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बीए की फर्जी डिग्री के बूते बना ऑडिटर, यूनिवर्सिटी ने कहा- हमारा स्टूडेंट नहीं, केस दर्ज
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:44 AM IST
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बीए की फर्जी डिग्री के जरिए बना ऑडिटर
- यूनिवर्सिटी ने कहा- हमारा स्टूडेंट नहीं, केस दर्ज
- स्पोर्ट्स कोर्ट के तहत पाई नौकरी, वर्ष 2015 में नौकरी से किया था बर्खास्त
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अकाउंटेंट जनरल, पंजाब में स्पोर्ट्स कोटे के अंतर्गत हुई भर्ती में बीए की फर्जी डिग्री जमा करवा बतौर ऑडिटर नौकरी पाने के आरोपी पर सेक्टर-17 थाने में धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया गया है। सेक्टर-17 के प्लॉट नंबर-21 स्थित ऑडिट अकाउंटेंट जनरल, पंजाब ऑफिस में बतौर सीनियर डिप्टी अकाउंटेंट जनरल (एडमिन), अवस्थी वीएस ने आरोपी के खिलाफ यूटी पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने आरोपी की पहचान चंडीगढ़ के सेक्टर-28 निवासी देव सैनी के रूप में बताई। अवस्थी वीएस ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि स्पोर्ट्स रिक्रूटमेंट कोटे के अंतर्गत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी को बतौर ऑडिटर नौकरी दी गई। आरोपी ने 23 अप्रैल 2015 को ऑफिस ज्वाइन किया और राजस्थान के पिलानी स्थित श्रीधर यूनिवर्सिटी की बैचलर ऑफ आर्ट्स का अपना प्रोविजनल सर्टिफिकेट जमा कराया। वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान विभाग ने यूनिवर्सिटी से आरोपी की मार्कशीट की सत्यता बताने की अपील की। यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड की जांच करने पर पता लगा कि आरोपी कभी उनका स्टूडेंट रहा ही नहीं था। यूनिवर्सिटी के जवाब पर विभाग ने आरोपी को बीते वर्ष 14 अगस्त को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। अकाउंटेंट जनरल, पंजाब के उच्चाधिकारियों की आगामी जांच के बाद सीनियर डिप्टी अकाउंटेंट जनरल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। मामले के अंतिम चरण की पड़ताल जारी है और उसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जा सकता है।
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- यूनिवर्सिटी ने कहा- हमारा स्टूडेंट नहीं, केस दर्ज
- स्पोर्ट्स कोर्ट के तहत पाई नौकरी, वर्ष 2015 में नौकरी से किया था बर्खास्त
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अकाउंटेंट जनरल, पंजाब में स्पोर्ट्स कोटे के अंतर्गत हुई भर्ती में बीए की फर्जी डिग्री जमा करवा बतौर ऑडिटर नौकरी पाने के आरोपी पर सेक्टर-17 थाने में धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया गया है। सेक्टर-17 के प्लॉट नंबर-21 स्थित ऑडिट अकाउंटेंट जनरल, पंजाब ऑफिस में बतौर सीनियर डिप्टी अकाउंटेंट जनरल (एडमिन), अवस्थी वीएस ने आरोपी के खिलाफ यूटी पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने आरोपी की पहचान चंडीगढ़ के सेक्टर-28 निवासी देव सैनी के रूप में बताई। अवस्थी वीएस ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि स्पोर्ट्स रिक्रूटमेंट कोटे के अंतर्गत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी को बतौर ऑडिटर नौकरी दी गई। आरोपी ने 23 अप्रैल 2015 को ऑफिस ज्वाइन किया और राजस्थान के पिलानी स्थित श्रीधर यूनिवर्सिटी की बैचलर ऑफ आर्ट्स का अपना प्रोविजनल सर्टिफिकेट जमा कराया। वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान विभाग ने यूनिवर्सिटी से आरोपी की मार्कशीट की सत्यता बताने की अपील की। यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड की जांच करने पर पता लगा कि आरोपी कभी उनका स्टूडेंट रहा ही नहीं था। यूनिवर्सिटी के जवाब पर विभाग ने आरोपी को बीते वर्ष 14 अगस्त को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। अकाउंटेंट जनरल, पंजाब के उच्चाधिकारियों की आगामी जांच के बाद सीनियर डिप्टी अकाउंटेंट जनरल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। मामले के अंतिम चरण की पड़ताल जारी है और उसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जा सकता है।