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Panchkula News: सात साल बाद भी अधर में समलोठा-जिया ठाठर सड़क निर्माण, सरकारी फाइलों में उलझी परियोजना
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पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने कार्यकाल में किया था शिलान्यास, वन विभाग में मुआवजा राशि जमा करवाने के बाद भी सड़क निर्माण अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। मोरनी क्षेत्र के प्राचीन दुर्गा मंदिर समलोठा गांव से जिया ठाठर तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य पिछले सात वर्षों से सरकारी फाइलों में अटका हुआ है। सड़क निर्माण को लेकर कई बार सर्वे करवाए गए, अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और क्षतिपूर्ति रिपोर्ट भी तैयार की गई, लेकिन तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में निराशा बढ़ती जा रही है।
गौरतलब है कि इस सड़क का शिलान्यास हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान किया था। उस समय लोगों को उम्मीद जगी थी कि सड़क बनने से आसपास के गांवों के लोगों का आवागमन आसान होगा और रायपुर रानी तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। लेकिन सात साल से अधिक समय बीतने के बाद भी परियोजना अधूरी है।
सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद रूट को लेकर कई अड़चनें सामने आईं। शुरुआत में एक रूट का सर्वे करवाया गया जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। इसके बाद दूसरे रूट से दोबारा सर्वे करवाया गया। वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कई बार मौके का निरीक्षण किया तथा निर्माण से संबंधित क्षतिपूर्ति रिपोर्ट भी तैयार की गई। वन विभाग की औपचारिकताओं के तहत निर्धारित राशि भी जमा करवाई गई।
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इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। अब स्थिति यह है कि सड़क की फाइल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक घूम रही है, लेकिन परियोजना को लेकर कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही।
अमित शर्मा, ओम प्रकाश और श्रवण कुमार सहित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब सड़क का शिलान्यास हो चुका है और सर्वे व विभागीय औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं तो प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर निर्माण कार्य किस स्तर पर अटका हुआ है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभागों और प्रशासन से मांग की है कि लंबित औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर सड़क निर्माण शुरू करवाया जाए, ताकि वर्षों से इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। मोरनी क्षेत्र के प्राचीन दुर्गा मंदिर समलोठा गांव से जिया ठाठर तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य पिछले सात वर्षों से सरकारी फाइलों में अटका हुआ है। सड़क निर्माण को लेकर कई बार सर्वे करवाए गए, अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और क्षतिपूर्ति रिपोर्ट भी तैयार की गई, लेकिन तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में निराशा बढ़ती जा रही है।
गौरतलब है कि इस सड़क का शिलान्यास हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान किया था। उस समय लोगों को उम्मीद जगी थी कि सड़क बनने से आसपास के गांवों के लोगों का आवागमन आसान होगा और रायपुर रानी तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। लेकिन सात साल से अधिक समय बीतने के बाद भी परियोजना अधूरी है।
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सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद रूट को लेकर कई अड़चनें सामने आईं। शुरुआत में एक रूट का सर्वे करवाया गया जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। इसके बाद दूसरे रूट से दोबारा सर्वे करवाया गया। वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कई बार मौके का निरीक्षण किया तथा निर्माण से संबंधित क्षतिपूर्ति रिपोर्ट भी तैयार की गई। वन विभाग की औपचारिकताओं के तहत निर्धारित राशि भी जमा करवाई गई।
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इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। अब स्थिति यह है कि सड़क की फाइल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक घूम रही है, लेकिन परियोजना को लेकर कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही।
अमित शर्मा, ओम प्रकाश और श्रवण कुमार सहित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब सड़क का शिलान्यास हो चुका है और सर्वे व विभागीय औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं तो प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर निर्माण कार्य किस स्तर पर अटका हुआ है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभागों और प्रशासन से मांग की है कि लंबित औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर सड़क निर्माण शुरू करवाया जाए, ताकि वर्षों से इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सके।