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Hindi News ›   Chandigarh ›   GRAP will be implemented in NCR from October 1, DG SAT and coal based industries will not be able to run

Haryana: एक अक्तूबर से एनसीआर में जनरेटर पर प्रतिबंध, प्रदूषण रोकने को लागू होगा ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान

Fri, 23 Sep 2022 02:27 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 23 Sep 2022 02:27 AM IST
सार

ग्रैप लागू होने पर उद्योगों में क्लीन फ्यूल के प्रयोग पर बल दिया जाएगा। जिन उद्योगों में पीएनजी गैस की सप्लाई है, वे अपने यहां गैस का प्रयोग करेंगे और जिन उद्योगों में गैस की आपूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है वे बायोमास का प्रयोग फ्यूल के तौर पर करें।

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GRAP will be implemented in NCR from October 1, DG SAT and coal based industries will not be able to run
- फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एनसीआर में एक अक्तूबर से ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू करने जा रहा है। इसके तहत एनसीआर के जिलों में एक अक्तूबर से जनरेटर सैट के संचालन पर प्रतिबंध होगा। केवल आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, मेडिकल उपकरण चलाने, सेना से संबंधित कार्यों या अन्य इमरजेंसी हालातों में ही डीजी सैट के प्रयोग की अनुमति होगी। साथ ही जहां पर पीएनजी की लाइन बिछ चुकी है वहां पर कोयला, डीजल व जनरेटर पर आधारित उद्योग नहीं चल सकेंगे। जहां पीएनजी की लाइन नहीं बिछ पाई है, वहां एक जनवरी 2023 से यह नियम लागू होगा।

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गुरुवार को हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रैप को लेकर प्रदेश के सभी डीसी समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि इस बार एनसीआर में संशोधित ग्रैप लागू किया जा रहा है जिसके तहत वायु की गुणवत्ता के आधार पर ग्रैप को अलग-अलग चार स्टेज में विभाजित किया है। एक्यूआई अर्थात एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से ऊपर पहुंचने पर पहली स्टेज खराब की होगी। 300 से ऊपर दूसरी स्टेज ज्यादा खराब, एक्यूआई 400 से ऊपर जाने पर स्टेज तीन गंभीर और एक्यूआई 450 से ऊपर जाने पर स्टेज चार ‘वैरी सीवियर‘ (अति गंभीर) की होगी। एनसीआर के जिलों में प्रदूषण को कम करने के लिए 500 वर्ग मरीट से ज्यादा एरिया में निर्माण व तोड़फोड़ के लिए डस्ट कंट्रोल एप पर रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।
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उन्होंने कहा कि ग्रैप लागू होने पर उद्योगों में क्लीन फ्यूल के प्रयोग पर बल दिया जाएगा। जिन उद्योगों में पीएनजी गैस की सप्लाई है, वे अपने यहां गैस का प्रयोग करेंगे और जिन उद्योगों में गैस की आपूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है वे बायोमास का प्रयोग फ्यूल के तौर पर करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कहा कि वे ढाबा, होटल और रेस्टोरेंट आदि में कोयले के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाना सुनिश्चित करें। इसके साथ उन्होंने कहा कि सभी जिलों में एक जिला पर्यावरण योजना (डिस्ट्रिक्ट एनवायरमेंट प्लान) तैयार की जाए। वायु प्रदूषण की रोकथाम में लिए विशेष मॉनिटरिंग टीमों का गठन करने और रात को पेट्रोलिंग करवाने के साथ आकस्मिक तौर पर चेकिंग करवाने की हिदायत भी दी। गौर हो कि हरियाणा के 14 जिले एनसीआर क्षेत्र में आते हैं।

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तीन दिन पहले मिलेगी वायु गुणवत्ता की जानकारी

राव ने बताया कि मौसम विभाग की तरह इंडियन इस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटिरियोलॉजी वायु की गुणवत्ता के बारे में तीन दिन पहले ही पूर्व अनुमान बताएगा। पहले वायु को लेकर जानकारी उसी दिन मिलती थी, लेकिन अब लोगों को पहले से ही प्रदूषण स्तर की जानकारी मिल सकेगी। इसका लाभ ये रहेगा कि प्रदूषण से बचने के लिए लोग पहले ही तैयारी कर सकेंगे।

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