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शहीद को भूले, नहीं बनाया स्मारक
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 24 Sep 2013 01:58 AM IST
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20 जनवरी, 2006 को मणिपुर में आतंकियों से लोहा लेते हुए हरियाणा के वीर पुत्र लेफ्टिनेंट कर्नल राजीव बख्शी शहीद हो गए थे।
उस समय राजीव बख्शी की याद में स्मारक बनाने के वादे किए गए, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया। बेटे के नाम स्मारक बनाए जाने के इंतजार में उनके परिजनों की आंखे थक चुकी हैं।
शहीद की मां ने कहा स्मारक तो नहीं बना। अब कम से कम उनके बेटे के नाम पर स्टेडियम या टूर्नामेंट का ही आयोजन किया जाए, क्यों कि राजीव वॉलीबाल के बेहतरीन खिलाड़ी थे।
शहीद राजीव बख्शी की मां उषा बक्शी ने बताया बेटे के शहीद होने के बाद उन्हें काफी लोगों ने सांत्वना दी। साथ ही उसकी याद में स्मारक बनाने की बातें की। लेकिन, सात साल बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा सकी।
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हरियाणा वीर एवं शहीद दिवस के मौके पर सोमवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में ले. कर्नल राजीव बख्शी की बुजुर्ग मां उषा बक्शी की जुबान लड़खड़ा गई। उन्होंने कहा, शायद अब मेरे बेटे को सभी भूल चुके हैं।
लेकिन, वो आखिरी दिन आज भी याद है, जब 16 जनवरी 2006 को उसकी मेरे पास आखिरी कॉल आई थी। बार-बार मुझसे अपने पापा का ध्यान रखने की बात कह रहा था।
पिता रिटायर्ड ले. कर्नल जेएमएल बख्शी ने गर्व से बताया जिस डोगरा रेजीमेंट में रहते हुए मैंने 32 साल देश सेवा की। उसी रेजीमेंट में तैनात रहते हुए उनके बेटे ने आतंकियों से लोहा लेते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। तीन पीढ़ियां फौज में रहकर देश सेवा कर चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि 21 जनवरी का दिन आज भी याद है जब हरियाणा सरकार के एक मंत्री ने मुझसे मेरी इच्छा के बारे में पूछा था। मैंने जवाब में बेटे की याद में शहीद स्मारक बनाने की मांग की थी, लेकिन स्मारक बनाना तो दूर, इस बारे में दोबारा किसी ने पूछा तक नहीं।
उसके नाम पर स्मारक तो नहीं बन सका, लेकिन स्टेडियम, स्कूल या सड़क के साथ उसका नाम जोड़कर भी उसकी शहादत को याद रखा जा सकता है। वहीं, उनकी मां ने कहा कि एक तरफ सरकार जहां राज्य में हरियाणा वीर शहीदी दिवस के तौर पर मना रही तो दूसरी तरफ इसे भूल कैसे गई।
पंचकूला में इनके नाम पर है स्मारक और मार्ग
कैप्टन रोहित कौशल मार्ग, जोए लाल मार्ग, नवनीत वत्स मार्ग, मेजर संदीप सागर स्मारक, मेजर संदीप सागर स्कूल और संदीप शांकला के स्मारक हैं।
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उस समय राजीव बख्शी की याद में स्मारक बनाने के वादे किए गए, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया। बेटे के नाम स्मारक बनाए जाने के इंतजार में उनके परिजनों की आंखे थक चुकी हैं।
शहीद की मां ने कहा स्मारक तो नहीं बना। अब कम से कम उनके बेटे के नाम पर स्टेडियम या टूर्नामेंट का ही आयोजन किया जाए, क्यों कि राजीव वॉलीबाल के बेहतरीन खिलाड़ी थे।
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शहीद राजीव बख्शी की मां उषा बक्शी ने बताया बेटे के शहीद होने के बाद उन्हें काफी लोगों ने सांत्वना दी। साथ ही उसकी याद में स्मारक बनाने की बातें की। लेकिन, सात साल बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा सकी।
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हरियाणा वीर एवं शहीद दिवस के मौके पर सोमवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में ले. कर्नल राजीव बख्शी की बुजुर्ग मां उषा बक्शी की जुबान लड़खड़ा गई। उन्होंने कहा, शायद अब मेरे बेटे को सभी भूल चुके हैं।
लेकिन, वो आखिरी दिन आज भी याद है, जब 16 जनवरी 2006 को उसकी मेरे पास आखिरी कॉल आई थी। बार-बार मुझसे अपने पापा का ध्यान रखने की बात कह रहा था।
पिता रिटायर्ड ले. कर्नल जेएमएल बख्शी ने गर्व से बताया जिस डोगरा रेजीमेंट में रहते हुए मैंने 32 साल देश सेवा की। उसी रेजीमेंट में तैनात रहते हुए उनके बेटे ने आतंकियों से लोहा लेते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। तीन पीढ़ियां फौज में रहकर देश सेवा कर चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि 21 जनवरी का दिन आज भी याद है जब हरियाणा सरकार के एक मंत्री ने मुझसे मेरी इच्छा के बारे में पूछा था। मैंने जवाब में बेटे की याद में शहीद स्मारक बनाने की मांग की थी, लेकिन स्मारक बनाना तो दूर, इस बारे में दोबारा किसी ने पूछा तक नहीं।
उसके नाम पर स्मारक तो नहीं बन सका, लेकिन स्टेडियम, स्कूल या सड़क के साथ उसका नाम जोड़कर भी उसकी शहादत को याद रखा जा सकता है। वहीं, उनकी मां ने कहा कि एक तरफ सरकार जहां राज्य में हरियाणा वीर शहीदी दिवस के तौर पर मना रही तो दूसरी तरफ इसे भूल कैसे गई।
पंचकूला में इनके नाम पर है स्मारक और मार्ग
कैप्टन रोहित कौशल मार्ग, जोए लाल मार्ग, नवनीत वत्स मार्ग, मेजर संदीप सागर स्मारक, मेजर संदीप सागर स्कूल और संदीप शांकला के स्मारक हैं।