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Panchkula News: पर्ल ग्रुप जमीन रजिस्ट्री मामले में डीआरओ से पूछताछ
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आरोपियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश, लेनदेन और दस्तावेजों की खंगाली जा रही कड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पर्ल ग्रुप की जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री मामले में गिरफ्तार डीआरओ जोगिंदर शर्मा से एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की पूछताछ लगातार जारी है। जांच के सिलसिले में बुधवार को एसीबी की टीम ने आरोपी को साथ लेकर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी की। कार्रवाई का उद्देश्य मामले में फरार आरोपियों का सुराग जुटाना तथा कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य और धनराशि की जानकारी हासिल करना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मामले में नामजद अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसीबी की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। हालांकि देर शाम तक किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
गौरतलब है कि एसीबी ने 5 जुलाई को डीआरओ जोगिंदर शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। मेडिकल जांच के बाद 6 जुलाई को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
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50 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री जांच के घेरे में
एसीबी की जांच के अनुसार रायपुररानी क्षेत्र में पर्ल ग्रुप की करीब 50 एकड़ जमीन की कथित तौर पर नियमों के विपरीत रजिस्ट्री कर उसे कम कीमत पर बेचा गया। जिस समय ये रजिस्ट्रियां हुईं, उस दौरान विक्रम सिंगला रायपुररानी में तहसीलदार के पद पर तैनात थे। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिनमें जमीन की बिक्री से संबंधित कथित बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। वहीं पूछताछ के दौरान रायपुररानी के पूर्व तहसीलदार ने भी डीआरओ जोगिंदर शर्मा का नाम लिया है। एसीबी पूरे मामले में दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन, रजिस्ट्री प्रक्रिया और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पर्ल ग्रुप की जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री मामले में गिरफ्तार डीआरओ जोगिंदर शर्मा से एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की पूछताछ लगातार जारी है। जांच के सिलसिले में बुधवार को एसीबी की टीम ने आरोपी को साथ लेकर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी की। कार्रवाई का उद्देश्य मामले में फरार आरोपियों का सुराग जुटाना तथा कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य और धनराशि की जानकारी हासिल करना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मामले में नामजद अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसीबी की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। हालांकि देर शाम तक किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
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गौरतलब है कि एसीबी ने 5 जुलाई को डीआरओ जोगिंदर शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। मेडिकल जांच के बाद 6 जुलाई को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
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50 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री जांच के घेरे में
एसीबी की जांच के अनुसार रायपुररानी क्षेत्र में पर्ल ग्रुप की करीब 50 एकड़ जमीन की कथित तौर पर नियमों के विपरीत रजिस्ट्री कर उसे कम कीमत पर बेचा गया। जिस समय ये रजिस्ट्रियां हुईं, उस दौरान विक्रम सिंगला रायपुररानी में तहसीलदार के पद पर तैनात थे। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिनमें जमीन की बिक्री से संबंधित कथित बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। वहीं पूछताछ के दौरान रायपुररानी के पूर्व तहसीलदार ने भी डीआरओ जोगिंदर शर्मा का नाम लिया है। एसीबी पूरे मामले में दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन, रजिस्ट्री प्रक्रिया और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।