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फर्जी वोट मामले में पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया को बड़ी राहत
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चंडीगढ़। फर्जी वोट मामले में फंसे हरियाणा के पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने समन आदेश खारिज कर दिया है। साथ ही याचिका का निपटारा करते हुए ट्रायल कोर्ट को नए सिरे से आदेश जारी करने की छूट दी दी है।
सुखबीर कटारिया ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव जीतने के लिए फर्जी वोटों का सहारा लिया था। अधिकांश वोटर फार्म उन्होंने अपनी हैंड राइटिंग में भरे हैं, जबकि कुछ दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी हैं । उन्होंने षड्यंत्र के तहत गुरुग्राम में अन्य लोगों से मिलकर हाउस टैक्स की फर्जी रसीदें तैयार कीं, फर्जी राशन कार्ड, फर्जी बिजली के बिल बनाकर वोट कार्ड बनवाए। इतना ही नहीं एक-एक व्यक्ति के कई -कई फर्जी वोट बनवाए गए। इन वोटों का इस्तेमाल उन्होंने 2009 में हुए विधानसभा चुनावों में अपने पक्ष में किया और जीत हासिल की। उनके खिलाफ लगभग 32 एफआईआर दर्ज हैं।
याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने मेरे खिलाफ समन आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता ने इसी समन देश को ही हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता पक्ष की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने समन के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही ट्रायल कोर्ट को नए सिरे से आदेश जारी करने की छूट दी है।
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सुखबीर कटारिया ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव जीतने के लिए फर्जी वोटों का सहारा लिया था। अधिकांश वोटर फार्म उन्होंने अपनी हैंड राइटिंग में भरे हैं, जबकि कुछ दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी हैं । उन्होंने षड्यंत्र के तहत गुरुग्राम में अन्य लोगों से मिलकर हाउस टैक्स की फर्जी रसीदें तैयार कीं, फर्जी राशन कार्ड, फर्जी बिजली के बिल बनाकर वोट कार्ड बनवाए। इतना ही नहीं एक-एक व्यक्ति के कई -कई फर्जी वोट बनवाए गए। इन वोटों का इस्तेमाल उन्होंने 2009 में हुए विधानसभा चुनावों में अपने पक्ष में किया और जीत हासिल की। उनके खिलाफ लगभग 32 एफआईआर दर्ज हैं।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने मेरे खिलाफ समन आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता ने इसी समन देश को ही हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता पक्ष की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने समन के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही ट्रायल कोर्ट को नए सिरे से आदेश जारी करने की छूट दी है।
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