फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   CTU buses will now be able to track just like Ola, Uber via mobile app

नई व्यवस्थाः ओला और उबर की तरह अब लोग सीटीयू बसों को भी कर सकेंगे ट्रैक, योजना शानदार

Tue, 07 Jan 2020 02:43 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 07 Jan 2020 02:43 PM IST
विज्ञापन
CTU buses will now be able to track just like Ola, Uber via mobile app
फाइल फोटो
चंडीगढ़ के सार्वजनिक परिवहन को स्मार्ट बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए मोबाइल एप बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। यह काम गुजरात की कंपनी को सौंपा गया है, जो अक्तूबर 2020 तक अपना काम खत्म करेगी। काम के पूरा होने के बाद शहरवासी ओला, उबर की तरह सीटीयू बसों को ट्रैक कर सकेंगे।
विज्ञापन


ट्रांसपोर्ट डायरेक्टर उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि तीन कंपनियों ने प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद ही इसकी वित्तीय बोली खोली गई थी। इसमें गुजरात की कंपनी एमनैक्स ने सबसे कम बोली लगाई थी, जिसे लेटर ऑफ एक्सेपटेंस सौंप दिया गया है। कंपनी ने अब काम भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


कंपनी की तरफ से सीटीयू की बसों का सर्वे किया जा रहा है। इसके अलावा कंपनी उपकरण तैयार करेगी और फिर बसों में उसे लगाएगी भी। प्रोजेक्ट के तहत बसों के लिए कई सुविधाएं प्रदान करनी हैं। इसमें यात्री बस के अंदर लगे स्क्रीन पर रूट और अगला गंतव्य देख सकेंगे। जिस जगह उतरना है, उसकी जानकारी भी स्क्रीन से मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आपातकालीन अलार्म की सुविधा होगी। बसों की कनेक्टिविटी बस स्टॉप से होगी, जिससे रियल टाइम लोगों को बस को लेकर मिल सकेगा कि कितनी देर में बस स्टॉप पर पहुंचेगी। यह सब कुछ एक मोबाइल एप के माध्यम से होगा, जिस पर काम भी चल रहा है। नियमों के तहत जो कंपनी यह उपकरण तैयार कर रही है, वह पांच साल तक इसके रख-रखाव का काम भी देखेगी।

पूरे प्रोजेक्ट के लिए सलाहकार नियुक्त करेगा विभाग

ट्रांसपोर्ट विभाग इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) के लिए सलाहकार की नियुक्ति करना चाहता है। इसके लिए विभाग की तरफ से आवेदन मांगे गए हैं। वर्ल्ड बैंक के नियमों के तहत प्रोजेक्ट पर नजर रखने के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति की जानी है। इसके अलावा विभाग खुद भी पूरे प्रोजेक्ट पर नजर रखेगा। इच्छुक एजेंसियां 10 जनवरी 2020 तक आवेदन कर सकेंगी, जबकि पहले समय सीमा 30 दिसंबर 2019 तक तय की गई थी।

ये सुविधाएं भी देनी हैं
- सभी बस स्टॉप पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले लगाए जाने हैं, ताकि बसों के आने के सही वक्त का पता लगे।
- प्राइमरी कंट्रोल स्टेशन के जरिए सीटीयू की सभी बसों में जीपीएस इंस्टाल किया जाएगा, जिसके द्वारा ही यह बसें ट्रैक की जाएंगी।
- बस ड्राइवरों को एसएमएस की सुविधा दी जाएगी, जिससे कि वह अपने निकलते वक्त की जानकारी दे सकेंगे, जिसकी निगरानी सीटीयू के सेंट्रल सिस्टम की ओर से की जाएगी।
- दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर स्मार्ट बस पास भी बनाए जाएंगे।
- लोगों तक ऐप के जरिए उनके फोन पर भी बसों के सही समय को पहुंचाना है।
- बस डिपो को भी प्राइमरी कंट्रोल स्टेशन से जोड़ा जाएगा।

शहर के सार्वजनिक परिवहन को स्मार्ट बनाने का काम चल रहा है। कंपनी ने करीब 10 करोड़ के उपकरण मंगवाए है। सर्वे किया जा रहा है, जिसके बाद बसों में यह उपकरण लगाए जाएंगे।
- उमा शंकर गुप्ता, डायरेक्टर, ट्रांसपोर्ट विभाग चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed