीज पहुंच गए थे, जो अब बढ़कर 50 पहुंच गए हैं। बढ़े नंबर कोरोना की दूसरी लहर में बदल सकते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को अगले कई महीने तक मास्क पहनना होगा। दिन में कई बार हाथ धोना होगा और लोगों से दो गज की दूरी बनानी होगी। वरना हालात बिगड़ सकते हैं।