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Chandigarh DGP Transfer: एक साल में ही सुरेंद्र यादव का तबादला, IG राजकुमार को साैंपा कार्यभार
Wed, 02 Apr 2025 02:21 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 Apr 2025 02:21 AM IST
सार
सुरेंद्र सिंह यादव पिछले एक साल में कई मामलों को लेकर अक्सर विवादों में रहे हैं और उनके कार्यकाल में सबसे अधिक पुलिस जवान सस्पेंड भी किए गए हैं।
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चंडीगढ़ के डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव
- फोटो : फाइल
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विस्तार
चंडीगढ़ के डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव का चंडीगढ़ से एक साल बाद ही तबादला कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार उन्हें केंद्र में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) में डीआईजी के पद पर डेपुटेशन पर नियुक्त किया गया है, जबकि चंडीगढ़ में खाली हुए डीजीपी के पद पर मौजूदा आईजी राजकुमार सिंह को आगामी आदेशों तक नियुक्त किया गया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। आईपीएस यादव दिल्ली में आर्थिक अपराध शाखा में कार्यरत थे और मार्च 2024 में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ में डीजीपी के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद सबसे पहले वह उस समय विवादों में आए जब इनके आदेशों पर चंडीगढ़ में एक साथ 2763 जवानों का तबादला किया गया था। इससे पहले इतनी अधिक संख्या में कभी जवानों के तबादले नहीं हुए थे।
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इसके बाद इन्होंने थानों में पुलिस जवानों सहित पब्लिक मीटिंगों में हिस्सा लेकर जनता की शिकायतें सुनीं। उन्होंने नशा तस्करी, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में संलिप्त जवानों को रिटायर करवाया। हालांकि, कुछ महीनों पहले केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ में डीजीपी का पद भी खत्म कर दिया गया था और एडीजीपी का पद क्रिएट किया गया था, लेकिन सुरेंद्र सिंह यादव ने अपने नाम के आगे लगा डीजीपी नहीं हटाया और न ही उन्होंने अपने कार्यालय में एडीजीपी लिखवाया।
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यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। आईपीएस यादव दिल्ली में आर्थिक अपराध शाखा में कार्यरत थे और मार्च 2024 में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ में डीजीपी के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद सबसे पहले वह उस समय विवादों में आए जब इनके आदेशों पर चंडीगढ़ में एक साथ 2763 जवानों का तबादला किया गया था। इससे पहले इतनी अधिक संख्या में कभी जवानों के तबादले नहीं हुए थे।
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इसके बाद इन्होंने थानों में पुलिस जवानों सहित पब्लिक मीटिंगों में हिस्सा लेकर जनता की शिकायतें सुनीं। उन्होंने नशा तस्करी, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में संलिप्त जवानों को रिटायर करवाया। हालांकि, कुछ महीनों पहले केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ में डीजीपी का पद भी खत्म कर दिया गया था और एडीजीपी का पद क्रिएट किया गया था, लेकिन सुरेंद्र सिंह यादव ने अपने नाम के आगे लगा डीजीपी नहीं हटाया और न ही उन्होंने अपने कार्यालय में एडीजीपी लिखवाया।