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चार दोस्तों की मेहनत: 51 साल पहले मनसा देवी मंदिर में शुरू किया था भंडारा, रोजाना 10 हजार को खिला रहे खाना

Wed, 09 Oct 2024 10:51 PM IST
अंकेश ठाकुर अक्षय जाधव/संवाद, पंचकूला
अक्षय जाधव/संवाद, पंचकूला Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 09 Oct 2024 10:51 PM IST
सार

चार दोस्त बिमल जैन, अशोक गुप्ता, सुरेश जैन और सतीश गुप्ता ने साल 1973 में श्री माता मनसा देवी मंदिर में पटियाला मंदिर के पास 100 लोगों के लिए भंडारा शुरू किया था।

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four friends started bhandara in Mansa Devi temple 51 years ago feeding 10000 people daily Navratri Special
मनसा देवी मंदिर में भंडारा। - फोटो : संवाद

विस्तार

किसी भी धार्मिक सामाजिक काम के लिए मन में श्रद्धा और लगन होनी चाहिए। ऐसी श्रद्धा और लगन के साथ चार दोस्त बिमल जैन, अशोक गुप्ता, सुरेश जैन और सतीश गुप्ता ने साल 1973 में श्री माता मनसा देवी मंदिर में पटियाला मंदिर के पास 100 लोगों के लिए भंडारा शुरू किया था। इनमें विमल जैन और अशोक गुप्ता इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके नेक काम को आज भी लोग याद करते हैं। 
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चारों दोस्तों 51 साल पहले ने 51-51 रुपये डालकर महीने में एक दिन भंडारा लगाना शुरू किया। भंडारे का खाना चारों चंडीगढ़ की कैंटीन से बनाकर लाते थे। इसके बाद सप्ताह में दो दिन रविवार और शनिवार को भंडारा लगाया जाने लगा। कुछ समय बाद उनके साथ अन्य लोग भी इस नेक काम में जुट गए। पटियाला मंदिर के प्रांगण में रसोई बनाकर यहीं से उन्होंने भंडारे का प्रसाद बनाना शुरू कर दिया। 
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इस कार्य में काफी लोग आगे आए, जिसके बाद भंडारा प्रतिदिन लगाया जाने लगा। 1989 में महामाई मनसा देवी कमेटी के नाम से संस्था बनाकर इसे हरियाणा सरकार से रजिस्टर करवाया गया। अब प्रतिदिन करीब दस हजार लोग भंडारा प्रांगण में प्रसाद ग्रहण करते हैं। रविवार व नवरात्र के दिन लगभग तीस हजार लोग प्रतिदिन प्रसाद ग्रहण करते हैं।
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पीजीआई सहित अन्य अस्पतालों में चल रहा भंडारा
महामाई मनसा देवी कमेटी के प्रधान अमित जैन ने बताया कि भंडारे के लिए उनके पास आठ मोबाइल वैन हैं। इनके माध्यम से पीजीआई, सेक्टर-16 अस्पताल, सेक्टर-32 अस्पताल, सेक्टर-6 सिविल अस्पताल और मनीमाजरा डिस्पेंसरी में रोज मोबाइल वैन जरूरतमंद लोगों के पेट भरती है। इसके अलावा अगर कोई भंडारा करवाना चाहता है तो वह बारह हजार रुपये देकर 500 लोगों के भंडारे के लिए मोबाइल वैन को बुक करवा सकता है। कमेटी की ओर से शहर की मार्केटों में भी भंडारा लगाया जाता है।


नवरात्र में बनता है व्रत का खाना
स्व. विमल जैन के बेटे अमित जैन ने बताया कि नवरात्र में व्रत वालों के लिए अलग से खाना बनाया जाता है। जिसमें सील के लड्डू, आलू चिप्स, समा के चावल, खीर आलू की सब्जी, फ्रूट चाट होते हैं। इसके अलावा व्रत न रखने वालों के लिए हलवा, पूड़ी, रोटी, चावल, आलू चना और पेठा बनाया जाता है। भंडारा सुबह ब्रेकफास्ट के साथ पांच बजे से शुरू होता है जिसमें चाय, ब्रेड पकोड़ा, नमकीन मट्ठी श्रद्धालुओं को खिलाई जाती है, जोकि दस बजे तक चलता है। सुबह सवा ग्यारह बजे से दोपहर दो बजे तक भंडारे में श्रद्धालुओं को खाना दिया जाता है। जिसके बाद शाम सवा चार बजे से पौने छह बजे तक चाय मट्ठी और सवा छह बजे से रात बारह बजे तक श्रद्धालुओं को खाना खिलाया जाता है।
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