फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Harsek's report, out of 80 cases, maximum number of cases have come from Kurukshetra 25 and Karnal 25.

Haryana: पराली जलाने के मामलों में कमी, पिछले साल अब तक आए थे 250 से अधिक मामले, इस साल 80 की रिपोर्ट

Mon, 10 Oct 2022 01:27 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 10 Oct 2022 01:27 AM IST
सार

वर्ष 2020 में हरियाणा में 15 सितंबर से 12 अक्टूबर तक 1213 स्थानों पर पराली जलाई गई थी। 2021 में इसी अवधि में 298 मामले रिपोर्ट किए गए। इस साल केवल 80 स्थानों पर ही पराली जलाई गई है।

विज्ञापन
Harsek's report, out of 80 cases, maximum number of cases have come from Kurukshetra 25 and Karnal 25.
पराली - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के लिए हर साल जिम्मेदार ठहराए जाने वाले किसानों में अब बदलाव हो रहा है। ये जागरूकता का असर ही है कि इस बार हरियाणा में खेतों में पराली जलाने के मामले कम सामने आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले अब तक तीन गुना कम केस सामने आए हैं। बता दें कि पिछले साल इस समय तक 250 से अधिक स्थानों पर पराली जलाई गई थी, लेकिन इस साल प्रदेश में कुल 80 स्थानों पर ही पराली जलने की रिपोर्ट आई है। कृषि विभाग के अधिकारी इसे सकारात्मक संकेत बता रहे हैं।

विज्ञापन


वर्ष 2020 में हरियाणा में 15 सितंबर से 12 अक्टूबर तक 1213 स्थानों पर पराली जलाई गई थी। 2021 में इसी अवधि में 298 मामले रिपोर्ट किए गए। इस साल केवल 80 स्थानों पर ही पराली जलाई गई है। हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसेक) द्वारा पराली जलाने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग को फोटो समेत अपडेट दिया जा रहा है। हरसेक की रिपोर्ट के अनुसार कुल 80 केसों में सबसे अधिक मामले कुरुक्षेत्र 25 और करनाल में 25 आए हैं।
विज्ञापन


इसके अलावा अंबाला 10, जींद 8, कैथल 8, फतेहाबाद 3, पानीपत-सोनीपत 2-2, पलपल और यमुनानगर में 1-1 स्थान पर पराली जलाई गई है। शेष 12 जिलों में एक स्थान पर भी पराली जलाना रिपोर्ट नहीं हुआ है। इस बार बेमौसमी बारिश के चलते धान की कटाई भी प्रभावित रही है। इस कारण सितंबर में प्रदेश में पराली जलाने का कोई केस सामने नहीं आया। अभी धान कटाई का सीजन जोरों पर है। अक्तूबर माह में ही पराली जलाने के 80 मामले सामने आए हैं। इनमें 5 अक्तूबर को 24 और 6 को 26 स्थानों पर पराली जलाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेष अभियान का असर है इस बार
हरियाणा सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान का असर है कि इस बार पराली जलाने के मामले कम सामने आ रहे हैं। खेत में पड़े पराली के बंडल इस बात के गवाह हैं कि किसानों ने पराली का प्रबंधन किया है। साथ ही पराली बेचकर अपनी आय बढ़ाई है। इससे पर्यावरण भी बचा है, दूसरा जमीन की उर्वरता भी बनी रही है। कृषि विभाग की तरफ से अपील है कि अपने आस पास के पड़ोसी किसानों को भी पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक करें। -हरदीप सिंह, महानिदेशक, कृषि विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed