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हत्या की आशंका पर पुलिस ने 5 दिन बाद जमीन से निकाला फौजी के दो वर्षीय बेटे का शव
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पांच दिन पहले जमीन में दफनाए गए दो वर्षीय बच्चे के शव को निकाला
सब हेड
सेना में हवलदार पिता ने अपने बेटे की हत्या की जताई थी आशंका
- ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार, थाना प्रभारी पिंजौर और परिजनों की मौजूदगी में जमीन से निकाला गया शव
- पिता ने पड़ोसी पर लगाया बेटे को मारने का आरोप, डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने में जताई असमर्थता
अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर। दो वर्षीय बेटे की हत्या करने की आशंका के चलते गांव करनपुर निवासी एक व्यक्ति ने मिट्टी में दफनाए गए बेटे के शव को निकाल कर पोस्टमार्टम करवाने की पुलिस से गुहार लगाई थी। इसी के मद्देनजर शनिवार को एसडीएम कालका की अनुमति लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार रोशनलाल, थाना प्रभारी पिंजौर मुकेश कुमार और परिजनों की मौजूदगी में शव को जमीन से निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए कालका के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया।
वहीं, दूसरी ओर शव पुराना होने की वजह से कालका के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने में असमर्थता जताई। पुलिस के अनुसार अब रविवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत स्थिति मेडिकल कालेज ले जाया जाएगा।
क्या है मामला
पुलिस को दी शिकायत में आर्मी में हवलदार के पद पर कार्यरत पिंजौर के गांव करनपुर निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि बेटे के शव को मिट्टी से निकाल कर उसका पोस्टमार्टम करवाया जाए क्योंकि उन्हें यकीन है कि उसके बेटे की हत्या की गई है जिसके पीछे आरोपियों का हाथ है। शिकायत में मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि 17 फरवरी को उसके दो वर्षीय बेटे बलकीरत सिंह उर्फ अवी के साथ खेलने के लिए पड़ोस की लड़की उसे अपने घर ले गई। इस दौरान लड़की के बड़े भाई ने उसके बेटे बलकीरत को चोट मार दी। शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया कि लड़की के पिता ने अपने बेटे का साथ देते हुए उन्हें बिना बताए उसके बेटे बलकीरत को पहले प्राइमरी हेल्थ सेंटर नानकपुर और उसके बाद पिंजौर के एक निजी अस्पताल में ले कर गए। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उसके बेटे की मौत हो गई तो आरोपियों ने उसके बेटे बलकीरत की मौत के असली कारण को छिपाने के लिए बहाना बनाया कि बच्चे बलकिरत की मौत दीवार के अचानक गिर जाने से उसके नीचे आने से हुई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि जिस दीवार के गिरने की आरोपी बात कर रहे हैं वह दीवार घर की छत पर बनी है और करीब साढ़े चार फुट ऊंची दीवार की सीमेंट से चिनाई की हुई थी। दीवार अपने आप गिर ही नहीं सकती। शिकायतकर्ता ने पुलिस से गुहार लगाते हुए मांग की कि उसके मृत बेटे के शव को मिट्टी से निकाल कर उसका पोस्टमार्टम करवाया जाए क्योंकि उसेआशंका है उसके बेटे की हत्या की गई है और जिसके पीछे पड़ोसी का हाथ है।
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शनिवार को नहीं हो सका शव का पोस्टमार्टम
फौजी परमजीत सिंह के बेटे की हत्या की शिकायत पर पुलिस ने शुक्रवार को सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पहुंच कर घटना स्थल का मुआयना किया और साक्ष्य इकट्ठा किए। शनिवार को एसडीएम कालका की अनुमति लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार रोशनलाल, थाना प्रभारी पिंजौर मुकेश कुमार और परिजनों की मौजूदगी में शव को जमीन से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए कालका के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
कालका के सरकारी अस्पताल में रखा बच्चे का शव
थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि परमजीत की शिकायत पर शव को जमीन से निकालने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए अधिकारियों की मौजूदगी में शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए कालका के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि शव पुराना होने की वजह से डॉक्टरों ने अपने आप को पोस्टमार्टम के लिए अनाधिकृत बताते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के सरकारी मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि जब इस संबंध में उन्होंने सोनीपत अस्पताल के डॉक्टरों से संपर्क किया गया तो उन्होंने शव को रविवार की सुबह लाने के लिए कहा। फिलहाल बच्चे का शव कालका के सरकारी अस्पताल में रखा गया है।
