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Panchkula News: जिले में आठ जगहें ब्लैक स्पॉट चिह्नित, हादसों का खतरा
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ओल्ड पंचकूला, चंडीमंदिर रेलवे स्टेशन समेत एनएच-5 और एनएच-7 के कई स्थान संवेदनशील
आईआरएडी के आंकड़ों के आधार पर हादसों के कारणों का आकलन कर सड़क सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में सड़क हादसों को कम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने आईआरएडी (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) में दर्ज हादसों के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर आठ स्थानों को ब्लैक स्पॉट के तौर पर चिह्नित किया है। इनमें ओल्ड पंचकूला, चंडीमंदिर रेलवे स्टेशन समेत एनएच-5 और एनएच-7 के कई स्थान शामिल हैं। इन जगहों पर हादसों के कारणों का आकलन कर सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
मानकों के अनुसार, किसी 500 मीटर सड़क पर तीन साल की अवधि में पांच या उससे अधिक गंभीर अथवा घातक सड़क हादसे होने पर उस स्थान को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया जाता है। इसके अलावा किसी एक स्थान पर तीन साल में 10 या उससे अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत होने पर भी उसे ब्लैक स्पॉट माना जाता है। हादसों के आंकड़ों के आधार पर ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां सड़क सुरक्षा के उपाय किए जाते हैं। संवाद
आठ स्थानों पर हादसों का खतरा
आईआरएडी में दर्ज सड़क हादसों की लोकेशन और अन्य विवरण के आधार पर पंचकूला में आठ संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। इनमें ओल्ड पंचकूला, चंडीमंदिर रेलवे स्टेशन, एनएच-5 पर बीड़ घघर के पास, चंडीमंदिर लाइट प्वाइंट, सूरजपुर बस स्टॉप, एनएच-5 पर रामपुर सियुड़ी गांव के पास, एनएच-7 पर कमांडो कट आईटी पार्क के पास और एनएच-5 पर कृषि भवन शामिल हैं। आईआरएडी में दर्ज हादसों के आंकड़ों से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि दुर्घटनाएं किन स्थानों पर और किस प्रकार की परिस्थितियों में हो रही हैं। इसके आधार पर दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर संबंधित विभागों के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं।
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सड़क की कमियों को दूर करने पर जोर
ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने का मुख्य उद्देश्य हादसों के कारणों का पता लगाकर उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना है। इन स्थानों पर वाहनों की तेज रफ्तार, सड़क की बनावट, मोड़, कट, लाइट प्वाइंट, बस स्टॉप, यातायात का दबाव और पैदल आवाजाही जैसे पहलुओं का आकलन किया जाता है। जरूरत के अनुसार रोड मार्किंग, संकेतक, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग और अन्य यातायात सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं।
कोट
आईआरएडी में दर्ज सड़क हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण दुर्घटनाओं के पैटर्न और संवेदनशील स्थानों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन आंकड़ों के आधार पर संबंधित स्थानों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
-आशीष, डिस्टि्रक्ट रोल आउट मैनेजर
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आईआरएडी के आंकड़ों के आधार पर हादसों के कारणों का आकलन कर सड़क सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में सड़क हादसों को कम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने आईआरएडी (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) में दर्ज हादसों के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर आठ स्थानों को ब्लैक स्पॉट के तौर पर चिह्नित किया है। इनमें ओल्ड पंचकूला, चंडीमंदिर रेलवे स्टेशन समेत एनएच-5 और एनएच-7 के कई स्थान शामिल हैं। इन जगहों पर हादसों के कारणों का आकलन कर सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
मानकों के अनुसार, किसी 500 मीटर सड़क पर तीन साल की अवधि में पांच या उससे अधिक गंभीर अथवा घातक सड़क हादसे होने पर उस स्थान को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया जाता है। इसके अलावा किसी एक स्थान पर तीन साल में 10 या उससे अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत होने पर भी उसे ब्लैक स्पॉट माना जाता है। हादसों के आंकड़ों के आधार पर ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां सड़क सुरक्षा के उपाय किए जाते हैं। संवाद
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आठ स्थानों पर हादसों का खतरा
आईआरएडी में दर्ज सड़क हादसों की लोकेशन और अन्य विवरण के आधार पर पंचकूला में आठ संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। इनमें ओल्ड पंचकूला, चंडीमंदिर रेलवे स्टेशन, एनएच-5 पर बीड़ घघर के पास, चंडीमंदिर लाइट प्वाइंट, सूरजपुर बस स्टॉप, एनएच-5 पर रामपुर सियुड़ी गांव के पास, एनएच-7 पर कमांडो कट आईटी पार्क के पास और एनएच-5 पर कृषि भवन शामिल हैं। आईआरएडी में दर्ज हादसों के आंकड़ों से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि दुर्घटनाएं किन स्थानों पर और किस प्रकार की परिस्थितियों में हो रही हैं। इसके आधार पर दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर संबंधित विभागों के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं।
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सड़क की कमियों को दूर करने पर जोर
ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने का मुख्य उद्देश्य हादसों के कारणों का पता लगाकर उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना है। इन स्थानों पर वाहनों की तेज रफ्तार, सड़क की बनावट, मोड़, कट, लाइट प्वाइंट, बस स्टॉप, यातायात का दबाव और पैदल आवाजाही जैसे पहलुओं का आकलन किया जाता है। जरूरत के अनुसार रोड मार्किंग, संकेतक, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग और अन्य यातायात सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं।
कोट
आईआरएडी में दर्ज सड़क हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण दुर्घटनाओं के पैटर्न और संवेदनशील स्थानों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन आंकड़ों के आधार पर संबंधित स्थानों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
-आशीष, डिस्टि्रक्ट रोल आउट मैनेजर