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बैगलुरू के जंगलों में नौजवान की हत्या का मामला
Updated Tue, 07 Aug 2018 10:32 PM IST
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जमीन गिरवी रख देते थे पैसे, जान भी नहीं बचती थी
एक माह तक केस को दबाने वाली पुलिस केस दर्ज करने के बाद आंखें मूंदकर बैठी
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। विदेश ले जाने के नाम पर पंजाब समेत अन्य राज्यों के युवाओं की बंगलूरू के जंगलों में ले जाकर शूट करने के मामले में बरनाला पुलिस ने गुरप्रीत सिंह पुत्र मक्खन सिंह निवासी गांव काहनेके जिला बरनाला के बयान पर पंजाब के आठ लोगों सुखप्रीत सिंह, रणजीत सिंह, सुखप्रीत सिंह, रणजीत सिंह, गुरपाल सिंह, अनमोल शर्मा व हनी शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पीड़ित गुरप्रीत सिंह ने इन पर आरोप लगाया था कि इन लोगों से कनाडा भेजने के लिए 25 लाख में सौदा हुआ था। लेकिन उनको बंगलूरू के जंगलों में बांधकर रखा गया। वहां करीब 100 नौजवान बंधक बनाए हुए थे। जिनके परिजन रुपये नहीं भेजते थे, उन्हें गोली मार दी जाती थी और तीन युवकों को तो उसके सामने शूट किया गया। जो युवक जमीन गिरवी रखकर गए थे, उनकी जानें भी चली जातीं थी और पीछे से जमीन भी नहीं छूटती थी। इस तरह परिजन जमीन व बेटों से हाथ धो बैठते थे। लेकिन बरनाला पुलिस ने इस हीनियर क्राइम को एक महीने तक दबाकर रखा। अब बरनाला पुलिस पीड़ित गुरप्रीत से समझौता करवाकर कथित आरोपियों को क्लीन चिट्ट देने की फिराक में हैं।
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एक माह तक केस को दबाने वाली पुलिस केस दर्ज करने के बाद आंखें मूंदकर बैठी
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। विदेश ले जाने के नाम पर पंजाब समेत अन्य राज्यों के युवाओं की बंगलूरू के जंगलों में ले जाकर शूट करने के मामले में बरनाला पुलिस ने गुरप्रीत सिंह पुत्र मक्खन सिंह निवासी गांव काहनेके जिला बरनाला के बयान पर पंजाब के आठ लोगों सुखप्रीत सिंह, रणजीत सिंह, सुखप्रीत सिंह, रणजीत सिंह, गुरपाल सिंह, अनमोल शर्मा व हनी शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पीड़ित गुरप्रीत सिंह ने इन पर आरोप लगाया था कि इन लोगों से कनाडा भेजने के लिए 25 लाख में सौदा हुआ था। लेकिन उनको बंगलूरू के जंगलों में बांधकर रखा गया। वहां करीब 100 नौजवान बंधक बनाए हुए थे। जिनके परिजन रुपये नहीं भेजते थे, उन्हें गोली मार दी जाती थी और तीन युवकों को तो उसके सामने शूट किया गया। जो युवक जमीन गिरवी रखकर गए थे, उनकी जानें भी चली जातीं थी और पीछे से जमीन भी नहीं छूटती थी। इस तरह परिजन जमीन व बेटों से हाथ धो बैठते थे। लेकिन बरनाला पुलिस ने इस हीनियर क्राइम को एक महीने तक दबाकर रखा। अब बरनाला पुलिस पीड़ित गुरप्रीत से समझौता करवाकर कथित आरोपियों को क्लीन चिट्ट देने की फिराक में हैं।