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सब हेड
सेना में हवलदार पिता ने अपने बेटे की हत्या की जताई थी आशंका
- ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार, थाना प्रभारी पिंजौर और परिजनों की मौजूदगी में जमीन से निकाला गया शव
- पिता ने पड़ोसी पर लगाया बेटे को मारने का आरोप, डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने में जताई असमर्थता
अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर। दो वर्षीय बेटे की हत्या करने की आशंका के चलते गांव करनपुर निवासी एक व्यक्ति ने मिट्टी में दफनाए गए बेटे के शव को निकाल कर पोस्टमार्टम करवाने की पुलिस से गुहार लगाई थी। इसी के मद्देनजर शनिवार को एसडीएम कालका की अनुमति लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार रोशनलाल, थाना प्रभारी पिंजौर मुकेश कुमार और परिजनों की मौजूदगी में शव को जमीन से निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए कालका के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया।
वहीं, दूसरी ओर शव पुराना होने की वजह से कालका के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने में असमर्थता जताई। पुलिस के अनुसार अब रविवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत स्थिति मेडिकल कालेज ले जाया जाएगा।
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क्या है मामला
पुलिस को दी शिकायत में आर्मी में हवलदार के पद पर कार्यरत पिंजौर के गांव करनपुर निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि बेटे के शव को मिट्टी से निकाल कर उसका पोस्टमार्टम करवाया जाए क्योंकि उन्हें यकीन है कि उसके बेटे की हत्या की गई है जिसके पीछे आरोपियों का हाथ है। शिकायत में मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि 17 फरवरी को उसके दो वर्षीय बेटे बलकीरत सिंह उर्फ अवी के साथ खेलने के लिए पड़ोस की लड़की उसे अपने घर ले गई। इस दौरान लड़की के बड़े भाई ने उसके बेटे बलकीरत को चोट मार दी। शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया कि लड़की के पिता ने अपने बेटे का साथ देते हुए उन्हें बिना बताए उसके बेटे बलकीरत को पहले प्राइमरी हेल्थ सेंटर नानकपुर और उसके बाद पिंजौर के एक निजी अस्पताल में ले कर गए। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उसके बेटे की मौत हो गई तो आरोपियों ने उसके बेटे बलकीरत की मौत के असली कारण को छिपाने के लिए बहाना बनाया कि बच्चे बलकिरत की मौत दीवार के अचानक गिर जाने से उसके नीचे आने से हुई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि जिस दीवार के गिरने की आरोपी बात कर रहे हैं वह दीवार घर की छत पर बनी है और करीब साढ़े चार फुट ऊंची दीवार की सीमेंट से चिनाई की हुई थी। दीवार अपने आप गिर ही नहीं सकती। शिकायतकर्ता ने पुलिस से गुहार लगाते हुए मांग की कि उसके मृत बेटे के शव को मिट्टी से निकाल कर उसका पोस्टमार्टम करवाया जाए क्योंकि उसेआशंका है उसके बेटे की हत्या की गई है और जिसके पीछे पड़ोसी का हाथ है।
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शनिवार को नहीं हो सका शव का पोस्टमार्टम
फौजी परमजीत सिंह के बेटे की हत्या की शिकायत पर पुलिस ने शुक्रवार को सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पहुंच कर घटना स्थल का मुआयना किया और साक्ष्य इकट्ठा किए। शनिवार को एसडीएम कालका की अनुमति लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार रोशनलाल, थाना प्रभारी पिंजौर मुकेश कुमार और परिजनों की मौजूदगी में शव को जमीन से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए कालका के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
कालका के सरकारी अस्पताल में रखा बच्चे का शव
थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि परमजीत की शिकायत पर शव को जमीन से निकालने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए अधिकारियों की मौजूदगी में शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए कालका के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि शव पुराना होने की वजह से डॉक्टरों ने अपने आप को पोस्टमार्टम के लिए अनाधिकृत बताते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के सरकारी मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि जब इस संबंध में उन्होंने सोनीपत अस्पताल के डॉक्टरों से संपर्क किया गया तो उन्होंने शव को रविवार की सुबह लाने के लिए कहा। फिलहाल बच्चे का शव कालका के सरकारी अस्पताल में रखा गया है।