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चंडीगढ़ : गुर्जर महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर रोष, शिअद ने पुस्तक के लेखक व अनुवादक को गिरफ्तार करने की मांग की
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मियां गोवर्धन सिंह द्वारा लिखी और डॉ. चमन लाल गुप्ता द्वारा अनुवादित पुस्तक ‘हिमाचल प्रदेश : इतिहास, संस्कृति और आर्थिक स्थिति’ में हिमाचल के गुर्जर समुदाय की महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों का कड़ा नोटिस लेते हुए कहा है कि लेखक और अनुवादक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। समुदाय की भावनाओं को आहत करने के लिए दोनों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
मंगलवार को जारी एक प्रेस बयान में शिअद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि गुर्जर महिलाओं के बारे में इस पुस्तक में बेहद अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं। इन टिप्पणियों से आम तौर पर शांतिप्रिय लोगों और विशेष रूप से गुर्जर समुदाय के सदस्यों को ठेस पहुंची है। उन्होंने हैरानी जताई कि जब पूरी दुनिया में महिलाओं की सामान भागीदारी की बात हो रही है तो एक लेखक महिलाओं को इस अंदाज में कैसे परिभाषित कर सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी सही सोच रखने वाला व्यक्ति महिलाओं के खिलाफ इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी नहीं कर सकता, चाहे वे किसी भी समुदाय से संबंधित क्यों न हो।
डॉ. चीमा ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि वे इस पुस्तक के लेखक और अनुवादक के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने का आदेश दें क्योंकि इससे गुर्जर समुदाय की महिलाओं के सम्मान को गहरी ठेस पहुंची है।
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मंगलवार को जारी एक प्रेस बयान में शिअद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि गुर्जर महिलाओं के बारे में इस पुस्तक में बेहद अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं। इन टिप्पणियों से आम तौर पर शांतिप्रिय लोगों और विशेष रूप से गुर्जर समुदाय के सदस्यों को ठेस पहुंची है। उन्होंने हैरानी जताई कि जब पूरी दुनिया में महिलाओं की सामान भागीदारी की बात हो रही है तो एक लेखक महिलाओं को इस अंदाज में कैसे परिभाषित कर सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी सही सोच रखने वाला व्यक्ति महिलाओं के खिलाफ इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी नहीं कर सकता, चाहे वे किसी भी समुदाय से संबंधित क्यों न हो।
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डॉ. चीमा ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि वे इस पुस्तक के लेखक और अनुवादक के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने का आदेश दें क्योंकि इससे गुर्जर समुदाय की महिलाओं के सम्मान को गहरी ठेस पहुंची है।
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