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Panchkula News: आईडीएफसी घोटाले में पूर्व ब्रांच मैनेजर को जमानत नहीं
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645 करोड़ के सरकारी फंड घोटाले में सीबीआई ने बताया मुख्य साजिशकर्ता
विशेष अदालत ने याचिका खारिज की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। करीब 645 करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव रिषी को अदालत से राहत नहीं मिली। पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई ने जांच में रिभव रिषी की भूमिका को अहम बताते हुए उसे कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता बताया है।
रिभव रिषी चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात था। सीबीआई के अनुसार, सरकारी धन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग कर इधर-उधर किया गया। एजेंसी बैंक खातों से हुए लेनदेन, सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग और आरोपियों के बीच संभावित साठगांठ की जांच कर रही है।
जांच के मुताबिक, ब्रांच मैनेजर के पद पर रहते हुए रिभव रिषी को बैंकिंग प्रक्रिया और खातों से संबंधित जानकारी थी और इसी का कथित तौर पर घोटाले में इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर सीबीआई उसकी भूमिका को महत्वपूर्ण मान रही है।
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रिभव रिषी को पुलिस ने 24 फरवरी को गिरफ्तार किया था। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने 17 अप्रैल को उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है।
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विशेष अदालत ने याचिका खारिज की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। करीब 645 करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव रिषी को अदालत से राहत नहीं मिली। पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई ने जांच में रिभव रिषी की भूमिका को अहम बताते हुए उसे कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता बताया है।
रिभव रिषी चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात था। सीबीआई के अनुसार, सरकारी धन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग कर इधर-उधर किया गया। एजेंसी बैंक खातों से हुए लेनदेन, सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग और आरोपियों के बीच संभावित साठगांठ की जांच कर रही है।
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जांच के मुताबिक, ब्रांच मैनेजर के पद पर रहते हुए रिभव रिषी को बैंकिंग प्रक्रिया और खातों से संबंधित जानकारी थी और इसी का कथित तौर पर घोटाले में इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर सीबीआई उसकी भूमिका को महत्वपूर्ण मान रही है।
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रिभव रिषी को पुलिस ने 24 फरवरी को गिरफ्तार किया था। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने 17 अप्रैल को उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है।