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शराब
Updated Sun, 14 Jan 2018 10:13 PM IST
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अवैध शराब पकड़ने गए पुलिस कर्मियों पर हमला, कई घायल
पुलिस पर बरसाए पत्थर, भाग कर बचाई अपनी जान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। शराब का अवैध कारोबार करने वाले आरोपियों को पकडऩे गई एस.टी.एफ. पुलिस पर आरोपियों ने हमला कर एक सहायक सब-इंस्पेक्टर तथा एक पुलिस हवलदार को घायल कर दिया। दोनों को सिविल अस्पताल दाखिल कराया गया है। थाना तिब्बड़ की पुलिस ने इस संबंधी विभिन्न धाराओं के अधीन केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
एसटीएफ गुरदासपुर की टीम की अगुवाई करने वाले तथा घायल सहायक सब-इंस्पेक्टर जगतार सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग गांव पाहड़ा में शराब का अवैध कारोबार करते हैं। इस सूचना के आधार पर वे गांव पाहड़ा के पुल पर पहुंचे तथा वहां दो नौजवानों को कहा कि देसी शराब चाहिए। ये नौजवान जो स्कूटर लिए खड़े थे, ने स्कूटर से 2 बोतल शराब दी तथा 400 रुपये ले लिए।
पुलिस अधिकारी ने आरोपियों से कहा अधिक शराब मिल सकती है तो उन्होंने कहा कि जरूर मिलेगी और 200 रुपये प्रति बोतल मिलेगी। इस पर पुलिस पार्टी ने 1200 रुपये देकर 6 बोतलें शराब लाने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि समारोह के लिए शराब चाहिए तथा बड़ी मात्रा में शराब खरीदनी है। जिस पर दोनों में से एक ने अपना नाम राजकुमार उर्फ राजू पुत्र करतार सिंह निवासी गांव गाजीकोट बताया। जब वे शराब लेकर आए तो किंदर निवासी गांव पाहड़ा भी था, जो शराब तैयार कर आगे बेचता है। जब पुलिस ने तीनों आरोपियों को काबू किया तो इन्होंने शोर मचा दिया। जिस पर किंदर का भाई बंटी और मट नाम के युवक के साथ 20 से अधिक लोग वहां आ गए और पथराव कर दिया।
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पथराव के कारण वह तथा हेड कांस्टेबल रंजीत सिंह घायल हो गए। जबकि बाकी कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनके साथियों ने उन्हें सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। घायल रंजीत सिंह के सिर पर 4 टांके लगे हैं।
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पुलिस पर बरसाए पत्थर, भाग कर बचाई अपनी जान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। शराब का अवैध कारोबार करने वाले आरोपियों को पकडऩे गई एस.टी.एफ. पुलिस पर आरोपियों ने हमला कर एक सहायक सब-इंस्पेक्टर तथा एक पुलिस हवलदार को घायल कर दिया। दोनों को सिविल अस्पताल दाखिल कराया गया है। थाना तिब्बड़ की पुलिस ने इस संबंधी विभिन्न धाराओं के अधीन केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
एसटीएफ गुरदासपुर की टीम की अगुवाई करने वाले तथा घायल सहायक सब-इंस्पेक्टर जगतार सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग गांव पाहड़ा में शराब का अवैध कारोबार करते हैं। इस सूचना के आधार पर वे गांव पाहड़ा के पुल पर पहुंचे तथा वहां दो नौजवानों को कहा कि देसी शराब चाहिए। ये नौजवान जो स्कूटर लिए खड़े थे, ने स्कूटर से 2 बोतल शराब दी तथा 400 रुपये ले लिए।
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पुलिस अधिकारी ने आरोपियों से कहा अधिक शराब मिल सकती है तो उन्होंने कहा कि जरूर मिलेगी और 200 रुपये प्रति बोतल मिलेगी। इस पर पुलिस पार्टी ने 1200 रुपये देकर 6 बोतलें शराब लाने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि समारोह के लिए शराब चाहिए तथा बड़ी मात्रा में शराब खरीदनी है। जिस पर दोनों में से एक ने अपना नाम राजकुमार उर्फ राजू पुत्र करतार सिंह निवासी गांव गाजीकोट बताया। जब वे शराब लेकर आए तो किंदर निवासी गांव पाहड़ा भी था, जो शराब तैयार कर आगे बेचता है। जब पुलिस ने तीनों आरोपियों को काबू किया तो इन्होंने शोर मचा दिया। जिस पर किंदर का भाई बंटी और मट नाम के युवक के साथ 20 से अधिक लोग वहां आ गए और पथराव कर दिया।
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पथराव के कारण वह तथा हेड कांस्टेबल रंजीत सिंह घायल हो गए। जबकि बाकी कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनके साथियों ने उन्हें सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। घायल रंजीत सिंह के सिर पर 4 टांके लगे हैं।