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Panchkula News: स्वास्थ्य विभाग ने 500 को दिया नोटिस, डेंगू-मलेरिया के चार-चार मामले मिले, फिर भी नहीं हुई फॉगिंग
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भले ही डेंगू पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए दावे किए जा रहे हों, लेकिन यह तैयारी अभी तक पूरी नहीं हुई है। जिले में डेंगू और मलेरिया के चार-चार नए मामले सामने आ चुके हैं, इसके बाद भी अभी विभाग की तरफ से फॉगिंग नहीं की गई है। नगर निगम की तरफ से यह फॉगिंग की जानी है। इसके लिए अभी तक कोई काम शुरू नहीं किया गया है। साढ़े तीन माह में स्वास्थ्य विभाग करीब पांच सौ लोगों को नोटिस दे चुका है।
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की तरफ से मिलकर फॉगिंग की जाती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम को तीन बार लेटर लिखा जा चुका है। इसके बाद भी अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। फॉगिंग के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस कारण इस तरह के हालात बने हैं। डेंगू के मामले अधिक आने का खतरा भी बना हुआ है। पिछले साल अब तक एक बार सभी जगह कालका, पिंजौर, बरवाला, मोरनी और रायपुररानी में फॉगिंग हो जाती थी। इस बार अभी तक यह फॉगिंग नहीं हुई है। इस कारण दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हाई रिस्क जोन में लोगों को डेंगू और मलेरिया दोनों होने का खतरा बना है। इसे अभी तक सुधार नहीं हो पाया है।
स्वास्थ्य विभाग ने नहीं ली दवा
नगर निगम की ओर से 140 मशीनें होने के बाद भी फॉगिंग नहीं हुई है। पंचकूला नगर निगम और कालका नगर परिषद के पास यह मशीनें हैं। दोनों ने स्वास्थ्य विभाग से दवा लेने के लिए संपर्क नहीं किया है। इस तरह के हालात में डेंगू और मलेरिया की बीमारी का खतरा अधिक हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक जिले की एक बॉयोलाॅजिस्ट की पोस्ट नहीं भरी गई है। इस कारण मच्छरों की कौन सी प्रजाति एक्टिव है। इसका पता नहीं लग पा रहा है। इसका पता नहीं लगने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। लोगाें में भय बना रहता है। वहीं ब्रीडर चेकर देरी से मिलने के कारण सर्वे में भी तेजी आ रही है। इसमें टेस्टिंग भी देरी से की जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम को दवा के छिड़काव का लेटर लिखा गया है। अभी तक लेटर लिखे जाने के बाद भी कहीं पर नगर निगम की ओर से फॉगिंग नहीं की गई है। - डॉ. सुरेश भोसले, जिला मलेरिया अधिकारी, पंचकूला स्वास्थ्य विभाग
फॉगिंग के लिए जल्द ही मीटिंग कर नगर निगम की ओर से शेड्यूल जारी किया जाएगा। इसमें सभी जगह दवाओं का छिड़काव किया जाएगा। - सचिन गुप्ता, कमिश्नर, पंचकूला नगर निगम
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पंचकूला। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भले ही डेंगू पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए दावे किए जा रहे हों, लेकिन यह तैयारी अभी तक पूरी नहीं हुई है। जिले में डेंगू और मलेरिया के चार-चार नए मामले सामने आ चुके हैं, इसके बाद भी अभी विभाग की तरफ से फॉगिंग नहीं की गई है। नगर निगम की तरफ से यह फॉगिंग की जानी है। इसके लिए अभी तक कोई काम शुरू नहीं किया गया है। साढ़े तीन माह में स्वास्थ्य विभाग करीब पांच सौ लोगों को नोटिस दे चुका है।
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की तरफ से मिलकर फॉगिंग की जाती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम को तीन बार लेटर लिखा जा चुका है। इसके बाद भी अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। फॉगिंग के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस कारण इस तरह के हालात बने हैं। डेंगू के मामले अधिक आने का खतरा भी बना हुआ है। पिछले साल अब तक एक बार सभी जगह कालका, पिंजौर, बरवाला, मोरनी और रायपुररानी में फॉगिंग हो जाती थी। इस बार अभी तक यह फॉगिंग नहीं हुई है। इस कारण दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हाई रिस्क जोन में लोगों को डेंगू और मलेरिया दोनों होने का खतरा बना है। इसे अभी तक सुधार नहीं हो पाया है।
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स्वास्थ्य विभाग ने नहीं ली दवा
नगर निगम की ओर से 140 मशीनें होने के बाद भी फॉगिंग नहीं हुई है। पंचकूला नगर निगम और कालका नगर परिषद के पास यह मशीनें हैं। दोनों ने स्वास्थ्य विभाग से दवा लेने के लिए संपर्क नहीं किया है। इस तरह के हालात में डेंगू और मलेरिया की बीमारी का खतरा अधिक हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक जिले की एक बॉयोलाॅजिस्ट की पोस्ट नहीं भरी गई है। इस कारण मच्छरों की कौन सी प्रजाति एक्टिव है। इसका पता नहीं लग पा रहा है। इसका पता नहीं लगने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। लोगाें में भय बना रहता है। वहीं ब्रीडर चेकर देरी से मिलने के कारण सर्वे में भी तेजी आ रही है। इसमें टेस्टिंग भी देरी से की जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम को दवा के छिड़काव का लेटर लिखा गया है। अभी तक लेटर लिखे जाने के बाद भी कहीं पर नगर निगम की ओर से फॉगिंग नहीं की गई है। - डॉ. सुरेश भोसले, जिला मलेरिया अधिकारी, पंचकूला स्वास्थ्य विभाग
फॉगिंग के लिए जल्द ही मीटिंग कर नगर निगम की ओर से शेड्यूल जारी किया जाएगा। इसमें सभी जगह दवाओं का छिड़काव किया जाएगा। - सचिन गुप्ता, कमिश्नर, पंचकूला नगर निगम