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मेहनत : परिवार संभालने के साथ घर चलाने में भी पति का हाथ बंटाती हैं कृष्णा देवी
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पंचकूला। माणक टबरा गांव निवासी कृष्णा देवी तीन बच्चों और परिवार को संभालने के साथ ही घर को चलाने में अपने पति की मदद कर रही हैं। कृष्णा देवी सुबह चार बजे उठकर आसपास के क्षेत्र में अखबार देने का काम करती हैं। उनके पति शिव भी अखबार डालने का ही काम करते हैं। दोनों सुबह चार बजे निकलकर वापस साढ़े सात बजे पहुंचते हैं। घर पहुंचने के बाद बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार करने से लेकर खाना बनाने और सफाई करने की जिम्मेवारी भी निभा रही हैं।
कृष्णा देवी ने बताया कि उसने चार साल पहले अखबार बांटना शुरू किया था। शुरुआत में बड़ी परेशानी हुई। मगर आमदनी कम होने के कारण पति का हाथ बंटाना जरूरी था। इसलिए उनके साथ ही अखबार बांटना शुरू किया। अब यह काम आसान लगने लगा है। इससे कुछ आमदनी भी हो जाती है, जिससे परिवार का खर्च चल जाता है। कृष्णा देवी के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी किरण 22 साल की है। उससे छोटी बेटी सिमरन 19 साल की है। सबसे छोट बेटा सुखप्रीत 16 साल का है।
2016 में शुरू किया था बांटना
कृष्णा देवी ने बताया कि उसने वर्ष 2016 से अखबार बांटना शुरू किया था। उस समय वो हर रोज 50 अखबार बांटती थी। धीरे-धीरे अखबारों की संख्या बढ़ने लगी और वह रोज 250 अखबार बांटने लगी थी। अखबारों की संख्या के साथ ही आमदनी भी बढ़ने लगी थी। उसके बाद कोरोना संक्रमण काल के बाद अखबारों की संख्या में कमी आई। वर्तमान में वह हर रोज 100 अखबार बांटती है।
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सबसे पहले उठती हैं और बाद में सोती हैं
कृष्णा देवी सुबह परिवार में सबसे पहले उठती हैं। चार बजे घर से रवाना होने के लिए उन्हें सवा तीन बजे उठना पड़ता है। उसके बाद रात को खाना बनाने और बर्तन धोने में काफी रात हो जाती है। पूरे परिवार के सोने के बाद ही कृष्णा देवी सोती हैं।
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कृष्णा देवी ने बताया कि उसने चार साल पहले अखबार बांटना शुरू किया था। शुरुआत में बड़ी परेशानी हुई। मगर आमदनी कम होने के कारण पति का हाथ बंटाना जरूरी था। इसलिए उनके साथ ही अखबार बांटना शुरू किया। अब यह काम आसान लगने लगा है। इससे कुछ आमदनी भी हो जाती है, जिससे परिवार का खर्च चल जाता है। कृष्णा देवी के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी किरण 22 साल की है। उससे छोटी बेटी सिमरन 19 साल की है। सबसे छोट बेटा सुखप्रीत 16 साल का है।
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2016 में शुरू किया था बांटना
कृष्णा देवी ने बताया कि उसने वर्ष 2016 से अखबार बांटना शुरू किया था। उस समय वो हर रोज 50 अखबार बांटती थी। धीरे-धीरे अखबारों की संख्या बढ़ने लगी और वह रोज 250 अखबार बांटने लगी थी। अखबारों की संख्या के साथ ही आमदनी भी बढ़ने लगी थी। उसके बाद कोरोना संक्रमण काल के बाद अखबारों की संख्या में कमी आई। वर्तमान में वह हर रोज 100 अखबार बांटती है।
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सबसे पहले उठती हैं और बाद में सोती हैं
कृष्णा देवी सुबह परिवार में सबसे पहले उठती हैं। चार बजे घर से रवाना होने के लिए उन्हें सवा तीन बजे उठना पड़ता है। उसके बाद रात को खाना बनाने और बर्तन धोने में काफी रात हो जाती है। पूरे परिवार के सोने के बाद ही कृष्णा देवी सोती हैं।