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Panchkula News: शौक के लिए ड्राइविंग, अब महिलाओं की कर रहीं मदद
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कार चलातीं सोनाली। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। रात में घर से बाहर जाने में सभी लोग डरते हैं। इसी कारण लड़कियों को भी देर रात घर से बाहर जाने से मना किया जाता है। लेकिन एक महिला ऐसी भी है, जिसने शौक के लिए ड्राइविंग शुरू की, अब यही उसका रोजगार बन गया है। अब उसकी देर रात को महिलाओं को सुरक्षित घर पहुंचाना भी एक जिम्मेदारी बन गई है। पंचकूला सेक्टर-21 निवासी महिला कार चालक सोनाली को देर रात 12 से लेकर रात 3 बजे तक कोई भी महिला काॅल करती है तो उसको पिकअप करके सुरक्षित घर पहुंचाती है।
सोनाली का कहना है कि देर रात किसी भी काम से बाहर निकलने वाली महिलाओं से यही कहना है कि डर को कमजोरी न बनाएं। हिम्मत से मुश्किलों का सामना करें। उन्होंने 16 साल में दो हजार से अधिक महिलाओं सुरक्षित घर पहुंचाया है। उनके अनुसार कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, देर रात किसी महिला या लड़की का काॅल आता है तो बिना कुछ सोचे उनकी मदद को निकल जाती हैं।
नहीं मिला किसी का साथ
10 साल पहले पति ने साथ छोड़ दिया और सिंगल मां बनकर बेटे का पालन-पोषण किया। उनके अनुसार जिंदगी बहुत तकलीफ से गुजरी, तो ड्राइविंग करके आर्थिक स्थिति को मजबूत किया। महिला होने के नाते सुरक्षा के लिए देर रात सड़कों पर चलती हूं। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड व अन्य जगहों पर जाने के लिए या फिर वहां से आने के लिए महिला व लड़की का काॅल किसी समय आता है तो उनकी मदद करती हूँ। उनके अनुसार महिला होने की वजह से कार चलाते समय दिक्कत तो बहुत हुई। देररात ड्रंक करके लोग कैब बुक करते थे, और मजबूरी की वजह से उनको छोड़ती थी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए देर रात कार चलाती हूं।
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मम्मी के कार से सीखी ड्राइविंग करना
सोनाली ने बताया कि शौक के लिए मम्मी के कार से ड्राइविंग करना सीखी थी। उसके बाद जब कार अच्छे ड्राइव करने लगती तो 2008 से ओला और ऊबर कंपनी में जुड़कर काम करना शुरू किया। देर रात में ऐसे पैसेंजर मिले जो ड्रिंक करके कार बुक करते थे। उनके साथ ड्राइविंग करना मुश्किल होता था। कुछ महीने बाद महिला संस्थाओं से जुड़ी। महिलाओं कहीं जाना होता तो उनके लिए कार बुक करने लगी। पंचकूला में महिला संस्था जुड़ी तो लोगों को जानकारी हुई। 16 सालों से लगातार ड्राइविंग करते हुए अब खुद की कार खरीद ली। वर्तमान समय में दो कार है जो सेवन शीटर है। कार से हरियाणा के अलावा अन्य प्रदेशों तक सफर तय किया है। संस्था की महिलाओं बहुत जी बुकिंग आती है जिनको शहर से बाहर जाना होता है। पंचकूला से दिल्ली, लुधियाना, जंलधर, पंजाब, पानीपथ, हिसार, उत्तर-प्रदेश, बिजनौर, आगरा, हिमाचल प्रदेश, शिमला आदि शहरों तक कार लेकर गई हूं।
जानवरों से है प्यार
सोनाली ने बताया कि स्ट्रीट डाॅग और बेजुबानों से प्यार है। सड़क से उठाकर 10 अधिक स्ट्रीट डाॅग को घर पाल रखी ह। इसके अलावा रोड़ पर भूखे जानवारों को देखती हूं तो उनको खाना खिलाती हूं।
