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नाराजगी : किसानों पर लाठियां बरसाकर लोकतंत्र को शर्मसार किया, कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाकर राज्यपाल के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
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पंचकूला। किसानों पर लाठीचार्ज करने और कोविड-19 के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाकर कांग्रेसियों ने मंगलवार को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के नाम उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा को सौंपा। कांग्रेसियों ने यह ज्ञापन प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन और कालका विधानसभा से पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में सौंपा। इस मौके पर प्रदर्शन कर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की।
कांग्रेसियों ने इस दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं ही कोरोना के नियमों और धारा-144 उल्लंघन कर रहे हैं, तो जनता क्यों नहीं करेगी। चंद्रमोहन ने कहा कि हिसार में जिस प्रकार से शांति पूर्वक अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए प्रदर्शन कर रहे निहत्थे किसानों पर लाठियां भांजी गईं और आंसू गैस के गोले भी दागे गए उससे लोकतंत्र शर्मसार हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भाजपा कोरोना के समय में भी अवसर तलाश रही है, उससे स्पष्ट है कि यह किसान विरोधी सरकार है। जिस प्रकार से कोरोना काल में तीनों काले कृषि कानून संसद में धक्केशाही से पास करवा कर कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने का काम किया है, उससे भारतीय जनता पार्टी की किसान विरोधी छवि स्पष्ट झलकती है।
उन्होंने सवाल किया कि महिलाओं पर जिस समय लाठियां बरसाई जा रही थीं उस समय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता कहां चली गई थी। पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि हिसार में मुख्यमंत्री के इशारे पर की गई पुलिस की कार्रवाई इस बात की द्योतक है कि हरियाणा में तानाशाही सरकार के सामने सभी लोकतांत्रिक मूल्य बौने हैं। उन्होंने कहा कि रोंगटे खड़े कर देने वाली इस घटना से स्पष्ट होता है कि पुलिस की संवेदनाएं मर चुकी हैं।
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ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशी शर्मा, हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सुधा भारद्वाज, पार्षद संदीप सोही, पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के राजनीतिक सचिव हेमंत किंगर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एसपी अरोड़ा, प्रियंका हुड्डा, योगेंद्र क्वात्रा, सुषमा खन्ना, विजय धीर, विजय मोहन वर्मा, शरणजीत काका फ़िरोजपुर, महेंद्र राणा, देवेन्द्र शर्मा काला, जसबीर राणा, संदीप राणा जलोली, गुरपाल सिंह, राज कुमार सैनी, असगर अली, आलमगीर रेहना, अकरम सुल्तानपुर शामिल रहे।
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कांग्रेसियों ने इस दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं ही कोरोना के नियमों और धारा-144 उल्लंघन कर रहे हैं, तो जनता क्यों नहीं करेगी। चंद्रमोहन ने कहा कि हिसार में जिस प्रकार से शांति पूर्वक अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए प्रदर्शन कर रहे निहत्थे किसानों पर लाठियां भांजी गईं और आंसू गैस के गोले भी दागे गए उससे लोकतंत्र शर्मसार हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भाजपा कोरोना के समय में भी अवसर तलाश रही है, उससे स्पष्ट है कि यह किसान विरोधी सरकार है। जिस प्रकार से कोरोना काल में तीनों काले कृषि कानून संसद में धक्केशाही से पास करवा कर कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने का काम किया है, उससे भारतीय जनता पार्टी की किसान विरोधी छवि स्पष्ट झलकती है।
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उन्होंने सवाल किया कि महिलाओं पर जिस समय लाठियां बरसाई जा रही थीं उस समय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता कहां चली गई थी। पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि हिसार में मुख्यमंत्री के इशारे पर की गई पुलिस की कार्रवाई इस बात की द्योतक है कि हरियाणा में तानाशाही सरकार के सामने सभी लोकतांत्रिक मूल्य बौने हैं। उन्होंने कहा कि रोंगटे खड़े कर देने वाली इस घटना से स्पष्ट होता है कि पुलिस की संवेदनाएं मर चुकी हैं।
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ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशी शर्मा, हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सुधा भारद्वाज, पार्षद संदीप सोही, पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के राजनीतिक सचिव हेमंत किंगर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एसपी अरोड़ा, प्रियंका हुड्डा, योगेंद्र क्वात्रा, सुषमा खन्ना, विजय धीर, विजय मोहन वर्मा, शरणजीत काका फ़िरोजपुर, महेंद्र राणा, देवेन्द्र शर्मा काला, जसबीर राणा, संदीप राणा जलोली, गुरपाल सिंह, राज कुमार सैनी, असगर अली, आलमगीर रेहना, अकरम सुल्तानपुर शामिल रहे।