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Panchkula News: हरियाणा रोडवेज में उप निरीक्षक और निरीक्षक पद बढ़ाने की मांग तेज
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पंचकूला। हरियाणा राज्य परिवहन विभाग में परिचालक से उप निरीक्षक और निरीक्षक पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर मांग तेज हो गई है। इस संबंध में मुख्य प्रधान सचिव मुख्यमंत्री हरियाणा राजेश खुल्लर को पत्र भेजकर पदोन्नति से जुड़ी फाइल को शीघ्र स्वीकृत करने का कर्मचारियों ने आग्रह किया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि हरियाणा राज्य परिवहन न केवल प्रदेश की जनता बल्कि पड़ोसी राज्यों के यात्रियों को भी सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध करा रहा है। विभाग के संचालन में चालक, परिचालक, उप निरीक्षक और निरीक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान समय में निरीक्षण स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है।
कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 1995 में विभाग की स्थापना के समय केवल 16 डिपो और लगभग 2800 बसें थीं, उसी के अनुरूप पद स्वीकृत किए गए थे। अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश में 24 डिपो, 14 उप-केंद्र और लगभग 5300 बसों का विशाल बेड़ा संचालित किया जा रहा है। इसके बावजूद उप निरीक्षक और निरीक्षक के सैकड़ों पद रिक्त पड़े हैं। साथ ही प्रदेश में 100 से अधिक बस स्टैंड बन चुके हैं, जिनकी निगरानी और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त स्टाफ की सख्त आवश्यकता है। ई-टिकटिंग मशीनों की जांच, बुकिंग ब्रांच, अवैध वाहनों पर कार्रवाई और यातायात शाखा के कार्यों के लिए भी पर्याप्त उप निरीक्षक और निरीक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
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पत्र में उल्लेख किया गया है कि हरियाणा राज्य परिवहन न केवल प्रदेश की जनता बल्कि पड़ोसी राज्यों के यात्रियों को भी सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध करा रहा है। विभाग के संचालन में चालक, परिचालक, उप निरीक्षक और निरीक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान समय में निरीक्षण स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है।
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कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 1995 में विभाग की स्थापना के समय केवल 16 डिपो और लगभग 2800 बसें थीं, उसी के अनुरूप पद स्वीकृत किए गए थे। अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश में 24 डिपो, 14 उप-केंद्र और लगभग 5300 बसों का विशाल बेड़ा संचालित किया जा रहा है। इसके बावजूद उप निरीक्षक और निरीक्षक के सैकड़ों पद रिक्त पड़े हैं। साथ ही प्रदेश में 100 से अधिक बस स्टैंड बन चुके हैं, जिनकी निगरानी और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त स्टाफ की सख्त आवश्यकता है। ई-टिकटिंग मशीनों की जांच, बुकिंग ब्रांच, अवैध वाहनों पर कार्रवाई और यातायात शाखा के कार्यों के लिए भी पर्याप्त उप निरीक्षक और निरीक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
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