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Panchkula News: राजपुरा के नजदीकी गांव की बहू ने खोई अपनी जान, अहमदाबाद विमान हादसे में सवार थीं अंजू शर्मा
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजपुरा। राजपुरा के करीब गांव उलाना में इस वक्त मातम पसरा है। अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में उलाना गांव की 55 वर्षीय बहू अंजू शर्मा ने अपनी जान गंवा दी है। यह खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। खुशमिजाज अंजू, मूल रूप से कुरुक्षेत्र की थीं और उलाना गांव में पवन शर्मा से ब्याही थीं। वह अपनी छोटी बेटी से मिलकर अपनी बड़ी बेटी से मिलने लंदन जा रही थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनका यह सफर अधूरा ही रह गया और एक हंसती-खेलती जिंदगी असमय ही काल का ग्रास बन गई।
अंजू शर्मा सिर्फ एक बेटी, मां या बहू नहीं थीं, वह खुशियों का पर्याय थीं। उनका हंसमुख स्वभाव और सोशल मीडिया पर उनकी जीवंत रील्स उन्हें जानने वालों के लिए एक यादगार बन गई थीं। परिवार और दोस्तों के लिए उनकी आखिरी इंस्टाग्राम रील, जो उन्होंने आदमी तो खिलौना है गाने पर बनाई थी, अब उनकी अंतिम याद बनकर सभी की आंखें नम कर रही है। उलाना गांव में अंजू की बुआ ने बताया कि टेक-ऑफ से ठीक पहले, उन्होंने अपने पिता जगदीश शर्मा से वीडियो कॉल पर बात की थी। किसे पता था, वह उनकी आखिरी बात होगी।
परिवार का मजबूत सहारा थीं अंजू
अंजू शर्मा ने लगभग पांच साल पहले अपने पति पवन शर्मा को खो दिया था। उसके बाद से वह अपने परिवार के लिए एक मजबूत स्तंभ थीं। उनकी आठ बहनें, जिनके लिए वह सबसे बड़ी थीं, अब टूट चुकी हैं। अंजू की सगी बुआ कमलेश ने बताया कि अंजू सिर्फ भतीजी नहीं, बल्कि बेटों जैसी थीं। वह सभी बहनों के दुख-सुख में सबसे पहले खड़ी होती थीं। जिस प्रकार से वह सभी पारिवारिक लोगों का ध्यान रखती थीं, उस हिसाब से वह हमारे लिए बेटी नहीं, बेटों जैसी थीं।
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शोक में डूबा उलाना गांव, पहचान की चुनौती ने बढ़ाया दर्द
अंजू के निधन से उलाना गांव में मातम छाया हुआ है। उनके ससुराल के साथ-साथ, उनकी सगी बुआ कमलेश के घर में भी रो-रोकर बुरा हाल है। पूर्व सरपंच राम सिंह, जो अंजू के पति पवन के बचपन के दोस्त थे, भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अंजू हमारे गांव की बहू थी। उसका पति पवन मेरा दोस्त था। हम साथ स्कूल पढ़े। पांच साल पहले पवन भी चला गया था। अब अंजू भी चली गई। गांव में सब दुखी हैं।
इस बीच, पुलिस अब अंजू के शव की पहचान के लिए वडोदरा में रह रही उनकी छोटी बेटी हनी शर्मा से डीएनए टेस्ट कराएगी। यह खबर ही परिवार के दर्द को और गहरा कर रही है, क्योंकि उन्हें अपनी बेटी के अंतिम दर्शन भी आसानी से नहीं हो पा रहे हैं।
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राजपुरा। राजपुरा के करीब गांव उलाना में इस वक्त मातम पसरा है। अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में उलाना गांव की 55 वर्षीय बहू अंजू शर्मा ने अपनी जान गंवा दी है। यह खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। खुशमिजाज अंजू, मूल रूप से कुरुक्षेत्र की थीं और उलाना गांव में पवन शर्मा से ब्याही थीं। वह अपनी छोटी बेटी से मिलकर अपनी बड़ी बेटी से मिलने लंदन जा रही थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनका यह सफर अधूरा ही रह गया और एक हंसती-खेलती जिंदगी असमय ही काल का ग्रास बन गई।
अंजू शर्मा सिर्फ एक बेटी, मां या बहू नहीं थीं, वह खुशियों का पर्याय थीं। उनका हंसमुख स्वभाव और सोशल मीडिया पर उनकी जीवंत रील्स उन्हें जानने वालों के लिए एक यादगार बन गई थीं। परिवार और दोस्तों के लिए उनकी आखिरी इंस्टाग्राम रील, जो उन्होंने आदमी तो खिलौना है गाने पर बनाई थी, अब उनकी अंतिम याद बनकर सभी की आंखें नम कर रही है। उलाना गांव में अंजू की बुआ ने बताया कि टेक-ऑफ से ठीक पहले, उन्होंने अपने पिता जगदीश शर्मा से वीडियो कॉल पर बात की थी। किसे पता था, वह उनकी आखिरी बात होगी।
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परिवार का मजबूत सहारा थीं अंजू
अंजू शर्मा ने लगभग पांच साल पहले अपने पति पवन शर्मा को खो दिया था। उसके बाद से वह अपने परिवार के लिए एक मजबूत स्तंभ थीं। उनकी आठ बहनें, जिनके लिए वह सबसे बड़ी थीं, अब टूट चुकी हैं। अंजू की सगी बुआ कमलेश ने बताया कि अंजू सिर्फ भतीजी नहीं, बल्कि बेटों जैसी थीं। वह सभी बहनों के दुख-सुख में सबसे पहले खड़ी होती थीं। जिस प्रकार से वह सभी पारिवारिक लोगों का ध्यान रखती थीं, उस हिसाब से वह हमारे लिए बेटी नहीं, बेटों जैसी थीं।
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शोक में डूबा उलाना गांव, पहचान की चुनौती ने बढ़ाया दर्द
अंजू के निधन से उलाना गांव में मातम छाया हुआ है। उनके ससुराल के साथ-साथ, उनकी सगी बुआ कमलेश के घर में भी रो-रोकर बुरा हाल है। पूर्व सरपंच राम सिंह, जो अंजू के पति पवन के बचपन के दोस्त थे, भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अंजू हमारे गांव की बहू थी। उसका पति पवन मेरा दोस्त था। हम साथ स्कूल पढ़े। पांच साल पहले पवन भी चला गया था। अब अंजू भी चली गई। गांव में सब दुखी हैं।
इस बीच, पुलिस अब अंजू के शव की पहचान के लिए वडोदरा में रह रही उनकी छोटी बेटी हनी शर्मा से डीएनए टेस्ट कराएगी। यह खबर ही परिवार के दर्द को और गहरा कर रही है, क्योंकि उन्हें अपनी बेटी के अंतिम दर्शन भी आसानी से नहीं हो पा रहे हैं।