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विकास : दोबारा होगी निशानदेही, सड़क चौड़ीकरण में आड़े आने वाले चीड़ के पेड़ों को कटने से बचाने की तैयारी
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मोरनी। बालग घाट से गझान के बीच सड़क को चौड़ा करने के लिए काटे जाने वाले चीड़ के पेड़ों को बचाने का एक और प्रयास किया जाएगा। वन एवं लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ज्यादा से ज्यादा पेड़ों को बचाने का प्रयास कर दोबारा से निशानदेही करेगी। इसके लिए दोनों विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से एक बार मुआयना भी किया है। मुआयना करने वाली टीम में वन विभाग की तरफ से वन रेंज प्रभारी शमशेर सिंह के साथ वन दारोगा और लोकनिर्माण विभाग के एसडीओ और जेई भी उपस्थित रहे।
पंचकूला से वाया मांधना, वाया चंडीमंदिर से आगे जल्लाहा गांव से लेकर टिक्कर ताल, भूड त्रिलोकपुर से लेकर मोरनी किला घाट और टिक्कर ताल से आगे कामजपुर मोड़ तक सड़क को चौड़ा करने का टेंडर अलॉट किया गया है। इसमें हजारों की संख्या में हरे पेड़ों को काटा जाना था, जिन्हें बचाने के लिए हरियाणा पंजाब उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी, इसके बाद दोबारा से निशानदेही करने और अधिक से अधिक पेड़ों को बचाने का प्रयास किया जाएगा।
इलाके के सोहन लाल, सतीश कुमार, संजीव लाला, रमेश कुमार ने बताया कि चीड़ के पेड़ इलाके की शान माने जाते हैं। इन्हें कटने से बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। इन पेड़ों को संजोए जाने से क्षेत्र की सुंदरता बनी रहेगी। सरकार और प्रशासन इसे गंभीरता से ले।
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पंचकूला से वाया मांधना, वाया चंडीमंदिर से आगे जल्लाहा गांव से लेकर टिक्कर ताल, भूड त्रिलोकपुर से लेकर मोरनी किला घाट और टिक्कर ताल से आगे कामजपुर मोड़ तक सड़क को चौड़ा करने का टेंडर अलॉट किया गया है। इसमें हजारों की संख्या में हरे पेड़ों को काटा जाना था, जिन्हें बचाने के लिए हरियाणा पंजाब उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी, इसके बाद दोबारा से निशानदेही करने और अधिक से अधिक पेड़ों को बचाने का प्रयास किया जाएगा।
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इलाके के सोहन लाल, सतीश कुमार, संजीव लाला, रमेश कुमार ने बताया कि चीड़ के पेड़ इलाके की शान माने जाते हैं। इन्हें कटने से बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। इन पेड़ों को संजोए जाने से क्षेत्र की सुंदरता बनी रहेगी। सरकार और प्रशासन इसे गंभीरता से ले।
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