चंडीगढ़। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐलनाबाद उपचुनाव व पंचायत चुनाव से बच रही है। सरकार जानती है कि उससे जनता का मोहभंग हो चुका है। लोकतंत्र में संवाद और विचारों के आदान-प्रदान से ही समाधान संभव है इसलिए सरकार बिना देरी किए किसानों के साथ संवाद स्थापित कर आंदोलन का सकारात्मक समाधान निकाले।
हुड्डा नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत को शांतिपूर्ण और सफल करार देते हुए कहा कि इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि पूरे देश का किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ है। वे एमएसपी की गारंटी चाहते हैं, इसलिए सरकार को 7 महीने से बंद पड़ी वार्ता को फिर से शुरू करना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि वे पहले दिन से किसानों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। किसान अपनी मांगें मनवाने के लिए सत्याग्रह और शांति के रास्ते पर संघर्षरत हैं। प्रजातंत्र में सभी को अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करने का अधिकार हासिल है। किसी भी राज्य सरकार ने उनके खिलाफ लाठीचार्ज नहीं किया, लेकिन हरियाणा में लगातार ऐसा करने वाली देश की इकलौती सरकार है। इसने कभी करनाल, कभी हिसार, रोहतक, तो कभी पीपली में बार-बार किसानों के ऊपर लाठियां बरसाईं। बार-बार मांग के बावजूद अब तक करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। न ही पूरे घटनाक्रम की हाईकोर्ट के सिटिंग या रिटायर जज की निगरानी में न्यायिक जांच करवाई।