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पंचकूला। रात में घर से बाहर जाने में सभी लोग डरते हैं। इसी कारण लड़कियों को भी देर रात घर से बाहर जाने से मना किया जाता है। लेकिन एक महिला ऐसी भी है, जिसने शौक के लिए ड्राइविंग शुरू की, अब यही उसका रोजगार बन गया है। अब उसकी देर रात को महिलाओं को सुरक्षित घर पहुंचाना भी एक जिम्मेदारी बन गई है। पंचकूला सेक्टर-21 निवासी महिला कार चालक सोनाली को देर रात 12 से लेकर रात 3 बजे तक कोई भी महिला काॅल करती है तो उसको पिकअप करके सुरक्षित घर पहुंचाती है।
सोनाली का कहना है कि देर रात किसी भी काम से बाहर निकलने वाली महिलाओं से यही कहना है कि डर को कमजोरी न बनाएं। हिम्मत से मुश्किलों का सामना करें। उन्होंने 16 साल में दो हजार से अधिक महिलाओं सुरक्षित घर पहुंचाया है। उनके अनुसार कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, देर रात किसी महिला या लड़की का काॅल आता है तो बिना कुछ सोचे उनकी मदद को निकल जाती हैं।
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नहीं मिला किसी का साथ
10 साल पहले पति ने साथ छोड़ दिया और सिंगल मां बनकर बेटे का पालन-पोषण किया। उनके अनुसार जिंदगी बहुत तकलीफ से गुजरी, तो ड्राइविंग करके आर्थिक स्थिति को मजबूत किया। महिला होने के नाते सुरक्षा के लिए देर रात सड़कों पर चलती हूं। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड व अन्य जगहों पर जाने के लिए या फिर वहां से आने के लिए महिला व लड़की का काॅल किसी समय आता है तो उनकी मदद करती हूँ। उनके अनुसार महिला होने की वजह से कार चलाते समय दिक्कत तो बहुत हुई। देररात ड्रंक करके लोग कैब बुक करते थे, और मजबूरी की वजह से उनको छोड़ती थी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए देर रात कार चलाती हूं।
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मम्मी के कार से सीखी ड्राइविंग करना
सोनाली ने बताया कि शौक के लिए मम्मी के कार से ड्राइविंग करना सीखी थी। उसके बाद जब कार अच्छे ड्राइव करने लगती तो 2008 से ओला और ऊबर कंपनी में जुड़कर काम करना शुरू किया। देर रात में ऐसे पैसेंजर मिले जो ड्रिंक करके कार बुक करते थे। उनके साथ ड्राइविंग करना मुश्किल होता था। कुछ महीने बाद महिला संस्थाओं से जुड़ी। महिलाओं कहीं जाना होता तो उनके लिए कार बुक करने लगी। पंचकूला में महिला संस्था जुड़ी तो लोगों को जानकारी हुई। 16 सालों से लगातार ड्राइविंग करते हुए अब खुद की कार खरीद ली। वर्तमान समय में दो कार है जो सेवन शीटर है। कार से हरियाणा के अलावा अन्य प्रदेशों तक सफर तय किया है। संस्था की महिलाओं बहुत जी बुकिंग आती है जिनको शहर से बाहर जाना होता है। पंचकूला से दिल्ली, लुधियाना, जंलधर, पंजाब, पानीपथ, हिसार, उत्तर-प्रदेश, बिजनौर, आगरा, हिमाचल प्रदेश, शिमला आदि शहरों तक कार लेकर गई हूं।
जानवरों से है प्यार
सोनाली ने बताया कि स्ट्रीट डाॅग और बेजुबानों से प्यार है। सड़क से उठाकर 10 अधिक स्ट्रीट डाॅग को घर पाल रखी ह। इसके अलावा रोड़ पर भूखे जानवारों को देखती हूं तो उनको खाना खिलाती हूं।