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भगोड़े पर जहां-जहां एफआईआर वहां के एसएचओ की सैलरी रोक दे सरकार: हाईकोर्ट

Tue, 16 Jan 2024 03:50 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jan 2024 03:50 AM IST
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Government should stop the salary of SHO wherever FIR is lodged against fugitive: High Court
चंडीगढ़। पंजाब के छह जिलों में 33 एफआईआर और इनमें 19 में भगोड़ा करार देने के बावजूद गिरफ्तारी न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाते हुए एडीजीपी को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जिन एसएचओ के अधीन मामलों की जांच विचाराधीन है उन सभी का वेतन रोकने का भी आदेश दिया है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए फाजिल्का निवासी लवजीत सिंह ने अमनदीप कंबोज उर्फ अमनदीप स्कोडा और कुछ पुलिस अधिकारियों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया था। याचिका में कहा गया था कि पुलिस अधिकारी जानबूझ कर कंबोज को गिरफ्तार नहीं कर रहे हैं। हाईकोर्ट में यह मामला काफी समय से विचाराधीन होने के बावजूद अब इस मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपना लिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पंजाब के डीजीपी ने 17 अगस्त 2021 को हलफनामा दाखिल कर गिरफ्तारी को लेकर एक्शन लेने की बात कही थी लेकिन, न तो अब तक अपराधी को गिरफ्तार किया गया है और न ही संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया आरंभ की गई है। इस मामले में पंजाब पुलिस की खुफिया एजेंसी नाकाम रही है। इस कोर्ट द्वारा विभिन्न अवसरों पर बार-बार पारित आदेशों के बावजूद, इसके अनुपालन के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं।
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जिन पुलिस अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में आरोपी के खिलाफ जांच विचाराधीन हैं उन्होंने अपने कर्तव्य को निभाने के लिए सही प्रकार से काम नहीं किया जो स्पष्ट विफलता के रूप में सामने है। ऐसे में हमारे पास ऐसे सभी एसएचओ के वेतन को रोकने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचता है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को दो सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने पंजाब के एडीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) को इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों का संकेत देते हुए अपना हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।
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