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नगर काउंसिल में फैले भ्रष्टाचार का मामला सीबीआई के पास पहुंचा
Updated Thu, 20 Sep 2018 10:16 PM IST
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प्रापर्टी टैक्स में गड़बड़ी की शिकायत सीबीआई को
और भी हैं कई पर्तें, जांच में सामने आ सकता है करोड़ों का है प्रापर्टी टैक्स घोटाला
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। नगर काउंसिल में प्रापर्टी टैक्स में गड़बड़ी का मामला सीबीआई के दरबार पहुंच गया है। मामले की शिकायत नेशनल एंटी करप्शन काउंसिल के पंजाब प्रधान संदीप सिंगला बरनाला ने सीबीआई को दी है। नगर काउंसिल के दो अधिकारियों की ओर से बरनाला के समाज सेवी दीवान चंद का प्रापर्टी टैक्स एक लाख 70 हजार रुपये से कम करके 55 हजार रुपये करने फिर रसीद सिर्फ 11 हजार 400 रुपये देने का उजागर होने के बाद काउंसिल में फैले भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। नगर काउंसिल के ठेकेदार, जो 20 वर्षों से नगर काउंसिल के जुडे़ हैं, उनका कहना है कि नगर काउंसिल में प्रापर्टी टैक्स का घोटाला करोड़ों का है।
बड़ी फर्मों से नाम मात्र का टैक्स लिया जता है
ठेकेदार हितअभिलाषी ने बताया कि शहर की रसूखदार बड़ी फर्मों, बडे़ बडे़ डाक्टरों, क्लीनिक, बडे़ फैक्टरी मालिकों और उद्योगपतियों से नाम मात्र का प्रापर्टी टैक्स वसूला जाता है। नगर काउंसिल के अधिकारियों की हिम्मत नहीं कि इनसे पूरा टैक्स ले सकें, क्योंकि वह इनको सीधे तौर पर रिश्वत भेजते हैं।
टैक्स लगभग चार लाख, जमा हुए सिर्फ 26 हजार
इसके अलावा बरनाला निवासी दीवान चंद ने प्रापर्टी टैक्स घोटाले में एक केस का उदाहरण देते हुए कहा कि एक फर्म को तीन लाख 85 हजार रुपये प्रापर्टी टैक्स भेजा गया, लेकिन नगर काउंसिल के अधिकारियों ने उस फर्म से दो लाख रुपये ही लिए। जिसमें से 26 हजार रुपये नगर काउंसिल के टैक्स में भरे और बाकी रुपये बांट लिए। ऐसे सैकड़ों केस हैं।
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शिकायतकर्ता ने कभी शिकायत नहीं दी
इस संबंध में नगर काउंसिल के ईओ परविंदर सिंह भट्टी व प्रधान संजीव कुमार शोरी ने कहा कि शिकायतकर्ता दीवान चंद ने कभी उन तक पहुंच नहीं की। उनको तो अखबारों से खबर पढ़कर ही पता चला है। जहां तक बड़ी फर्मों से नाममात्र टैक्स लेने की बात है, यह सब वह गलत हैं। इन बातों में कोई दम नहीं है। सभी को उनकी प्रापर्टी की कीमत के मुताबिक स्क्वेयर फुट के हिसाब से प्रापर्टी टैक्स बनाकर भेजा जाता है। जबकि व्यापार महासंघ से पंजाब प्रधान ललित गर्ग ने लोकल बाडी मंत्री नवजोत सिद्धू व राज्य सरकार से घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
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और भी हैं कई पर्तें, जांच में सामने आ सकता है करोड़ों का है प्रापर्टी टैक्स घोटाला
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। नगर काउंसिल में प्रापर्टी टैक्स में गड़बड़ी का मामला सीबीआई के दरबार पहुंच गया है। मामले की शिकायत नेशनल एंटी करप्शन काउंसिल के पंजाब प्रधान संदीप सिंगला बरनाला ने सीबीआई को दी है। नगर काउंसिल के दो अधिकारियों की ओर से बरनाला के समाज सेवी दीवान चंद का प्रापर्टी टैक्स एक लाख 70 हजार रुपये से कम करके 55 हजार रुपये करने फिर रसीद सिर्फ 11 हजार 400 रुपये देने का उजागर होने के बाद काउंसिल में फैले भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। नगर काउंसिल के ठेकेदार, जो 20 वर्षों से नगर काउंसिल के जुडे़ हैं, उनका कहना है कि नगर काउंसिल में प्रापर्टी टैक्स का घोटाला करोड़ों का है।
बड़ी फर्मों से नाम मात्र का टैक्स लिया जता है
ठेकेदार हितअभिलाषी ने बताया कि शहर की रसूखदार बड़ी फर्मों, बडे़ बडे़ डाक्टरों, क्लीनिक, बडे़ फैक्टरी मालिकों और उद्योगपतियों से नाम मात्र का प्रापर्टी टैक्स वसूला जाता है। नगर काउंसिल के अधिकारियों की हिम्मत नहीं कि इनसे पूरा टैक्स ले सकें, क्योंकि वह इनको सीधे तौर पर रिश्वत भेजते हैं।
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टैक्स लगभग चार लाख, जमा हुए सिर्फ 26 हजार
इसके अलावा बरनाला निवासी दीवान चंद ने प्रापर्टी टैक्स घोटाले में एक केस का उदाहरण देते हुए कहा कि एक फर्म को तीन लाख 85 हजार रुपये प्रापर्टी टैक्स भेजा गया, लेकिन नगर काउंसिल के अधिकारियों ने उस फर्म से दो लाख रुपये ही लिए। जिसमें से 26 हजार रुपये नगर काउंसिल के टैक्स में भरे और बाकी रुपये बांट लिए। ऐसे सैकड़ों केस हैं।
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शिकायतकर्ता ने कभी शिकायत नहीं दी
इस संबंध में नगर काउंसिल के ईओ परविंदर सिंह भट्टी व प्रधान संजीव कुमार शोरी ने कहा कि शिकायतकर्ता दीवान चंद ने कभी उन तक पहुंच नहीं की। उनको तो अखबारों से खबर पढ़कर ही पता चला है। जहां तक बड़ी फर्मों से नाममात्र टैक्स लेने की बात है, यह सब वह गलत हैं। इन बातों में कोई दम नहीं है। सभी को उनकी प्रापर्टी की कीमत के मुताबिक स्क्वेयर फुट के हिसाब से प्रापर्टी टैक्स बनाकर भेजा जाता है। जबकि व्यापार महासंघ से पंजाब प्रधान ललित गर्ग ने लोकल बाडी मंत्री नवजोत सिद्धू व राज्य सरकार से घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।