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कोरोना और लॉकडाउनः संकट की घड़ी में देश के पूर्व सैनिकों ने संभाला मोर्चा, चला रहे सेवा अभियान
Thu, 09 Apr 2020 12:20 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2020 12:20 PM IST
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सरहद पर तो अपनी जिम्मेदारी निभाते ही हैं, देश में कोई संकट खड़ा हो जाए तो भी सैनिक और पूर्व सैनिक अपने फर्ज से कभी पीछे नहीं हटते। आज जब देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है तो देश के पूर्व सैनिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कोरोना से जंग के लिए मैदान में उतर पड़े हैं।
रक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ डिपार्टमेंट ऑफ एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर ने केंद्रीय, राज्य और जिला सैनिक बोर्ड के सहयोग से इन पूर्व सैनिकों को एकजुट किया। फिर लोगों की सेवा करने और उन्हें जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। देशभर में 32 राज्य सैनिक बोर्ड और 403 जिला सैनिक बोर्ड के अपने नेटवर्क के साथ पूर्व सैनिकों की फौज मैदान में उतर चुकी है।
इन टीमों में आर्मी, एयरफोर्स व नेवी तीनों के पूर्व सैनिक शामिल हैं। वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भी पूर्व सैनिक खतरे की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में डट गए हैं। इतना ही नहीं, पूर्व सैनिक अपनी हैसियत के हिसाब से कोरोना रिलीफ फंड में अपनी पेंशन में से धनराशि भी दे रहे हैं।
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वेस्टर्न कमांड के आला अधिकारी भी पूर्व सैनिकों के इस सहयोग और उनकी सेवा भावना के लिए उनकी हिम्मत बढ़ाने में जुटे हैं। पूर्व सैनिकों के इस अभियान की शुरुआत हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में हो चुकी है।
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रक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ डिपार्टमेंट ऑफ एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर ने केंद्रीय, राज्य और जिला सैनिक बोर्ड के सहयोग से इन पूर्व सैनिकों को एकजुट किया। फिर लोगों की सेवा करने और उन्हें जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। देशभर में 32 राज्य सैनिक बोर्ड और 403 जिला सैनिक बोर्ड के अपने नेटवर्क के साथ पूर्व सैनिकों की फौज मैदान में उतर चुकी है।
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इन टीमों में आर्मी, एयरफोर्स व नेवी तीनों के पूर्व सैनिक शामिल हैं। वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भी पूर्व सैनिक खतरे की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में डट गए हैं। इतना ही नहीं, पूर्व सैनिक अपनी हैसियत के हिसाब से कोरोना रिलीफ फंड में अपनी पेंशन में से धनराशि भी दे रहे हैं।
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वेस्टर्न कमांड के आला अधिकारी भी पूर्व सैनिकों के इस सहयोग और उनकी सेवा भावना के लिए उनकी हिम्मत बढ़ाने में जुटे हैं। पूर्व सैनिकों के इस अभियान की शुरुआत हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में हो चुकी है।
पीपीई किट उपलब्ध कराएंगे
हरियाणा एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अतर सिंह मुल्तानी और महासचिव खुशबीर सिंह दत्त ने बताया कि प्रदेश के पूर्व सैनिक अपनी पेंशन से डॉक्टरों, नर्सों और पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई किट उपलब्ध करवाएंगे। विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर से परामर्श लेकर उनकी जरूरत के हिसाब से इन किटों को उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही पूर्व सैनिक एक अभियान के तहत सफाई कर्मचारियों को भी ग्लव्स और मास्क वितरित करेंगे, ताकि वह भी सफाई के दौरान संक्रमण के खतरे से महफूज रहें। ऑल इंडिया एक्स सर्विसमैन बैंक इंप्लॉइज फेडरेशन के महासचिव वेंकटेश नारायणन ने बताया कि चंडीगढ़ में उनकी टीम लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जरूरतमंदों को घर-घर भोजन की व्यवस्था करवा रही है।
