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सियासी संकट : सिद्धू-कैप्टन के बीच पेंडुलम बने हरीश रावत, पंजाब के हालात से कांग्रेस हाईकमान पसोपेश में
Sun, 29 Aug 2021 12:43 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/नई दिल्ली
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 12:43 AM IST
सार
पार्टी हाईकमान पसोपेश में है कि प्रदेश कांग्रेस को कैसे एकजुट किया जाए, क्योंकि राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही पार्टी में विवाद तेज होते जा रहे हैं।
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हरीश रावत
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विस्तार
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच सुलह कराने में पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश रावत की हालत पेंडुलम जैसी हो गई है। रावत जैसे ही कैप्टन को मजबूती देने का एलान करते हैं, सिद्धू और उनके समर्थकों के मयानों से बयानों की तलवारें निकल आती हैं। वहीं जब रावत सिद्धू के साथ खड़े होने लगते हैं तो कैप्टन समर्थक नेता सक्रिय हो जाते हैं।
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दूसरी ओर, पार्टी हाईकमान पसोपेश में है कि प्रदेश कांग्रेस को कैसे एकजुट किया जाए, क्योंकि राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही पार्टी में विवाद तेज होते जा रहे हैं। बीते पांच माह के दौरान कैप्टन-सिद्धू विवाद के चलते हरीश रावत को बार-बार चंडीगढ़ और नई दिल्ली के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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शनिवार को रावत ने नई दिल्ली में राहुल गांधी से मिलकर नवजोत सिद्धू के बयानों की जानकारी दी। इससे पहले रावत ने शुक्रवार को देर शाम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर उन्हें भी सिद्धू के बयानों से अवगत कराया था। इसके साथ ही उन्होंने देहरादून में उनसे मिलने पहुंचे पंजाब के कैप्टन विरोधी खेमे के नेताओं से हुई बातचीत की भी जानकारी दी।
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रावत ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि पंजाब कांग्रेस में कोई विवाद नहीं है और सब कुछ ठीक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह अगले एक-दो दिन में चंडीगढ़ पहुंचकर कैप्टन और सिद्धू की बैठक करवाकर सुलह कराने की कोशिश करेंगे। रावत के बयान से साफ है कि हाईकमान कैप्टन और सिद्धू के अलावा अन्य नेताओं को भी तरजीह देना चाहता है।
हाईकमान को लगता है कि उनके विरोध जताने से ही सिद्धू के सलाहकार मालविंदर माली को हटना पड़ा है। इसी तरह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि अगर उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है तो सभी विधायकों से तालमेल बैठाना होगा। सिद्धू के ईंट से ईंट बजाने के बयान को हाईकमान और रावत उन्हें अकालियों, भाजपा और आप से जोड़कर देख रहे हैं।
...तो मैं ईंट से ईंट बजा दूंगा : सिद्धू
सिद्धू ने शुक्रवार को अमृतसर में एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अगर उन्होंने मुझे अपनी उम्मीदों और विश्वास की नीति के अनुसार काम करने दिया, तो वह राज्य में 20 साल तक कांग्रेस का शासन सुनिश्चित कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा, लेकिन अगर आप मुझे निर्णय लेने की अनुमति नहीं देते, तो मैं ईंट से ईंट बजा दूंगा। सिद्धू के इस बयान को सीधे तौर पर पार्टी हाईकमान को धमकी मानते हुए पंजाब कांग्रेस में भी हलचल तेज हो गई है। इस बीच, सिद्धू ने शनिवार को नया ट्वीट कर लिखा- ‘पंजाब मॉडल का मतलब है कि लोग व्यापार, उद्योग और सत्ता के लिए नीतियां बनाते हैं। लोगों को सत्ता वापस दी जाए।’
हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम : मनीष तिवारी
पंजाब से सांसद मनीष तिवारी ने सिद्धू के ईंट से ईंट बजाने वाले बयान के वीडियो को ट्वीट करते हुए शनिवार को लिखा कि हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती। तिवारी के इस ट्वीट को इस संदर्भ में लिया जा रहा है कि वह हाईकमान द्वारा सिद्धू के खिलाफ तुरंत कार्रवाई चाहते हैं।
पेंडुलम की हालत से निकलना चाहते हैं रावत
बीते पांच माह से पेंडुलम की तरह कैप्टन और सिद्धू और पार्टी हाईकमान के बीच झूल रहे हरीश रावत जितनी जल्दी हो पंजाब का प्रभार छोड़कर अपने राज्य उत्तराखंड में सक्रिय होना चाहते हैं, लेकिन हर दिन दोनों छोर से हो रही बयानबाजी उनकी राह रोक रही है। इस संबंध में रावत का कहना है कि अगर मेरी पार्टी कहती है कि प्रभारी की जिम्मेदारी जारी रखें तो मैं निर्वहन करता रहूंगा। मैं अगले एक-दो दिनों में पंजाब जाऊंगा और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात करूंगा। हमारी दो ही प्राथमिकताएं हैं, एक- हम कैसे चुनाव जीतें और दूसरा- लोगों के राजनीतिक हित सुरक्षित रखें। रावत का कहना है कि मेरे पास आते आते विधायकों के मुद्दे खत्म हो गए थे।
सिद्धू आक्रामक खिलाड़ी, कैप्टन कांग्रेस के सीएम : रावत
रावत ने शनिवार को कहा- सिद्धू आक्रामक खिलाड़ी हैं। हमको तो ताली बजानी है। हम तो चाहते हैं कि हमारे अध्यक्ष का ये तेवर बना रहे। चुनाव के समय हमें आक्रामक बैट्समैन चाहिए, इसलिए उन्हें बनाया है। उनका कहने का अंदाज है तो उसको भी सहन करना पड़ेगा। इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के बारे में रावत कह चुके हैं- कैप्टन कांग्रेस के सीएम हैं, सरकार वे ही चला रहे हैं। मैंने पहले भी कहा कि कैप्टन के नेतृत्व में चुनाव होगा। कैप्टन साहब ने आश्वासन दिया है कि किसी के खिलाफ कोई प्रतिशोध की कार्रवाई नहीं होगी और अगर कहीं कोई कर रहा है तो विधायक और नेता मुझे बता दें।