आम आदमी पार्टी को कैप्टन का जवाब- दिल्ली समेत कोई भी राज्य कहे तो मैं मदद को तैयार
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दिल्ली में कोविड-19 की भयानक स्थिति का जिक्र करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने महामारी पर राजनीति करने के लिए आम आदम पार्टी की कड़ी आलोचना की है। कैप्टन ने कोविड की स्थिति से निपटने में पंजाब सरकार के विरुद्ध नकारात्मक प्रचार करने के लिए आप की मुहिम को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया।
सूबे में कोविड के संकट पर विचार करने के लिए कांग्रेसी विधायकों के साथ चौथे दौर की वर्चुअल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया की तरह भारत भी जंग जैसी स्थिति का सामना कर रहा है और इसका सामना एकजुटता के साथ किया जा सकता है।
आम आदमी पार्टी इस संकट के दौरान भी घटिया राजनीति करने पर तत्पर है। कांग्रेस पार्टी सभी राज्यों, यहां तक कि जहां उनकी सरकार नहीं है, में महामारी से निपटने के लिए सरकारों की मदद कर रही है। वह किसी भी राज्य चाहे वह दिल्ली, हिमाचल प्रदेश या हरियाणा हो, की मदद करने को तैयार हैं। इस संकट से निपटने का यही एक रास्ता है।
उन्होंने कहा कि यदि कल को दिल्ली को मेरी मदद की जरूरत पड़ी तो मैं बिल्कुल इस मदद की पेशकश करूंगा। आप द्वारा पेश की जा रही तस्वीर के उलट सच्चाई यह है कि पंजाब की अपेक्षा दिल्ली की हालत कहीं अधिक खराब है।
पंजाब में 18,000 सक्रिय मामले हैं जबकि आबादी 2.90 करोड़ है जबकि 1.80 करोड़ की आबादी वाली दिल्ली में 25,000 से भी अधिक एक्टिव मामले हैं। हरियाणा की आबादी भी पंजाब की अपेक्षा कम है, लेकिन मामले पंजाब के बराबर ही हैं।
गरीब वर्ग के लोगों को जांच करवाने के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे लोगों को खाने के मुफ्त पैकेट बांटने शुरू कर दिए हैं जो कि एकांतवास में हैं और जिनके पास इस स्थिति में रोजी-रोटी का कोई साधन नहीं है।
विधायकों की शिकायत, प्राइवेट अस्पताल कर रहे मुनाफाखोरी
ज्यादातर विधायकों ने शिकायत की कि निजी अस्पतालों की तरफ से कोविड संकट के दौरान मुनाफाखोरी के चक्कर में मरीजों से काफी अधिक कीमतें वसूली जा रही हैं। बावजूद इसके कि राज्य सरकार ने कीमतें तय की हुई हैं।
शुक्रवार की वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा लेने वाले विधायकों में बस्सी पठाणा से गुरप्रीत सिंह जीपी, फतेहगढ़ साहिब से कुलजीत सिंह नागरा, फिरोजपुर शहरी से परमिंदर सिंह पिंकी, फाजिल्का से दविंदर सिंह घुबाया, बल्लूआना से नत्थू राम, मोगा से हरजोत कमल, जलालाबाद से रमिंदर अंवला, जालंधर कैंट से परगट सिंह और फरीदकोट से कुशलदीप सिंह ढिल्लों शामिल रहे।
सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने से पहले 10 बार सोचें
कैप्टन ने नौजवानों से अपील की कि सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट डालने या फॉरवर्ड करने से पहले 10 बार सोचें, क्योंकि किसी भी तरह का गैर जिम्मेदाराना कदम उनके भविष्य पर प्रभाव डाल सकता है। सीएम ने कहा, ‘‘आप जो कुछ भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हो, उसकी आपकी जिम्मेदारी है...आप लोगों को गुमराह नहीं कर सकते।’’
एक बार केस दर्ज होने पर उनका समूचा भविष्य बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। अब तक 121 सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए जा चुके हैं और 292 की पहचान पुलिस द्वारा की जा चुकी है। यह अकाउंट कोरोना संबंधी दुष्प्रचार में शामिल हैं।
कोरोना मरीजों की पहचान गुप्त रखी जाएगी
कोविड मरीजों के नाम उजागर करने के बारे में जताई गई आशंका के जवाब में सीएम ने कहा कि सरकार द्वारा हिदायतें जारी की हुई हैं और इसका पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि कोविड के किसी भी मरीज चाहे वह उपचाराधीन हो या ठीक हो चुका हो, उसके साथ भेदभाव न किया जाए।