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अवैध खनन का खुलासा करने वाले पिता-पुत्र ने पंजाब सीएम से खतरा बता मांगी सुरक्षा
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चंडीगढ़। पंजाब में अवैध खनन और रेत माफिया का प्रेस वार्ता के माध्यम से खुलासा करने वाले जसपाल सिंह ढिल्लों और उसके बेटे दर्शन सिंह ढिल्लों ने पंजाब के मुख्यमंत्री से अपने और अपने परिवार को खतरा बताते हुए सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की शह पर सरकार उन्हें किसी फर्जी मामले में फंसा सकती है। हाईकोर्ट ने डीजीपी को याची के मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए बताया गया कि उन्होंने चमकौर साहिब और आसपास के इलाके में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन का स्टिंग किया था। इस स्टिंग में सरपंच और अन्य प्रभावशाली लोगों ने यह कबूल किया था कि इस अवैध खनन में उन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। साथ ही यह भी कहा था कि इसी संरक्षण के कारण पुलिस और प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर ही नहीं सकते हैं। इस खुलासे के बाद ईडी ने मुख्यमंत्री के भतीजे के घर छापा मारा था। इस दौरान करोड़ों रुपये जब्त किए गए थे। इस प्रेस वार्ता के बाद अब वह न केवल सरकार बल्कि खनन माफिया के निशाने पर आ गए हैं।
याची ने कहा कि अब मुख्यमंत्री के इशारे पर याचिकाकर्ता के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज हो सकती है। उन्हें किसी भी प्रकार किसी मामले में फंसाया जा सकता है। ऐसे में याचिकाकर्ता को उचित सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका का निपटारा करते हुए डीजीपी को आदेश दिए हैं कि वह याचिकाकर्ता की सुरक्षा पर गौर कर उचित कदम उठाएं।
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याचिका दाखिल करते हुए बताया गया कि उन्होंने चमकौर साहिब और आसपास के इलाके में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन का स्टिंग किया था। इस स्टिंग में सरपंच और अन्य प्रभावशाली लोगों ने यह कबूल किया था कि इस अवैध खनन में उन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। साथ ही यह भी कहा था कि इसी संरक्षण के कारण पुलिस और प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर ही नहीं सकते हैं। इस खुलासे के बाद ईडी ने मुख्यमंत्री के भतीजे के घर छापा मारा था। इस दौरान करोड़ों रुपये जब्त किए गए थे। इस प्रेस वार्ता के बाद अब वह न केवल सरकार बल्कि खनन माफिया के निशाने पर आ गए हैं।
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याची ने कहा कि अब मुख्यमंत्री के इशारे पर याचिकाकर्ता के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज हो सकती है। उन्हें किसी भी प्रकार किसी मामले में फंसाया जा सकता है। ऐसे में याचिकाकर्ता को उचित सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका का निपटारा करते हुए डीजीपी को आदेश दिए हैं कि वह याचिकाकर्ता की सुरक्षा पर गौर कर उचित कदम उठाएं।
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