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लावारिस पशुओं और उनसे होने वाली मौतों पर एचएसवीपी के महानिदेशक ने डीसी से मांगी रिपोर्ट
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कालका। लावारिस पशुओं की समस्या के समाधान और किसी की मृत्यु होने के बाद परिजनों को मुआवजा निर्धारित करने के लिए शिवालिक विकास मंच के प्रधान विजय बंसल एडवोकेट के लीगल नोटिस पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक ने कार्यवाही के आदेश दिए हैं। महानिदेशक ने उपायुक्त पंचकूला और नगर निगम के आयुक्त को पत्र भेजकर इस मामले पर तुरंत कार्यवाही रिपोर्ट निदेशालय में भेजने को कहा है। दरअसल, बंसल ने हाईकोर्ट के वकील रवि शर्मा के मार्फत प्रदेश सरकार को 24 सितंबर 2020 को लीगल नोटिस भेजा था। इसमें सड़कों पर लावारिस पशुओं की समस्या के समाधान का प्रबंध और मरणोपरांत मुआवजा निर्धारित करने के लिए कहा था। अब ऐसी उम्मीद है कि जल्द इसका स्थायी समाधान होगा।
विजय बंसल के अनुसार हरियाणा गोवंश और गोसंवर्धन एक्ट-2015 की धारा 9 से 11 के प्रावधानों को उचित तरीके से लागू करने की मांग की थी। हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2015 में गो संरक्षण और गोसंवर्धन एक्ट बनाया था। इसके धारा-9 से 11 के तहत ऐसे संस्थान बनाने का प्रावधान था जोकि हरियाणा के अंदर दुर्बल, घायल, लावारिस गोवंश को स्वीकार कर उनका रखरखाव करेगा। इन संस्थानों को राज्य सरकार पर्याप्त आर्थिक और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाएगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 में राज्य सरकारों को गोमाता समेत अन्य पशुओं के रखरखाव व नस्ल के सुधार का दायित्व सौंपा है। अनुच्छेद 51 ए(जी) मे प्राकृतिक वातावरण के रखरखाव व सुधार का प्रावधान है। विजय बंसल का कहना है कि यदि इन प्रावधानों को लागू किया जाता तो आज लावारिस पशुओं से सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाएं और अन्य मामले सामने न आते।
प्रदेश में लावारिस पशुओं की समस्या ज्यों की त्यों
विजय बंसल ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार दिखावे के नाम पर प्रति माह लोगों से करोड़ों की राशि में गो टैक्स तो ले रही है, परंतु पूरे प्रदेशभर में लावारिस पशुओं की समस्या ज्यो की त्यों है। राजधानी से सटा जिला पंचकूला में इस समस्या ने जड़ें पकड़ ली हैं, इस कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में वाहन चालकों को तो नुकसान हो ही रहा है, वहीं जीवन को भी दांव पर लगाया जा रहा है। इसके साथ ही गोमाता समेत अन्य लावारिस पशुओं को भी दरकिनार किया जा रहा है।
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विजय बंसल के अनुसार हरियाणा गोवंश और गोसंवर्धन एक्ट-2015 की धारा 9 से 11 के प्रावधानों को उचित तरीके से लागू करने की मांग की थी। हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2015 में गो संरक्षण और गोसंवर्धन एक्ट बनाया था। इसके धारा-9 से 11 के तहत ऐसे संस्थान बनाने का प्रावधान था जोकि हरियाणा के अंदर दुर्बल, घायल, लावारिस गोवंश को स्वीकार कर उनका रखरखाव करेगा। इन संस्थानों को राज्य सरकार पर्याप्त आर्थिक और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाएगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 में राज्य सरकारों को गोमाता समेत अन्य पशुओं के रखरखाव व नस्ल के सुधार का दायित्व सौंपा है। अनुच्छेद 51 ए(जी) मे प्राकृतिक वातावरण के रखरखाव व सुधार का प्रावधान है। विजय बंसल का कहना है कि यदि इन प्रावधानों को लागू किया जाता तो आज लावारिस पशुओं से सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाएं और अन्य मामले सामने न आते।
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प्रदेश में लावारिस पशुओं की समस्या ज्यों की त्यों
विजय बंसल ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार दिखावे के नाम पर प्रति माह लोगों से करोड़ों की राशि में गो टैक्स तो ले रही है, परंतु पूरे प्रदेशभर में लावारिस पशुओं की समस्या ज्यो की त्यों है। राजधानी से सटा जिला पंचकूला में इस समस्या ने जड़ें पकड़ ली हैं, इस कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में वाहन चालकों को तो नुकसान हो ही रहा है, वहीं जीवन को भी दांव पर लगाया जा रहा है। इसके साथ ही गोमाता समेत अन्य लावारिस पशुओं को भी दरकिनार किया जा रहा है।
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