चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को पोतों की शादी के लिए तेजाखेड़ा के फार्म हाउस की अटैच की जा चुकी पुश्तैनी कोठी एक महीने के लिए इस्तेमाल की अनुमति को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसे रिलीज करने पर हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है।
ईडी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया गया है कि चौटाला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज केस में गत वर्ष दिसंबर में यह प्रॉपर्टी अटैच की थी। चौटाला के दो पोतों का इसी महीने के अंत में विवाह है। ऐसे में चौटाला ने ईडी के अपीलेट ट्रिब्यूनल में अर्जी दायर कर कुछ समय के लिए यह प्रॉपर्टी उन्हें सौंपने की मांग की थी। जिसे अपीलेट ट्रिब्यूनल ने 22 अक्तूबर को स्वीकार करते हुए इस प्रॉपर्टी को डी-सील करते हुए 6 नवंबर को प्रॉपर्टी चौटाला को सौंपे जाने के आदेश दे दिए थे और आदेश के तहत 7 दिसंबर को चौटाला यह प्रॉपर्टी वापस ईडी को सौंप देंगे। ट्रिब्यूनल के 22 अक्तूबर के इसी आदेश को ईडी ने अब हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा है कि किसी भी केस में जो प्रॉपर्टी एक बार अटैच की जा चुकी हो, उसे कैसे आरोपी को वापस रिलीज किया जा सकता है। लिहाजा प्रॉपर्टी रिलीज किए जाने के आदेशों को रद्द किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की गई है। हाईकोर्ट ने 6 नवंबर को ईडी की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रॉपर्टी रिलीज किए जाने के आदेशों पर रोक लगाते हुए ओम प्रकाश चौटाला को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया था।