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हरियाणा रोडवेज का किराया नहीं बढ़ेगा, निजीकरण की केवल अटकलें : परिवहन मंत्री
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चंडीगढ़। हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा रोडवेज के किराया में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। ऐसा सरकार का कोई इरादा नहीं है। रोडवेज आम आदमी का हवाई जहाज है, जो उसे उसकी मंजिल तक पहुंचाने का एकमात्र सस्ता और भरोसेमंद साधन है।
शर्मा ने कहा कि कुछ लोग समय-समय पर रोडवेज को निजी हाथों में सौंपने की बात करते रहते हैं। ये केवल अटकलें हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में मौजूदा सरकार ने 809 बसें बेड़े में शामिल कर इस तरह की तमाम आशंकाओं को खारिज करने का काम किया है। इससे पहले 150 मिनी बसें व 19 वोल्वो बसें खरीदी गई थीं। जहां पिछला साल कोरोना की भेंट चढ़ गया, वहीं इस साल भी हालात अभी तक पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाए हैं। इन हालात में सीमित संख्या में बसें चलने के बावजूद कर्मचारियों को समय पर तनख्वाह देने के अलावा 40 के करीब विभिन्न श्रेणियों को रियायती यात्रा सुविधा देने का अपना सामाजिक दायित्व भी विभाग ने बखूबी निभाया है।
पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मांग के हिसाब से बसें शुरू की गई हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से अनुमति मिलने के बाद अगले सप्ताह की शुरुआत में बसें चलने की संभावना है। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। आमजन की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने और अपने परिवार की खातिर सोशल डिस्टेंसिंग, हेंड सैनिटाइजेशन और फेस मास्क जैसी चीजों का खास ख्याल रखें।
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शर्मा ने कहा कि कुछ लोग समय-समय पर रोडवेज को निजी हाथों में सौंपने की बात करते रहते हैं। ये केवल अटकलें हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में मौजूदा सरकार ने 809 बसें बेड़े में शामिल कर इस तरह की तमाम आशंकाओं को खारिज करने का काम किया है। इससे पहले 150 मिनी बसें व 19 वोल्वो बसें खरीदी गई थीं। जहां पिछला साल कोरोना की भेंट चढ़ गया, वहीं इस साल भी हालात अभी तक पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाए हैं। इन हालात में सीमित संख्या में बसें चलने के बावजूद कर्मचारियों को समय पर तनख्वाह देने के अलावा 40 के करीब विभिन्न श्रेणियों को रियायती यात्रा सुविधा देने का अपना सामाजिक दायित्व भी विभाग ने बखूबी निभाया है।
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पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मांग के हिसाब से बसें शुरू की गई हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से अनुमति मिलने के बाद अगले सप्ताह की शुरुआत में बसें चलने की संभावना है। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। आमजन की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने और अपने परिवार की खातिर सोशल डिस्टेंसिंग, हेंड सैनिटाइजेशन और फेस मास्क जैसी चीजों का खास ख्याल रखें।
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