{"_id":"60832bcc8ebc3e80bd09b856","slug":"example-building-of-steel-structure-in-panchkula-the-fire-will-not-burn-the-earthquake-will-shake-pkl-office-news-pkl4113142141","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिसाल : पंचकूला में स्टील के ढांचे के बनी इमारत...आग जला सकेगी न, भूकंप हिला सकेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिसाल : पंचकूला में स्टील के ढांचे के बनी इमारत...आग जला सकेगी न, भूकंप हिला सकेगा
विज्ञापन
सेक्टर-27 में स्टील के ढांचे की ट्राइसिटी की पहली इमारत बनकर तैयार।
- फोटो : PKL OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचकूला। सेक्टर-27 में नगर निगम की जमीन पर एक ऐसी चार मंजिला इमारत बनकर तैयार हो गई है, जिसे आग जला नहीं सकेगी और भूकंप भी हिला नहीं सकेगा। यह पूरी इमारत स्टील के ढांचे से बनी है, जो ट्राइसिटी में अपनी तरह की पहली इमारत है। इस इमारत को ऐसी कामकाजी महिलाओं के लिए बनाया गया है, जो दूसरे राज्य से पंचकूला में कार्यरत हैं। इस इमारत में कुल 42 कमरे हैं। इमारत के हर कमरे के साथ एक रसोई, बाथरूम, कप बोर्ड और कॉमन बरामदा दिया गया है।
यह इमारत पूरी तरह से साउंड और फायर प्रूफ है। इतना ही नहीं इमारत में रहने वालों को सर्दी, गर्मी और भूकंप का कोई एहसास नहीं होगा। इस महिला छात्रावास में महिलाओं की सुरक्षा के साथ सोलर लाइट, पेयजल और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया गया है। इसके अलावा वार्डन कार्यालय, विजिटर रूम, गेस्ट रूम, केयर टेकर रूम, डायनिंग हाल, किचन बना है। इसके अलावा रीडिंग रूम व एरोबिक्स हाल का निर्माण किया गया है। इमारत को नगर निगम की देखरेख में भारत सरकार की एक कंपनी ने बनाया है। इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार ने करीब 5 करोड़ 20 लाख 83 हजार खर्च किए हैं, जबकि इमारत के लिए जमीन नगर निगम ने मुहैया करवाई है। इस इमारत को लाइट गेज स्टील फ्रेमवर्क सिस्टम के साथ सीमेंट फाइबर बोर्ड से बनाया गया है।
15 मई से पहले निगम को सौंपेगी कंपनी: जैन
प्रोजेक्ट का कार्य देख रहे इंजीनियर विनोद जैन ने बताया कि छात्रावास के लिए जमीन नगर निगम ने दी है। इसके प्लॉट का कुल एरिया करीब 3571.81 स्केयर मीटर है। भूतल पर 1467.77 वर्ग मीटर निर्माण हुआ है। प्लॉट डीएचपी एरिया 1412.36 स्केयर मीटर है। कारपेट एरिया 21.86 स्केयर मीटर, टोटल निर्माण एरिया 31.51 स्केयर मीटर है। कुल कवर एरिया 2015.95 स्केयर मीटर है। यह योजना भारत सरकार द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए है। योजना का मकसद घर से दूर रहने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सस्ता आवास उपलब्ध कराना है। इस इमारत को कंपनी 15 मई को नगर निगम को सौंपेगी।
विज्ञापन
इमारत का जल्द होगा उद्घाटन: मेयर
मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि स्टील ढांचे की बनकर तैयार हुई इमारत को एजेंसी 15 मई तक सौंपेगी। इसके बाद इस इमारत का उद्घाटन होगा। इसके बाद कामकाजी महिलाओं को कमरे अलॉट किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कमरे अलॉट करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाए इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एजेंसी को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह इस योजना को केंद्र सरकार ने केवल कामकाजी महिलाओं के लिए तैयार किया है। निगम ने केवल जमीन उपलब्ध करवाई है।
विज्ञापन
यह इमारत पूरी तरह से साउंड और फायर प्रूफ है। इतना ही नहीं इमारत में रहने वालों को सर्दी, गर्मी और भूकंप का कोई एहसास नहीं होगा। इस महिला छात्रावास में महिलाओं की सुरक्षा के साथ सोलर लाइट, पेयजल और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया गया है। इसके अलावा वार्डन कार्यालय, विजिटर रूम, गेस्ट रूम, केयर टेकर रूम, डायनिंग हाल, किचन बना है। इसके अलावा रीडिंग रूम व एरोबिक्स हाल का निर्माण किया गया है। इमारत को नगर निगम की देखरेख में भारत सरकार की एक कंपनी ने बनाया है। इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार ने करीब 5 करोड़ 20 लाख 83 हजार खर्च किए हैं, जबकि इमारत के लिए जमीन नगर निगम ने मुहैया करवाई है। इस इमारत को लाइट गेज स्टील फ्रेमवर्क सिस्टम के साथ सीमेंट फाइबर बोर्ड से बनाया गया है।
विज्ञापन
15 मई से पहले निगम को सौंपेगी कंपनी: जैन
प्रोजेक्ट का कार्य देख रहे इंजीनियर विनोद जैन ने बताया कि छात्रावास के लिए जमीन नगर निगम ने दी है। इसके प्लॉट का कुल एरिया करीब 3571.81 स्केयर मीटर है। भूतल पर 1467.77 वर्ग मीटर निर्माण हुआ है। प्लॉट डीएचपी एरिया 1412.36 स्केयर मीटर है। कारपेट एरिया 21.86 स्केयर मीटर, टोटल निर्माण एरिया 31.51 स्केयर मीटर है। कुल कवर एरिया 2015.95 स्केयर मीटर है। यह योजना भारत सरकार द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए है। योजना का मकसद घर से दूर रहने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सस्ता आवास उपलब्ध कराना है। इस इमारत को कंपनी 15 मई को नगर निगम को सौंपेगी।
विज्ञापन
इमारत का जल्द होगा उद्घाटन: मेयर
मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि स्टील ढांचे की बनकर तैयार हुई इमारत को एजेंसी 15 मई तक सौंपेगी। इसके बाद इस इमारत का उद्घाटन होगा। इसके बाद कामकाजी महिलाओं को कमरे अलॉट किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कमरे अलॉट करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाए इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एजेंसी को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह इस योजना को केंद्र सरकार ने केवल कामकाजी महिलाओं के लिए तैयार किया है। निगम ने केवल जमीन उपलब्ध करवाई है।

सेक्टर-27 में महिला छात्रावास के लिए तैयार होने वाली इमारत का स्टील का ढांचा।- फोटो : PKL OFFICE