पंचकूला। सेक्टर 5 के टाउन पार्क में विश्व अल्माइजर महीने के अवसर पर मनोरोग चिकित्सक डॉ. राजीव त्रेहन ने बुजुर्गों को अल्माइजर नामक बीमारी के संबंध में बताया गया। उन्होंने बताया कि आम आदमी में इस बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी है। इन दिनों रोजमर्रा की बातों को भूलने की समस्या बढ़ती जा रही है। डॉक्टर ने लोगों को बताया कि भूलना सामान्य प्रक्रिया होने के साथ-साथ बीमारी भी है, जिसे ‘अल्जामइर’ कहा जाता है। इसे नजरअंदाज करने पर कुछ ही समय में इससे जिंदगी असामान्य हो जाती है।
चिकित्सकों के अनुसार 65 वर्ष से ऊपर के लोगों में अल्जाइमर के लक्षण दिखते हैं, अगर कोई बुजुर्ग अपना दैनिक कार्य भूल जाता है, किसी का नाम भूलता है, चलते-चलते रास्ता भूल रहा है। अपनी मेडिसिन का नाम भूल जाता है, ऐसी स्थिति में शर्म नहीं करनी चाहिए बल्कि डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इस रोग का बोझ देश में 2025 तक दोगुना होने वाला है, इसलिए बीमारी के प्रारंभिक संकेत और लक्षणों के बारे में जागरूक रहना और अपने निकटतम मनोचिकित्सक/न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।