उनके अनुसार, वह खुद अपनी ओर से रोजाना 15 बुजुर्गों और असहाय लोगों के घरों में भोजन देकर आते हैं, जिनके बच्चे बाहर हैं और कोरोना की वजह से उनकी मेड भी अब घर में खाना पकाने नहीं आ रही है। इनमें कुछेक बुजुर्ग बहुत गरीब भी हैं। इसके अलावा उनके साथी 3.5 लाख रुपये अभी तक पीएम केयर फंड में जमा भी करवा चुके हैं।
इसके साथ ही पूर्व सैनिक एक अभियान के तहत सफाई कर्मचारियों को भी ग्लव्स और मास्क वितरित करेंगे, ताकि वह भी सफाई के दौरान संक्रमण के खतरे से महफूज रहें। ऑल इंडिया एक्स सर्विसमैन बैंक इंप्लॉइज फेडरेशन के महासचिव वेंकटेश नारायणन ने बताया कि चंडीगढ़ में उनकी टीम लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जरूरतमंदों को घर-घर भोजन की व्यवस्था करवा रही है।
उनके अनुसार, वह खुद अपनी ओर से रोजाना 15 बुजुर्गों और असहाय लोगों के घरों में भोजन देकर आते हैं, जिनके बच्चे बाहर हैं और कोरोना की वजह से उनकी मेड भी अब घर में खाना पकाने नहीं आ रही है। इनमें कुछेक बुजुर्ग बहुत गरीब भी हैं। इसके अलावा उनके साथी 3.5 लाख रुपये अभी तक पीएम केयर फंड में जमा भी करवा चुके हैं।
इस तरह पूर्व सैनिकों ने चला रखा सेवा अभियान
- पंजाब के राज्य सैनिक बोर्ड निदेशक ब्रिगेडियर सतिंद्र सिंह के अनुसार, सूबे में 4200 एक्स सर्विसमैन गार्जियंस ऑफ गवर्नेंस नियुक्त किए गए हैं। जो गांवों में डाटा कलेक्शन करने, कम्युनिटी सर्विलांस और ग्रामीणों को जागरूक करने के काम में जुटे हुए हैं।
- पूर्व सैनिकों ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखा है, जिसके जरिए वे पता करते हैं कि किस असहाय बुजुर्ग को दवा या अन्य खाद्य पदार्थों की जरूरत है। उसके बाद 45 पूर्व सैनिकों की टीम साइकिलों पर उन चीजों को दुकान से लेकर उनके घर देकर आती है।
- वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ दिवंगत कर्नल मनमोहन सिंह की पत्नी सुरेंद्र कौर ने 50 हजार, सूबेदार खेम सिंह ने 1.11 लाख, सूबेदार मेजर डीडी चड्ढा ने 31 हजार, हवलदार एसके चौहान ने 1 लाख रुपये पीएम केयर्स फंड में दिए हैं।
- सैकड़ों पूर्व सैनिक विभिन्न राज्यों की पुलिस को लॉकडाउन मैनेजमेंट की बहाली के तहत अपनी स्वैच्छिक सेवाएं दे रहे हैं।
- 28 एयर डिफेंस रेजीमेंट एक्स सर्विसमैन ऑर्गेनाइजेशन गरीब लोगों के घरों में राशन वितरित करवा रही है।
- कुछ एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन गरीब लोगों के लिए कम्युनिटी किचन चला रही है।
- बहुत से पूर्व सैनिक संगठन फील्ड में प्रशासन द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों में उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
- पूर्व सैनिकों ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखा है, जिसके जरिए वे पता करते हैं कि किस असहाय बुजुर्ग को दवा या अन्य खाद्य पदार्थों की जरूरत है। उसके बाद 45 पूर्व सैनिकों की टीम साइकिलों पर उन चीजों को दुकान से लेकर उनके घर देकर आती है।
- वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ दिवंगत कर्नल मनमोहन सिंह की पत्नी सुरेंद्र कौर ने 50 हजार, सूबेदार खेम सिंह ने 1.11 लाख, सूबेदार मेजर डीडी चड्ढा ने 31 हजार, हवलदार एसके चौहान ने 1 लाख रुपये पीएम केयर्स फंड में दिए हैं।
- सैकड़ों पूर्व सैनिक विभिन्न राज्यों की पुलिस को लॉकडाउन मैनेजमेंट की बहाली के तहत अपनी स्वैच्छिक सेवाएं दे रहे हैं।
- 28 एयर डिफेंस रेजीमेंट एक्स सर्विसमैन ऑर्गेनाइजेशन गरीब लोगों के घरों में राशन वितरित करवा रही है।
- कुछ एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन गरीब लोगों के लिए कम्युनिटी किचन चला रही है।
- बहुत से पूर्व सैनिक संगठन फील्ड में प्रशासन द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों में उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं।