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Punjab: पंजाब के चार जिलों में स्थापित होंगे बागवानी एस्टेट, मकसद-किसानों को फसलीय चक्र से निकालना

Tue, 11 Oct 2022 01:28 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 11 Oct 2022 01:28 AM IST
सार

मंत्री सरारी ने बताया कि पंजाब के 57 ब्लॉकों में होने वाले पानी रिचार्ज की तुलना में 200 प्रतिशत तक पानी धरती में से निकाल कर फसल पैदावार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो एक चिंता का विषय है।

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Horticulture estates to be established in four districts of Punjab
बैठक की अध्यक्षता करते फौजा सिंह सरारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागवानी विभाग इस साल पंजाब के चार जिलों फिरोजपुर, गुरदासपुर, फरीदकोट और लुधियाना में बागवानी एस्टेट स्थापित करने जा रहा है। इससे वहां के बागवानों को नवीनतम तकनीक की जानकारी और मशीनरी आदि की सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे उनकी फसल पैदावार के खर्चे घटने के साथ-साथ उच्च मानक के फलों की पैदावार करने में मदद मिलेगी। यह जानकारी चंडीगढ़ में बागवानी, फूड प्रोसेसिंग, सैनिक सेवाएं और स्वतंत्रता सेनानी मंत्री फौजा सिंह सरारी ने दी। 

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सरारी ने सोमवार को पंजाब बागवानी विभाग के अधिकारियों के साथ पंजाब भवन में एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अलग-अलग जिलों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए उन्होंने अधिकारियों को मौजूदा गेहूं-धान के फसलीय चक्र में से निकालकर अधिक से अधिक क्षेत्रफल बागवानी फसलों के अधीन लाने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि पंजाब में उगाई जा रही गेहूं और धान की फसल पैदा करने के लिए क्रमवार 40 लाख और 64 लाख लीटर प्रति एकड़ पानी का उपभोग होता है, जबकि बागवानी की फसलों की पैदावार के लिए केवल 17 लाख लीटर प्रति एकड़ पानी इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह 86 लाख लीटर पानी की प्रति एकड़ बचत होती है। उन्होंने अधिकारियों से इसको लेकर प्रस्ताव भेजने को कहा।
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मंत्री ने बताया कि पंजाब के 57 ब्लॉकों में होने वाले पानी रिचार्ज की तुलना में 200 प्रतिशत तक पानी धरती में से निकाल कर फसल पैदावार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो एक चिंता का विषय है। पंजाब के पानी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने की सख्त जरूरत है। बागवानी मंत्री ने बताया गया कि अगले पांच सालों के दौरान 1.5 लाख हेक्टेयर बागवानी फसलों के अधीन क्षेत्रफल लाने से पंजाब की जीडीपी में 39,772 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। विभाग में चलाई जा रही स्कीम एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के अंतर्गत पंजाब में 1,600 करोड़ के नए प्रोजेक्ट लगने से 365 करोड़ इस स्कीम के अंतर्गत मंजूर हुए हैं।

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जालंधर में जल्द स्थापित करें ऐरोपॉनिक यूनिट और टिशू कल्चर लैब

बागवानी मंत्री सरारी ने बताया कि पंजाब में आलू बीज देश में सबसे अधिक पैदा होता है। भविष्य में मांग को मुख्य रखते हुए इस साल बजट में पास किए 10 करोड़ रुपये से जालंधर में स्थापित होने वाले ऐरोपॉनिक यूनिट और टिशू कल्चर लैब का जल्द काम शुरू किया जाए। इसके अलावा मंत्री ने हरेक जिले में एक-एक सरकारी नर्सरी खोलने की हिदायत दी। बैठक के अंत में अतिरिक्त मुख्य सचिव सरवजीत सिंह ने मंत्री का आभार जताया। बैठक में बागबानी निदेशक शैलिंदर कौर के अलावा संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार और जिलों के प्रमुख उपस्थित थे।

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