Haryana: बच्चों के पोषण पर संकट, सरकारी स्कूल के 16.91 लाख विद्यार्थियों को तीन महीने नहीं मिला फ्लेवर्ड दूध
शिक्षकों के लिए ढाई साल पहले निर्धारित की गई कुकिंग कॉस्ट के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन देना गले की फांस बन कर रह गया है। पुरानी कीमतों के अनुसार वर्तमान में मिड-डे मील परोसना मुश्किल हो रहा है।
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हरियाणा में सरकारी स्कूलों के लगभग 16.91 लाख बच्चों को जुलाई से सितंबर तक फ्लेवर्ड दूध नहीं मिला। पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूलों में वेंडर्स ने सूखे पाउडर की आपूर्ति ही नहीं की। अक्तूबर की शुरुआत में दूध वितरण शुरू हुआ है। अप्रैल-मई महीने में स्कूलों में दूध पहुंचा था, उसके बाद जून में ग्रीष्मकालीन छुट्टियां हो गईं।
बच्चों को पूर्ण पोषण के लिए मिड-डे मील (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना) के तहत सप्ताह में तीन दिन हर बच्चे को बीस ग्राम फ्लेवर्ड दूध पिलाना जरूरी है। इसे सूखे पाउडर से स्कूल में ही बनाकर महीने में 12 दिन पिलाया जाता है। स्कूल शिक्षा विभाग का वीटा के साथ दूध आपूर्ति को लेकर करार है। सूत्रों के अनुसार वीटा ने जिन वेंडर्स को दूध आपूर्ति का ठेका दिया हुआ है, वे बजट मिलने पर ही स्कूलों में सूखा पाउडर पहुंचाते हैं। तीन महीनों में 1218 टन से ज्यादा दूध पाउडर की आपूर्ति ही नहीं हुई और मुख्यालय को यह रिपोर्ट दे दी गई कि स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाया जा रहा है।
शिक्षकों के लिए ढाई साल पहले निर्धारित की गई कुकिंग कॉस्ट के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन देना गले की फांस बन कर रह गया है। पुरानी कीमतों के अनुसार वर्तमान में मिड-डे मील परोसना मुश्किल हो रहा है। अप्रैल 2020 में कुकिंग कॉस्ट प्राइमरी लेवल पर प्रतिदिन 4.97 व मिडिल में 7.45 रुपये प्रति छात्र निर्धारित की गई थी। ढाई साल में चीनी, शक्कर, बेसन, राजमा, चना, दालें, सोयाबीन, मसाले, मौसमी सब्जियों के रेट बहुत ज्यादा बढ़े हैं। रिफाइंड तेल की कीमतें दो गुणा तक बढ़ चुकी हैं। रसोई गैस सिलिंडर अब 594 से 1079 रुपये तक पहुंच गया है। कुकिंग लागत की राशि दो-दो महीने देरी से जारी हो रही है।
वीटा से मांगी आपूर्ति रिपोर्ट, जिलों से डाटा तलब : संजीव कुमार
शिक्षा निदेशालय में मिड डे मील के महाप्रबंधक संजीव कुमार ने वीटा से दूध पाउडर की आपूर्ति रिपोर्ट और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से उपलब्धता का डाटा तलब किया है। उन्होंने स्कूलों में निरीक्षण करने वाली टीमों से भी इस बारे में बात की है। उन्होंने कहा कि हो सकता है वेंडर्स स्तर पर कोई दिक्कत हुई हो। स्कूलों में समय पर दूध आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाती है।
कुकिंग लागत बढ़ाएं, दूध पाउडर समय पर मिले : बास
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव सुनील बास ने कहा कि मौजूदा समय के खाद्य सामग्री, तेल व रसोई गैस की कीमतों को देखते हुए मिड-डे मील की कुकिंग लागत कम से कम तीन रुपये प्रति विद्यार्थी बढ़ाई जाए। समय पर स्कूलों को बजट जारी हो। दूध पाउडर की आपूर्ति में देरी नहीं होनी चाहिए। शिक्षक नेता दीपक गोस्वामी ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण योजना है, इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कुकिंग लागत बढ़ाने पर सरकार जल्द विचार करे।
प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में विद्यार्थी
जिले का नाम प्राइमरी मिडिल कुल संख्या
अंबाला 32741 22286 55027
भिवानी 40357 26824 67181
चरखी दादरी 13797 9301 23098
फरीदाबाद 59612 32908 92520
फतेहाबाद 47707 31442 79149
गुरुग्राम 64141 39931 104072
हिसार 60519 39894 100413
झज्जर 22783 15185 37968
जींद 48729 31358 80087
कैथल 45205 31463 76668
करनाल 61745 36951 98696
कुरुक्षेत्र 35057 23236 58293
महेंद्रगढ़ 25034 15924 40958
नूहं मेवात 141499 67378 208877
पलवल 64286 32003 96289
पंचकूला 30618 18571 49189
पानीपत 52414 28839 81253
रेवाड़ी 25803 16822 42625
रोहतक 25613 16853 42466
सिरसा 61197 38636 99833
सोनीपत 50575 30301 80876
यमुनानगर 48297 28072 76369
कुल 1057729 634178 1691907